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Hisar News: याशी कंपनी ने सर्वे रिपोर्ट में नाम व एरिया गलत दिखाया, ठीक करने के लिए पैसे भी दिए, फिर भी समस्या बरकरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2022 04:30 AM IST
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Yashi company showed the name and area wrong in the survey report, also gave money to fix it, yet the problem persists
शहरवासियों के साथ नगर निगम कार्यालय में सचिव नवीन नांदल से बातचीत करते पार्षद अमित ग्रोवर। - फोटो : Hisar
हसार। प्रॉपर्टी टैक्स की समस्याओं को लेकर शहरवासी वीरवार को एकत्रित होकर पार्षद अमित ग्रोवर के नेतृत्व में नगर निगम कार्यालय पहुंचे। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग लोग शामिल थे, जो प्रॉपर्टी टैक्स की समस्याओं के समाधान को लेकर कई माह से निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस मामले को लेकर अमित ग्रोवर सचिव नवीन नांदल से भी मिले और उन्होंने लोगों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने कहा कि 29 नवंबर को वह शहरवासियों को साथ लेकर बैठक का विरोध करेंगे। अगर पहले ही दिन इस मामले में कड़े फैसले नहीं लिए जाते हैं तो वह बाकी दो दिन भी इस बैठक का विरोध करेंगे। उधर निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए हॉरट्रोन से 12 कुशल कर्मचारियों को लेने का फैसला किया है।
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यह बोले शहरवासी
मेरा मकान 173.33 वर्ग गज में बना है और इसकी रजिस्ट्री मेरी पत्नी तारा यादव के नाम पर है। मगर कंपनी ने सर्वे में एरिया 73 वर्ग गज व मालिक का नाम राजकुमार कर दिया। एक बार कंपनी का कर्मचारी घर आया था, उसने मुझसे बाइक का पेट्रोल खत्म होने के नाम 100 रुपये भी लिए थे, लेकिन आज तक इन त्रुटियों को ठीक नहीं किया।
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अजय कुमार, चंदूलाल बाग
मेरी सास लक्ष्मी ने राजरानी नाम की महिला से 75 गज की प्रॉपर्टी खरीदी थी। अब उनका निधन हो चुका है। मैंने निगम से इसकी एनओसी ली थी। एनओसी में प्रॉपर्टी को 146 गज व मालिक का नाम राजरानी दर्शाया हुआ है। मैं तीन माह से निगम के चक्कर काट रही हूं। तीन बार आवेदन किया, लेकिन रद्द कर दिया।
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-आशा रानी
एचएसवीपी से एक सिंगल स्टोरी बूथ ऑक्शन पर लिया था। इसकी नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए 12 सितंबर को आवेदन किया था, लेकिन आज तक नई आईडी नहीं बनी। मेरा फाइल नंबर 2288 है।
मनीष, सेक्टर 13
मेरे मकान की रजिस्ट्री 325 वर्ग गज की है, जबकि इसे 333 वर्ग गज कर दिया गया। मैंने ठीक करने के लिए आवेदन किया था। 29 अक्तूबर को फाइल लेवल टू पर भी पहुंच गई थी। मगर आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
एचएस बजाज, बैंक कॉलोनी
शाखा की व्यवस्था बिगड़ी : ग्रोवर
प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के 2 क्लर्क दीपक व राजकुमार छुट्टी पर चल रहे हैं। 2 क्लर्कों की सीएम विंडो और कोर्ट की ड्यूटी लगाई हुई है। मात्र 3 क्लर्क ही कार्य कर रहे हैं। एक क्लर्क पिछले 1 सप्ताह से छुट्टी पर है। उसकी जगह एक क्लर्क गुरविंदर को फाइल अपडेट के साथ दीपक की लंबित फाइलों को निपटाने के लिए लगाया हुआ है। पिछले एक सप्ताह से दीपक के एरिया की फाइलें लंबित पड़ी हैं और नई फाइलें अप्लाई हो रही हैं। सीएम विंडो और कोर्ट के कार्यों में ड्यूटी लगने के बाद रजनीश व पवन क्लर्क के जगह पर भी किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। इस तरह से व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है।

हाउस टैक्स को लेकर नगर निगम बना भ्रष्टाचार का अड्डा : श्योराण
हिसार संघर्ष समिति ने हाउस टैक्स को लेकर नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और लूट खसौट की नीति पर गहरा रोष जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण ने कहा कि एचएसवीपी के सेक्टरों में हाउस टैक्स को लेकर भारी गोलमाल है। अगर नगर निगम इन प्लॉट पर हाउस टैक्स लगाना ही चाहता है तो उसकी प्रतिपूर्ति प्लॉट होल्डर के बजाय एचएसवीपी से की जानी चाहिए।
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