हिसार। पांडवकालीन प्रसिद्ध मां चंडके देवी मंदिर, पाबड़ा में नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, सहस्त्र चंडी पाठ और शिव महारुद्राभिषेक का आयोजन चल रहा है। मंदिर से कुछ दिन पहले माता का मुकुट, छत्र और अन्य सामग्री चोरी हो गई थी। हरियाणा रोडवेज यूनियन के प्रधान कुलदीप ने छत्र अर्पित किया जबकि अन्य भक्तों ने मुकुट अर्पित किया।
संयोजक जगदीश तायल ने बताया कि प्रतिदिन सुबह आठ से 11 बजे तक और शाम चार से सात बजे तक सहस्त्र चंडी पाठ और महायज्ञ किया जा रहा है। शाम को हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ, संतोषी माता और शनि देव का जाप किया जाता है। रात में भगवान शिव का महारुद्राभिषेक संपन्न होता है। 27 जनवरी को सुबह 10 बजे पूर्णाहुति दी जाएगी। आयोजन में जिला संचालक हांसी महेश बंसल, जगदीश गोयल (दिल्ली), अशोक गोयल, राजेंद्र लोहिया और शील कुमार कुंडू का सहयोग रहा।