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युद्धस्तर पर काम : ग्रीन कॉरिडोर के 3.75 किमी के टुकडे़ को बनाने में जुटे 50 जेसीबी, 10 पोपलैंड और 500 डंपर
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कब्जा कार्रवाई से खराब हुई फसल।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। ग्रीन कॉरिडोर के लिए अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई सिरे चढ़ते ही एनएचएआई ने युद्धस्तर पर 3.75 किलो मीटर लंबे टुकड़े का निर्माण शुरू करवा दिया है। वीरवार सुबह से शाम तक निशानदेही वाली जगह पर कब्जा लिया गया तो इसके बाद रातभर 500 डंपर यहां मिट्टी डालने के काम में लगे रहे। कब्जा कार्रवाई और एनएच के लिए अधिगृहीत जमीन पर मिट्टी भरने के कार्य में 50 जेसीबी और 10 पोकलैंड भी लगी हैं। एक हजार पुलिस कर्मियों की निगरानी में पिछले दो दिन से एनएच 152डी का निर्माण कार्य चल रहा है।
वीरवार सुबह छह बजे खातीवास में पहुंचा प्रशासनिक अमला रात के बाद शुक्रवार को भी वही डेरा डाले रहा। पुलिस कर्मियों ने खेतों में ही सर्द रात काटी। कुछ पुलिसकर्मी अलाव तापकर ठंड से बचाव करते नजर आए तो कुछ ने पुलिस वाहनों में बैठकर रात काटी। रातभर यहां मिट्टी डालने का कार्य चला। शुक्रवार सुबह पुलिसकर्मी दोबारा से खेतों में मुस्तैद नजर आए। वहीं, दूसरी ओर पुलिस फोर्स लगातार ग्रामीणों की हलचल पर नजर रखे हुए है। शुक्रवार को भी एसपी दीपक गहलावत और एसडीएम विरेंद्र सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा वीरवार रात को डीएसपी जोगेंद्र सिंह और बली सिंह भी वहीं मौजूद रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार तीन जिलों से बुलाई गई फोर्स को अभी वापस नहीं भेजा गया है। हालांकि दूसरे दिन पुलिस जवानों की तैनाती शिफ्ट में कर दी गई है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासनिक अमला दो भागों में बांटा हुआ है। दोनों तरफ करीब 25-25 जेसीबी, 250-250 डंपर और पांच-पांच पोकलैंड समेत दो हजार से अधिक लेबर लगी है। एनएच के बचे टुकड़े का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की योजना है।
एक घंटे में फंसे आठ डंपर, जेसीबी से नहीं बनी बात तो पोपलैंड से निकाले
संवाददाता ने एक घंटे तक खातीवास के समीप चल रहे नेशनल हाईवे 152-डी के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान 60 मिनट के अंदर खेतों में आठ डंपर फंसे। तीन डंपरों को तो जेसीबी से बाहर निकाला गया जबकि पांच के टायर ज्यादा धंसने पर उन्हें पोपलैंड से धक्का लगाकर बाहर निकाला गया। एक डंपर को निकालने में पांच से दस मिनट का समय लगा।
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खातीवास-रावलधी लिंक रोड उखाड़ने पर जताया ऐतराज
खातीवास के ग्रामीणों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रशासन ने रावलधी-खातीवास लिंक रोड को सील कर रखा है। जेसीबी से शुक्रवार सुबह रोड के टुकड़े को उखाड़ दिया गया जिससे किसानों के खेत में पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के हरा चारे का संकट गहराने से ग्रामीण परेशान हैं। पुलिसकर्मी किसी भी किसान को उसके खेत की तरफ नहीं जाने दे रहे।
वाटर वर्क्स के कर्मचारी को वापस भेजा, 2200 की आबादी को नहीं मिला पानी
अनूप सिंह समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि खातीवास-रावलधी लिंक रोड पर तैनात पुलिसकर्मियों ने वाटर वर्क्स के कर्मचारी को भी नहीं जाने दिया। उसे लौटना पड़ता और इसके चलते गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। इसका खामियाजा 2200 की आबादी को भुगतना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 350 घर हैं जिनमें पांच लाइनों के जरिये पेयजल आपूर्ति होती है।
पहले होगी पंचायत, फिर डीसी से मुलाकात
खातीवास के किसानों ने शुक्रवार को पंचायत की। यह पंचायत दो घंटे तक चली। पंचायत की अध्यक्षता करने वाले अनूप सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह नौ बजे पंचायत घर में दोबारा से पंचायत होगी। इसमें किसान नेता रमेश दलाल समेत वो ग्रामीण भी भा लेंगे जिनकी जमीन एनएच में अधिगृहीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इसके बाद 11 बजे कैंप ऑफिस में डीसी प्रदीप गोदारा से मुलाकात करेंगे। प्रशासन का रूख सकारात्मक रहा तो ठीक वरना तुरंत प्रभाव से नेशनल हाईवे के समीप ही धरना शुरू कर दिया जाएगा।
ये है खातीवास के किसानों की मांगें
- किसानों की मांग अनुसार अधिगृहीत की गई जमीन का प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
- जिस 70 एकड़ जमीन पर कार्रवाई की है उसके अलावा साथ लगती करीब 70 एकड़ जमीन पर बिजित फसल खराब हुई है, जिसका मुआवजा दिया जाए।
- कब्जा कार्रवाई से खेतों में लगाए गए 200 ट्यूबवेलों को नुकसान पहुंचा है जिसकी भरपाई की जाए।
- एनएच निर्माण से खेतों के रास्ते बंद हो जाएंगे और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- किसानों को खातीवास-रावलधी लिंक मार्ग से वाहनों के साथ खेतों में जाने दिया जाए।
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वीरवार सुबह छह बजे खातीवास में पहुंचा प्रशासनिक अमला रात के बाद शुक्रवार को भी वही डेरा डाले रहा। पुलिस कर्मियों ने खेतों में ही सर्द रात काटी। कुछ पुलिसकर्मी अलाव तापकर ठंड से बचाव करते नजर आए तो कुछ ने पुलिस वाहनों में बैठकर रात काटी। रातभर यहां मिट्टी डालने का कार्य चला। शुक्रवार सुबह पुलिसकर्मी दोबारा से खेतों में मुस्तैद नजर आए। वहीं, दूसरी ओर पुलिस फोर्स लगातार ग्रामीणों की हलचल पर नजर रखे हुए है। शुक्रवार को भी एसपी दीपक गहलावत और एसडीएम विरेंद्र सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा वीरवार रात को डीएसपी जोगेंद्र सिंह और बली सिंह भी वहीं मौजूद रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार तीन जिलों से बुलाई गई फोर्स को अभी वापस नहीं भेजा गया है। हालांकि दूसरे दिन पुलिस जवानों की तैनाती शिफ्ट में कर दी गई है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासनिक अमला दो भागों में बांटा हुआ है। दोनों तरफ करीब 25-25 जेसीबी, 250-250 डंपर और पांच-पांच पोकलैंड समेत दो हजार से अधिक लेबर लगी है। एनएच के बचे टुकड़े का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की योजना है।
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एक घंटे में फंसे आठ डंपर, जेसीबी से नहीं बनी बात तो पोपलैंड से निकाले
संवाददाता ने एक घंटे तक खातीवास के समीप चल रहे नेशनल हाईवे 152-डी के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान 60 मिनट के अंदर खेतों में आठ डंपर फंसे। तीन डंपरों को तो जेसीबी से बाहर निकाला गया जबकि पांच के टायर ज्यादा धंसने पर उन्हें पोपलैंड से धक्का लगाकर बाहर निकाला गया। एक डंपर को निकालने में पांच से दस मिनट का समय लगा।
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खातीवास-रावलधी लिंक रोड उखाड़ने पर जताया ऐतराज
खातीवास के ग्रामीणों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रशासन ने रावलधी-खातीवास लिंक रोड को सील कर रखा है। जेसीबी से शुक्रवार सुबह रोड के टुकड़े को उखाड़ दिया गया जिससे किसानों के खेत में पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के हरा चारे का संकट गहराने से ग्रामीण परेशान हैं। पुलिसकर्मी किसी भी किसान को उसके खेत की तरफ नहीं जाने दे रहे।
वाटर वर्क्स के कर्मचारी को वापस भेजा, 2200 की आबादी को नहीं मिला पानी
अनूप सिंह समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि खातीवास-रावलधी लिंक रोड पर तैनात पुलिसकर्मियों ने वाटर वर्क्स के कर्मचारी को भी नहीं जाने दिया। उसे लौटना पड़ता और इसके चलते गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। इसका खामियाजा 2200 की आबादी को भुगतना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 350 घर हैं जिनमें पांच लाइनों के जरिये पेयजल आपूर्ति होती है।
पहले होगी पंचायत, फिर डीसी से मुलाकात
खातीवास के किसानों ने शुक्रवार को पंचायत की। यह पंचायत दो घंटे तक चली। पंचायत की अध्यक्षता करने वाले अनूप सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह नौ बजे पंचायत घर में दोबारा से पंचायत होगी। इसमें किसान नेता रमेश दलाल समेत वो ग्रामीण भी भा लेंगे जिनकी जमीन एनएच में अधिगृहीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इसके बाद 11 बजे कैंप ऑफिस में डीसी प्रदीप गोदारा से मुलाकात करेंगे। प्रशासन का रूख सकारात्मक रहा तो ठीक वरना तुरंत प्रभाव से नेशनल हाईवे के समीप ही धरना शुरू कर दिया जाएगा।
ये है खातीवास के किसानों की मांगें
- किसानों की मांग अनुसार अधिगृहीत की गई जमीन का प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
- जिस 70 एकड़ जमीन पर कार्रवाई की है उसके अलावा साथ लगती करीब 70 एकड़ जमीन पर बिजित फसल खराब हुई है, जिसका मुआवजा दिया जाए।
- कब्जा कार्रवाई से खेतों में लगाए गए 200 ट्यूबवेलों को नुकसान पहुंचा है जिसकी भरपाई की जाए।
- एनएच निर्माण से खेतों के रास्ते बंद हो जाएंगे और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- किसानों को खातीवास-रावलधी लिंक मार्ग से वाहनों के साथ खेतों में जाने दिया जाए।

शुक्रवार को मौके पर मौजूद एसपी दीपक गहलावत, एसडीएम विरेंद्र सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी।- फोटो : CharkhiDadri

फोटो 12 एनएच के निर्माण कार्य में जुटे डंपर और जेसीबी।- फोटो : CharkhiDadri