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महिलाएं चुप्पी तोड़ें, हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाएं : जयाश्रद्धा

Fri, 07 Mar 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Fri, 07 Mar 2025 11:49 PM IST
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Women should raise their voice to fight for their rights
हिसार में कार्यशाला के दौरान मौजूद अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा।
हिसार। अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने कहा कि वर्तमान में हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। समाज में महिलाओं का अहम योगदान है। आज की महिला हर कार्य को करने में सक्षम है। महिला सशक्तीकरण के लिए उचित कदम उठाने के लिए सामाजिक दायित्व की जरूरत है। चुप न रहें, दबाव में न रहें, हक के लिए लड़ाई लड़े और न्याय के लिए आवाज उठाएं। वे शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के सभागार में जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्त्री-पुरुष समानता में नागरिक दायित्व विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तीन अलग-अलग भागों में कार्यशाला के दौरान लघु नाटिका, भाषण व मनोवैज्ञानिक विश्लेषण का मंचन किया गया। एडीसी ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने के लिए कहा कि इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। अगर किसी के साथ किसी तरह का शोषण होता है तो तुरंत आंतरिक (इंटरनल) कमेटी के संज्ञान में मामला लाना चाहिए और जहां आंतरिक कमेटी नहीं है वहां जिला प्रशासन द्वारा गठित लोकल कमेटी को मामले से अवगत करवाना चाहिए।
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मनोवैज्ञानिक डॉ. रविंद्र पूरी ने गुड टच तथा बेड टच सहित बॉडी लैंग्वेज के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. सुमेधा सिंह ने कहा कि यदि हम बेटी और बेटे को समान दृष्टि से परवरिश करते हैं तो निसंदेह बेटियां भी स्वयं को साबित करने में पीछे नहीं रहेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू राणा ने बताया कि महिला एवं पुरुषों में सामाजिक, आर्थिक एवं आध्यात्मिक समानता पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। पंचकूला से आई स्कूली बच्चों की टीम ने नाटक-साधना के माध्यम से महिलाओं के शोषण की कहानी ब्यां की, जिसमें एक लड़की हूं यही कसूर हैं, न्याय तो मुझसे कोसो दूर हैं, का संदेश दिया। इस मौके पर डॉ. प्रभु-दयाल, राजीव रंजन, शमस आदि मौजूद रहे।
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