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छह जिलों मे पूजन, हवन सामग्री, ज्योतिष, पंसारी, जड़ी-बूटी बेचने वाले दुकानदारों का डाटा इकट्ठा करेगा वन्य प्राणी विभाग
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हिसार। गंगा पूजन भंडार की आड़ में वन्य प्राणियों के अंगों को काला जादू में प्रयोग करने के मामले के बाद विभाग सख्त हो गया है। वन्य प्राणी विभाग की ओर से अब हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद, भिवानी और चरखीदादरी में सभी पूजन व हवन सामग्री, ज्योतिष, पंसारियों, जड़ी-बूटी बेचने, मछली गृह व पालतू पक्षी बेचने वाले दुकानदारों का डाटा एकत्रित कर उन्हें चेतावनी पत्र दिया जाएगा। इस दौरान दुकानदार का नाम, मोबाइल नंबर सहित अन्य चीजें नोट की जाएगी। इसको लेकर वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ वेदप्रकाश ने छह जिलो के इंस्पेक्टर को पत्र लिखकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
बता दें, कि गंगा पूजन भंडार की आड़ में वन्य प्राणियों के अंगों की बिक्री के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए सेक्टर-14 निवासी आरोपी सचिन गर्ग को वीरवार को जमानत मिल गई थी। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ वेदप्रकाश का कहना है कि आरोपी सचिन को जल्द ही जांच में शामिल किया जाएगा। इसको लेकर उसे समन भेजा जाएगा। यदि सचिन सहयोग करेगा तो जांच को आगे बढ़ाते हुए चालान पेश किया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि यदि आरोपी सहयोग नहीं करता है तो उस केस में आरोपी की जमानत रद्द करने और कस्टडी के लिए सेशन कोर्ट में अपील लगाई जाएगी।
सैंपल की देहरादून से रिपोर्ट आने का इंतजार
डीएफओ के अनुसार मोर के पंख, बिल्ली की जैर, गीदड़ सिंगी के सैंपल भेजे गए हैं। अब देहरादून की लैब से रिपोर्ट आने का इंतजार है। जल्द ही रिपोर्ट पहुंचने की संभावना है। वहीं अन्य अंगों के सैंपल भी जांच के लिए जल्द दो लैब में भेजे जाएंगे। वहीं वन्य प्राणी विभाग को शक है कि इस मामले में आरोपी सचिन के साथ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। अब जल्द ही सचिन को जांच में शामिल कर अन्य आरोपियों का भी पता लगाया जाएगा।
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यह था मामला
वन्य प्राणी विभाग की टीम ने 27 मई 2022 को वन्य जीवों के अंगों को कालू जादू में इस्तेमाल करने वाले आरोपी सचिन गर्ग को सेक्टर-14 से गिरफ्तार किया था। मगर अब आरोपी को जमानत मिल गई। बता दें, कि 3 नवंबर 2021 को वन्य प्राणी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शास्त्री बाजार में एक दुकान पर वन्य जीवों के अंगों को काला जादू में इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा है। सूचना मिलने पर हिसार सहित अन्य जिलों से वन्य जीव निरीक्षक पहुंचे। इस दौरान टीम ने मौके से 32 नंबर हथाजोड़ी, 11 नंबर शंख, 15 नंबर कोडी, 22 नंबर सियार सिंग, 30 नंबर बिल्ली की जैर, 5 नंबर मोर पंख उखड़े हुए बरामद हुए थे। वन्य जीव निरीक्षक हिसार की ओर से अंगों की जांच के लिए 4 नवंबर 2021 को देहरदून के वन्य प्राणी संस्थान में भेजा गया था। इनमें से भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की ओर से 28 अप्रैल 2022 का जब्त किए गए अंगों में से केवल 31 नंबर हथाजोड़ी का ही डीएनए विश्लेषण कर जांच रिपोर्ट कार्यालय में भेजी गई थी, जो वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम, 1972 की अनुसूची के अनुसार गोह का अंग पाया गया था।
तीन से चार दिन में आरोपी को जांच में सहयोग के लिए शामिल किया जाएगा। साथ ही अब विभाग की ओर से छह जिलों में पूजन व हवन सामग्री बिक्री, ज्योतिष, तांत्रिकों, पंसारियों, जड़ी-बूटी बेचने वाले दुकानदारों का डाटा जुटाया जाएगा। इसको लेकर जिलों के इंस्पेक्टरों को पत्र लिखा जा चुका है।
- वेदप्रकाश, डीएफओ, वन्य प्राणी विभाग
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बता दें, कि गंगा पूजन भंडार की आड़ में वन्य प्राणियों के अंगों की बिक्री के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए सेक्टर-14 निवासी आरोपी सचिन गर्ग को वीरवार को जमानत मिल गई थी। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ वेदप्रकाश का कहना है कि आरोपी सचिन को जल्द ही जांच में शामिल किया जाएगा। इसको लेकर उसे समन भेजा जाएगा। यदि सचिन सहयोग करेगा तो जांच को आगे बढ़ाते हुए चालान पेश किया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि यदि आरोपी सहयोग नहीं करता है तो उस केस में आरोपी की जमानत रद्द करने और कस्टडी के लिए सेशन कोर्ट में अपील लगाई जाएगी।
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सैंपल की देहरादून से रिपोर्ट आने का इंतजार
डीएफओ के अनुसार मोर के पंख, बिल्ली की जैर, गीदड़ सिंगी के सैंपल भेजे गए हैं। अब देहरादून की लैब से रिपोर्ट आने का इंतजार है। जल्द ही रिपोर्ट पहुंचने की संभावना है। वहीं अन्य अंगों के सैंपल भी जांच के लिए जल्द दो लैब में भेजे जाएंगे। वहीं वन्य प्राणी विभाग को शक है कि इस मामले में आरोपी सचिन के साथ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। अब जल्द ही सचिन को जांच में शामिल कर अन्य आरोपियों का भी पता लगाया जाएगा।
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यह था मामला
वन्य प्राणी विभाग की टीम ने 27 मई 2022 को वन्य जीवों के अंगों को कालू जादू में इस्तेमाल करने वाले आरोपी सचिन गर्ग को सेक्टर-14 से गिरफ्तार किया था। मगर अब आरोपी को जमानत मिल गई। बता दें, कि 3 नवंबर 2021 को वन्य प्राणी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शास्त्री बाजार में एक दुकान पर वन्य जीवों के अंगों को काला जादू में इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा है। सूचना मिलने पर हिसार सहित अन्य जिलों से वन्य जीव निरीक्षक पहुंचे। इस दौरान टीम ने मौके से 32 नंबर हथाजोड़ी, 11 नंबर शंख, 15 नंबर कोडी, 22 नंबर सियार सिंग, 30 नंबर बिल्ली की जैर, 5 नंबर मोर पंख उखड़े हुए बरामद हुए थे। वन्य जीव निरीक्षक हिसार की ओर से अंगों की जांच के लिए 4 नवंबर 2021 को देहरदून के वन्य प्राणी संस्थान में भेजा गया था। इनमें से भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की ओर से 28 अप्रैल 2022 का जब्त किए गए अंगों में से केवल 31 नंबर हथाजोड़ी का ही डीएनए विश्लेषण कर जांच रिपोर्ट कार्यालय में भेजी गई थी, जो वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम, 1972 की अनुसूची के अनुसार गोह का अंग पाया गया था।
तीन से चार दिन में आरोपी को जांच में सहयोग के लिए शामिल किया जाएगा। साथ ही अब विभाग की ओर से छह जिलों में पूजन व हवन सामग्री बिक्री, ज्योतिष, तांत्रिकों, पंसारियों, जड़ी-बूटी बेचने वाले दुकानदारों का डाटा जुटाया जाएगा। इसको लेकर जिलों के इंस्पेक्टरों को पत्र लिखा जा चुका है।
- वेदप्रकाश, डीएफओ, वन्य प्राणी विभाग