फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   What happen to a people when a police department is thefting electricity

क्या होगा आम उपभोक्ता का, जब चोर पकड़ने वाली पुलिस ही निकले बिजली चोर...

Sat, 29 Apr 2017 12:48 AM IST
amarujala/Hisar
amarujala/Hisar Updated Sat, 29 Apr 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
बिजली विभाग की छापामार टीम ने शुक्रवार को जेई कुलदीप सिंह के नेतृत्व में सिटी थाना, सीआईए स्टाफ कार्यालय एवं फायर बिग्रेड विभाग में छापे मारकर बिना मीटर के सीधी बिजली लेते हुए पकड़े। जेई कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जब से नया सिटी थाना बना है इसमें कोई मीटर नहीं है और न ही नये मीटर के लिये आवेदन किया हुआ है और कुंडी लगाकर सीधी बिजली ली जा रही थी। उधर पुराना सिटी थाना जो कि अब सीआईए स्टाफ कार्यालय में तबदील हो गया है, वहां का मीटर कई दिनों से डिस्कनेक्टेड है। वहां भी कुंडी लगाकर सीधी बिजली ली जा रही थी। इसी प्रकार बिजली चोरी का मामला दमकल विभाग में पकड़ा गया। दमकल विभाग में आज तक कोई मीटर नहीं है और दमकल विभाग के कर्मचारी बिजली की सीधी तार लगाकर चोरी करते हुए पकड़े गये है। जेई कुलदीप सिंह ने बताया कि तीनों विभागों को बिजली चोरी की एलएल-वन भरकर नोटिस जारी कर दिये गये है व अवैध बिजली के चल रहे कनेक्शनों का काट दिया गया है।  
विज्ञापन


तो थानों में क्यों नहीं लगे मीटर .....
अगर चोर पकड़ने वाले पुलिस कर्मचारी ही चोर निकले तो ऐसी स्थिति में आम आदमी का क्या होगा। हांसी के सिटी पुलिस थाने में मीटर नहीं है, सीआईए थाने में मीटर डिस्कनेक्टेड है। वहीं इसके अलावा दमकल विभाग में पिछले काफी समय से कुंडी लगा कर बिजली चोरी की जा रही है। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि बिजली निगम लाइनलॉस को लेकर क्षेत्र में कई-कई घंटों की कटौती कर रहा है। अगर देखा जाए तो लाइनलॉस का सबसे बड़ा कारण इन सरकारी कार्यालयों में बिजली चोरी करना है। अगर उक्त थानों में बिजली के मीटर लगे होते व या बिजली चोरी नहीं की होती तो लाइनलॉस में काफी हद तक कमी आ सकती थी।
विज्ञापन


लाइनलॉस का सबसे बड़ा कारण विभागों में बिजली की चोरी
 हांसी में जो इतने घंटों की बिजली कटौती की जा रही है। उसका सबसे बड़ा कारण विभागों द्वारा बिजली चोरी करना है। उक्त विभागों में या तो मीटर नहीं होता या फिर सरेआम कुंडी लगाकर बिजली चोरी की जाती है। ऐसा भी नहीं है कि बिजली निगम अधिकारियों को इस बारे जानकारी नहीं होती। लेकिन पुलिस प्रशासन का नाम सामने आने पर वह यहां कार्रवाई करने से हिचकिचाते है। वहीं इतने सालों में यह पहली बार था जब इस बार उक्त थानों में कार्रवाई की गई। उक्त विभागों के अलावा हांसी शहर में लगे अवैध स्ट्रीट लाइट कनेक्शन भी बिजली चोरी का एक अन्य बड़ा उदाहरण है। वहीं इस बारे में लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकारी विभागों की खामियों का दंड वह क्यों भरे। लोगों का कहना है कि अगर उक्त थानों में बिजली चोरी नहीं की होती तो बिजली कटौती में काफी हद तक कमी हो सकती थी। लेकिन सरकारी कार्यालयों द्वारा बिजली चोरी करने के चलते इसका भार उन पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह कहते अधिकारी  
डीएसपी नरेंद्र कादयान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुराने सिटी थाना जो अब सीआईए स्टाफ में परिवर्तित हो गये है वहां एक मीटर लगा हुआ है जिसका बिल विभाग द्वारा भरा जा रहा है। वे पूरे मामले की जांच कर रहे है कि सिटी थाना में अब तक मीटर क्यों नहीं लगाया गया।
इस संबंध में बिजली निगम के एसडीओ सतपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 3 जगह थेफ्ट केस मिले है। वहीं उक्त तीनों थानों के अलावा सदर थाना की तरफ से करीब एक लाख का बिल बकाया पड़ा है।


निगम के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर के दिशा-निर्देश पर अभियान चलाया गया है। शुक्रवार को गर्वमेंट रिहायशी कालोनी में यह अभियान चला कर बिजली चोरी के केस पकड़े गए।  
-  सतपाल सिंह, एसडीओ, बिजली निगम, हांसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed