{"_id":"68bc804a941c0d41960506b4","slug":"water-leaking-from-under-the-railway-track-balasmand-branch-broken-in-two-places-after-55-hours-repaired-ghaggar-drain-with-the-help-of-sdrf-team-hisar-news-c-21-hsr1020-704524-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: रेलवे ट्रैक के नीचे से पानी का रिसाव, बालसमंद ब्रांच दो जगह से टूटी, एसडीआरएफ टीम की मदद से 55 घंटे बाद घग्गर ड्रेन दुरुस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: रेलवे ट्रैक के नीचे से पानी का रिसाव, बालसमंद ब्रांच दो जगह से टूटी, एसडीआरएफ टीम की मदद से 55 घंटे बाद घग्गर ड्रेन दुरुस्त
विज्ञापन
हिसार-सादुलपुर ट्रैक से गुजरती ट्रेन और पास में जलभराव।
हिसार। लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को पानी हिसार-सादुलपुर रेल लाइन के नीचे से बहने लगा। ट्रैक धंसने की आशंका के बीच रेलवे कर्मचारियों ने मिट्टी के बैग लगाकर रिसाव रोकने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। उधर, पानी की मात्रा बढ़ने से बालसमंद ब्रांच दो जगह से टूट गई, जिसे शाम तक दुरुस्त नहीं किया जा सका। एचएयू के पास राणा माइनर टूटने से आसपास के क्षेत्र में पानी भर गया। गांव कैमरी-पातन के पास चार दिन से टूटी घग्गर ड्रेन को करीब 55 घंटे बाद शाम चार बजे दुरस्त कर दिया गया। एसडीआरएफ की 30 सदस्यीय टुकड़ी ने 7 घंटे की मशक्कत के बाद ड्रेन में आए कटाव को पाट दिया। इस दौरान डीसी अनीश यादव, एसडीएम ज्योति मित्तल करीब एक घंटे तक मौके पर रहे और ड्रेन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुकलान के पास टूटी ड्रेन और सरसाना माइनर को भी ठीक कर दिया गया।
हिसार-सादुलपुर रेल लाइन पर करीब दो किलोमीटर तक दोनों ओर पानी भरा है। रेलवे की स्पेशल मेंटीनेंस ट्रेन के जरिए मौके पर बैग, पत्थर, मिट्टी सहित अन्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। कैमरी- पातन के बीच पिछले दस दिन में करीब चार बार ड्रेन टूट चुकी है। एहतियात के तौर पर गंगवा की 30 से अधिक ढाणी खाली कराई जा चुकी हैं। ड्रेन ठीक हुई तो गांव के लोगों ने बाबा ब्रह्मचारी के जयकारे लगाए और तालियां बजाकर मजदूरों व एसडीएआरफ की टीम का आभार जताया। ड्रेन को पाटने के लिए 450 से अधिक मनरेगा मजदूर लगाए और 250 से 300 ग्रामीण भी दिनभर जुटे रहे। बाबा ब्रह्मचारी सेवा समिति, ग्रामीणों, जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज टांक माही सहित युवाओं की दस से अधिक टीमें भी सहयोग में लगी रहीं।
तीन हाइवे पर चार दिन से जलसंकट
हिसार में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-52 पर गांव सरसौद, हांसी - बरवाला एनएच 148बी पर गांव चानौत ,दिल्ली-हिसार एनएच 9 पर मुंढाल, भैणी महाराजपुर में रोड का कुछ हिस्सा चार दिन से पानी में डूबा हुआ है। हिसार- भादरा स्टेट हाइवे पर भी आर्यनगर में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में जलभराव है।
विज्ञापन
रामगढ़ बस्ती में पहुंचे डीसी
उपायुक्त अनीश यादव गांव शनिवार को गंगवा के पास रामगढ़ बस्ती में पहुंचे। उन्होंने ट्रैक्टर पर सवार होकर आबादी क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया। रामगढ़ बस्ती में आ रहे पानी को रोकने के लिए अधिकारियों को हर संभव कदम उठाने के लिए निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि लगभग 200 गांवों में कृषि क्षेत्र और 15 गांवों का आबादी क्षेत्र जलभराव से प्रभावित हुआ है।
30 हजार किसानों की 2 लाख एकड़ फसल खराब
जिले के 276 गांवों के लगभग 30 हजार किसानों ने क्षति पूर्ति पोर्टल पर 2 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज की है। कोथकलां में मकान गिरने से मृतक रहिशा के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में अधिक पानी आने से नुकसान
लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने शनिवार को गांव खरड़, न्याणा, खोखा, धांसू, मिर्जापुर में कृषि- आबादी क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि आमतौर पर जुलाई, अगस्त व सितंबर में 298 एमएम बरसात होती है। इस बार 6 सितंबर तक ही 608 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में जींद व अन्य जिलों से हुए भारी वाटर डिस्चार्ज के कारण यह ड्रेन हिसार में कई स्थानों पर टूटी।
विज्ञापन
हिसार-सादुलपुर रेल लाइन पर करीब दो किलोमीटर तक दोनों ओर पानी भरा है। रेलवे की स्पेशल मेंटीनेंस ट्रेन के जरिए मौके पर बैग, पत्थर, मिट्टी सहित अन्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। कैमरी- पातन के बीच पिछले दस दिन में करीब चार बार ड्रेन टूट चुकी है। एहतियात के तौर पर गंगवा की 30 से अधिक ढाणी खाली कराई जा चुकी हैं। ड्रेन ठीक हुई तो गांव के लोगों ने बाबा ब्रह्मचारी के जयकारे लगाए और तालियां बजाकर मजदूरों व एसडीएआरफ की टीम का आभार जताया। ड्रेन को पाटने के लिए 450 से अधिक मनरेगा मजदूर लगाए और 250 से 300 ग्रामीण भी दिनभर जुटे रहे। बाबा ब्रह्मचारी सेवा समिति, ग्रामीणों, जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज टांक माही सहित युवाओं की दस से अधिक टीमें भी सहयोग में लगी रहीं।
विज्ञापन
तीन हाइवे पर चार दिन से जलसंकट
हिसार में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-52 पर गांव सरसौद, हांसी - बरवाला एनएच 148बी पर गांव चानौत ,दिल्ली-हिसार एनएच 9 पर मुंढाल, भैणी महाराजपुर में रोड का कुछ हिस्सा चार दिन से पानी में डूबा हुआ है। हिसार- भादरा स्टेट हाइवे पर भी आर्यनगर में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में जलभराव है।
विज्ञापन
रामगढ़ बस्ती में पहुंचे डीसी
उपायुक्त अनीश यादव गांव शनिवार को गंगवा के पास रामगढ़ बस्ती में पहुंचे। उन्होंने ट्रैक्टर पर सवार होकर आबादी क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया। रामगढ़ बस्ती में आ रहे पानी को रोकने के लिए अधिकारियों को हर संभव कदम उठाने के लिए निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि लगभग 200 गांवों में कृषि क्षेत्र और 15 गांवों का आबादी क्षेत्र जलभराव से प्रभावित हुआ है।
30 हजार किसानों की 2 लाख एकड़ फसल खराब
जिले के 276 गांवों के लगभग 30 हजार किसानों ने क्षति पूर्ति पोर्टल पर 2 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज की है। कोथकलां में मकान गिरने से मृतक रहिशा के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में अधिक पानी आने से नुकसान
लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने शनिवार को गांव खरड़, न्याणा, खोखा, धांसू, मिर्जापुर में कृषि- आबादी क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि आमतौर पर जुलाई, अगस्त व सितंबर में 298 एमएम बरसात होती है। इस बार 6 सितंबर तक ही 608 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में जींद व अन्य जिलों से हुए भारी वाटर डिस्चार्ज के कारण यह ड्रेन हिसार में कई स्थानों पर टूटी।