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Hisar News: 5 गांवों को मालिकाना हक दिलाने के लिए बुलंद की जाएगी आवाज
Fri, 27 Jun 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:50 AM IST
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हिसार। पांच गांवों का मालिकाना हक दिलवाने के लिए बीड़ क्षेत्र के पांच गांवों की पुरानी संघर्ष समिति ने विधायक चंद्रप्रकाश को ज्ञापन सौंपा। विधायक चंद्रप्रकाश ने आश्वस्त किया कि वे इस दिशा में गंभीरता से कोशिश करेंगे।
उन्होंने बताया कि वे पहले भी सरकार के समक्ष यह मांग रख चुके हैं। एक बार फिर पांचों गांवों के ग्रामीणों की आवाज को बुलंद करते हुए इस मांग को सरकार तक पहुंचाकर इसे अमलीजामा पहनाने की कोशिश की जाएगी।
पांचों गांवों के संदर्भ में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि विकास कार्यों के लिए छोटे गांव को 35 एकड़ और बड़े गांव को 50 एकड़ तक पंचायत को भूमि उपलब्ध करवाई जाए। इसमें पूर्व जिला पार्षद सुरेश कुमार, सुमित कुमार, जगदीश मंत्री, गुरदयाल, रोहतास, राजकुमार, अनुपाल व टेकचंद सहित बहुत से ग्रामीणों ने चंद्रप्रकाश से मुलाकात करके गांव बीड़ बबरान, डिग्गी ताल, जी ब्लॉक चिकनवास (झिड़ी), ढंढूर बीड़ व पीरांवाली का मालिकाना हक दिलवाने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा है कि इन गांवों में सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण सचिवालय, धर्मशाला व गलियां बनी हुई हैं और बिजली व पानी सप्लाई भी होती है। इन गांवों को 2015 में प्रशासन द्वारा नोटिस के माध्यम से अवैध घोषित कर दिया गया। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से दो बार मुलाकात की और पूर्व मुख्यमंत्री ने मालिकाना हक दिलवाने की बात कही थी लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि इन गांवों में लगभग 30 हजार की आबादी है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक लोगों के अस्थाई रोजगार हैं। अधिकतर लोग अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं।
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उन्होंने बताया कि वे पहले भी सरकार के समक्ष यह मांग रख चुके हैं। एक बार फिर पांचों गांवों के ग्रामीणों की आवाज को बुलंद करते हुए इस मांग को सरकार तक पहुंचाकर इसे अमलीजामा पहनाने की कोशिश की जाएगी।
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पांचों गांवों के संदर्भ में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि विकास कार्यों के लिए छोटे गांव को 35 एकड़ और बड़े गांव को 50 एकड़ तक पंचायत को भूमि उपलब्ध करवाई जाए। इसमें पूर्व जिला पार्षद सुरेश कुमार, सुमित कुमार, जगदीश मंत्री, गुरदयाल, रोहतास, राजकुमार, अनुपाल व टेकचंद सहित बहुत से ग्रामीणों ने चंद्रप्रकाश से मुलाकात करके गांव बीड़ बबरान, डिग्गी ताल, जी ब्लॉक चिकनवास (झिड़ी), ढंढूर बीड़ व पीरांवाली का मालिकाना हक दिलवाने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा है कि इन गांवों में सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण सचिवालय, धर्मशाला व गलियां बनी हुई हैं और बिजली व पानी सप्लाई भी होती है। इन गांवों को 2015 में प्रशासन द्वारा नोटिस के माध्यम से अवैध घोषित कर दिया गया। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से दो बार मुलाकात की और पूर्व मुख्यमंत्री ने मालिकाना हक दिलवाने की बात कही थी लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि इन गांवों में लगभग 30 हजार की आबादी है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक लोगों के अस्थाई रोजगार हैं। अधिकतर लोग अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं।