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केंद्रीय मंत्री, विधायक का जन्मस्थली रहा गांव प्रभुवाला आज देख रहा विकास की राह
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उकलाना। प्रभुवाला गांव में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Hisar
उकलाना मंडी। जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर और दो केंद्रीय मंत्री व एक विधायक की जन्मदात्री रहा गांव प्रभुवाला आज विकास की ओर टकटकी लगाए है। ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
हालांकि हलका उकलाना का गांव प्रभुवाला का सरपंच पद किसी विधायक के रुतबे से कम नहीं माना जाता है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि इस गांव में जन्मे लोग केंद्र में मंत्री, राज्यसभा सदस्य और हरियाणा विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। गांव की आबादी 8 हजार से ज्यादा है जबकि 4753 मतदाता हैं, जिसमें 2573 पुरुष और 2180 महिलाएं शामिल हैं। गांव के इतिहास में सिर्फ एक बार ही रेलूराम पूनिया को सर्वसहमति से सरपंच चुना गया था। उनका रुतबा ऐसा रहा कि सरपंच से विधायक तक का सफर तय किया। इसके बाद आमने-सामने का कड़ा मुकाबला होता रहा है। गांव में अब तक सोहनलाल चावला, जेलीराम सेलवाल, नंदलाल भाटिया, रोहतास, हरीश भुटानी, रेलूराम पूनिया, धर्मपाल वर्मा, राजबाला वाल्मीकि, आशा भुटानी सरपंच रह चुके हैं। ज्ञानचंद शर्मा कार्यवाहक सरपंच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बलजिंद्र कौर गांव की पिछले योजना में सरपंच बनी थीं। इस बार अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए सरपंच पद आरक्षित है।
सुविधाओं के चलते गांव बना आदर्श
तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सैलजा ने गांव को आदर्श गांव घोषित किया था और तब से गांव में काफी विकास कार्य हुए। गलियां सीमेंटेड हैं। गांव में जलघर है। स्व. दलबीर सिंह मेमोरियल स्टेडियम है। जहां पर हैप्पी असीजा कोच खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण देते हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रसूति गृह, चार आंगनबाड़ी केंद्र, बूस्टिंग स्टेशन है। गांव में एक सामाजिक संगठन है, जो पौधरोपण अभियान चलाकर पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। गांव संगठन पुस्तकालय खोला गया है।
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गांव की मुख्य समस्याएं
ग्रामीण मांगेराम, बाबूराम, मनोहरलाल, बसाऊराम, बलंवत, सुनील कुमार का कहना कि आदर्श गांव प्रभुवाला की गलियों में गोबर फैला है। यहां बसों की समस्या है। लोग निजी वाहनों से उकलाना बस स्टैंड व लितानी मोड़ पर जाते हैं। गांव में पीने के पानी की सप्लाई बहुत ही कम होती है। स्टेडियम में पीने के पानी व खेल का सामान व कोच की कमी है सैलजा के चचेरे भाई एवं स्व. सांसद नेकी राम के सुपुत्र सुभाष प्रभुवाला ने बताया कि गांव में सड़कें, बसें, पीने के पानी व रोजगार की मुख्य समस्या है।
प्रभु जाट के नाम से बसा गांव
प्रभुवाला गांव ने कई राजनीतिक हस्तियां दी हैं। स्व. दलबीर सिंह पेप्सू मंत्रिमंडल के सदस्य, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। तीन बार सिरसा से सांसद चुनकर केंद्रीय सरकार में तीन बार राज्य सरकार मंत्री भी बने। स्व. दलबीर सिंह के भाई चौ. नेकीराम दो बार (1960-1972) तक राज्यसभा सदस्य बने। वर्ष 1982 से 1987 तक रतिया से विधायक रहे। दलबीर सिंह की सुपुत्री कुमारी सैलजा दो बार सिरसा व दो बार अंबाला से सांसद रहीं। वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचीं। गांव निवासी रेलूराम पूनिया बरवाला हलके से सन 1996 में विधायक चुने गए।
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हालांकि हलका उकलाना का गांव प्रभुवाला का सरपंच पद किसी विधायक के रुतबे से कम नहीं माना जाता है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि इस गांव में जन्मे लोग केंद्र में मंत्री, राज्यसभा सदस्य और हरियाणा विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। गांव की आबादी 8 हजार से ज्यादा है जबकि 4753 मतदाता हैं, जिसमें 2573 पुरुष और 2180 महिलाएं शामिल हैं। गांव के इतिहास में सिर्फ एक बार ही रेलूराम पूनिया को सर्वसहमति से सरपंच चुना गया था। उनका रुतबा ऐसा रहा कि सरपंच से विधायक तक का सफर तय किया। इसके बाद आमने-सामने का कड़ा मुकाबला होता रहा है। गांव में अब तक सोहनलाल चावला, जेलीराम सेलवाल, नंदलाल भाटिया, रोहतास, हरीश भुटानी, रेलूराम पूनिया, धर्मपाल वर्मा, राजबाला वाल्मीकि, आशा भुटानी सरपंच रह चुके हैं। ज्ञानचंद शर्मा कार्यवाहक सरपंच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बलजिंद्र कौर गांव की पिछले योजना में सरपंच बनी थीं। इस बार अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए सरपंच पद आरक्षित है।
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सुविधाओं के चलते गांव बना आदर्श
तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सैलजा ने गांव को आदर्श गांव घोषित किया था और तब से गांव में काफी विकास कार्य हुए। गलियां सीमेंटेड हैं। गांव में जलघर है। स्व. दलबीर सिंह मेमोरियल स्टेडियम है। जहां पर हैप्पी असीजा कोच खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण देते हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रसूति गृह, चार आंगनबाड़ी केंद्र, बूस्टिंग स्टेशन है। गांव में एक सामाजिक संगठन है, जो पौधरोपण अभियान चलाकर पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। गांव संगठन पुस्तकालय खोला गया है।
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गांव की मुख्य समस्याएं
ग्रामीण मांगेराम, बाबूराम, मनोहरलाल, बसाऊराम, बलंवत, सुनील कुमार का कहना कि आदर्श गांव प्रभुवाला की गलियों में गोबर फैला है। यहां बसों की समस्या है। लोग निजी वाहनों से उकलाना बस स्टैंड व लितानी मोड़ पर जाते हैं। गांव में पीने के पानी की सप्लाई बहुत ही कम होती है। स्टेडियम में पीने के पानी व खेल का सामान व कोच की कमी है सैलजा के चचेरे भाई एवं स्व. सांसद नेकी राम के सुपुत्र सुभाष प्रभुवाला ने बताया कि गांव में सड़कें, बसें, पीने के पानी व रोजगार की मुख्य समस्या है।
प्रभु जाट के नाम से बसा गांव
प्रभुवाला गांव ने कई राजनीतिक हस्तियां दी हैं। स्व. दलबीर सिंह पेप्सू मंत्रिमंडल के सदस्य, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। तीन बार सिरसा से सांसद चुनकर केंद्रीय सरकार में तीन बार राज्य सरकार मंत्री भी बने। स्व. दलबीर सिंह के भाई चौ. नेकीराम दो बार (1960-1972) तक राज्यसभा सदस्य बने। वर्ष 1982 से 1987 तक रतिया से विधायक रहे। दलबीर सिंह की सुपुत्री कुमारी सैलजा दो बार सिरसा व दो बार अंबाला से सांसद रहीं। वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचीं। गांव निवासी रेलूराम पूनिया बरवाला हलके से सन 1996 में विधायक चुने गए।