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पशु चिकित्सकों को ग्रामीणों ने बंधक बनाया
hisar
Updated Thu, 26 Jun 2014 11:34 PM IST
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गांव पाली में पशु चिकित्सक पर लापरवाही और अस्पताल में बैठकर
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शराब पीने के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को जमकर पीटा। इसके
बाद उसे अस्पताल के कमरे में बंधक बना लिया। मामले की जानकारी मिलते ही
तहसीलदार और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर को मुक्त कराया। पुलिस ने
आरोपी को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी मिलने पर सांसद दुष्यंत
चौटाला भी मौके पर पहुंच गए।
पाली निवासी शशि बाला ने बताया कि उसकी भैंस बृहस्पतिवार को बीमार हो गई। जिस पर वह गांव के सरकारी पशु अस्पताल में डॉक्टर के पास पहुंची। गुहार लगाई कि डॉक्टर साहब! मेरी भैंस बहुत बीमार है, आप घर चलकर उसका उपचार कर दें। महिला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उसकी एक नहीं सुनी। वह अपने सहयोगी कर्मचारी आजाद के साथ शराब पीता रहा।
शशीबाला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने गुस्से में आकर महिला के साथ हाथापाई कर डाली। इस घटना की सूचना महिला के परिजनों को मिली तो उन्हाेंने गुस्से में आकर डॉक्टर सहित कर्मचारी की जमकर धुनाई कर डाली। अस्पताल के एक कमरे में वीएलडीए डॉक्टर जयबीर दलाल और कर्मचारी आजाद सिंह को बंधक बना लिया। इसकी सूचना नारनौंद पुलिस और तहसीलदार को दी गई तो नारनौंद थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह और तहसीलदार साहब सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों डॉक्टरों को हिरासत में लिया। महिला की शिकायत पर जांच आरंभ कर दी है।
महिला ने आरोप लगाया कि भैंस का समय पर इलाज न होने के कारण भैंस ने दम तोड़ दिया। भैंस आठ महीने की गर्भवती थी। पाली गांव में धन्यवादी दौरे पर आए हुए सांसद दुष्यंत चौटाला भी सरकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोपी डॉक्टर को खूब लताड़ा। इसके बाद उसकी शिकायत पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों से की।
ग्रामीण महिलाएं फूलो देवी, अंगूरी देवी, रोशनी ने भी डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों डॉक्टर अस्पताल में पहुंचते ही शराब पीना शुरू कर देते हैं। जो भी व्यक्ति अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में आता है तो ये उससे पैसे ऐंठते हैं। इनकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है। विभाग ने आज तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
पाली निवासी शशि बाला ने बताया कि उसकी भैंस बृहस्पतिवार को बीमार हो गई। जिस पर वह गांव के सरकारी पशु अस्पताल में डॉक्टर के पास पहुंची। गुहार लगाई कि डॉक्टर साहब! मेरी भैंस बहुत बीमार है, आप घर चलकर उसका उपचार कर दें। महिला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उसकी एक नहीं सुनी। वह अपने सहयोगी कर्मचारी आजाद के साथ शराब पीता रहा।
शशीबाला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने गुस्से में आकर महिला के साथ हाथापाई कर डाली। इस घटना की सूचना महिला के परिजनों को मिली तो उन्हाेंने गुस्से में आकर डॉक्टर सहित कर्मचारी की जमकर धुनाई कर डाली। अस्पताल के एक कमरे में वीएलडीए डॉक्टर जयबीर दलाल और कर्मचारी आजाद सिंह को बंधक बना लिया। इसकी सूचना नारनौंद पुलिस और तहसीलदार को दी गई तो नारनौंद थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह और तहसीलदार साहब सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों डॉक्टरों को हिरासत में लिया। महिला की शिकायत पर जांच आरंभ कर दी है।
महिला ने आरोप लगाया कि भैंस का समय पर इलाज न होने के कारण भैंस ने दम तोड़ दिया। भैंस आठ महीने की गर्भवती थी। पाली गांव में धन्यवादी दौरे पर आए हुए सांसद दुष्यंत चौटाला भी सरकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोपी डॉक्टर को खूब लताड़ा। इसके बाद उसकी शिकायत पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों से की।
ग्रामीण महिलाएं फूलो देवी, अंगूरी देवी, रोशनी ने भी डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों डॉक्टर अस्पताल में पहुंचते ही शराब पीना शुरू कर देते हैं। जो भी व्यक्ति अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में आता है तो ये उससे पैसे ऐंठते हैं। इनकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है। विभाग ने आज तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।