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Hisar News: केंद्रीय मंत्री नड्डा बोले-नामधारी समाज का इतिहास त्याग, बलिदान और संघर्ष से भरा, डेरे मस्तानगढ़ में आयोजित होला-मोहल्ला पर्व में की शिरकत
Fri, 06 Mar 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:00 PM IST
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सिरसा के डेरे मस्तानगढ़ में आयोजित होला मोहल्ला पर्व में मौजूद केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जगत प्रक
सिरसा। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नामधारी समाज की परंपराएं देशभक्ति, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक मूल्यों का अद्भुत संगम हैं। उनका इतिहास त्याग, बलिदान और संघर्ष से भरा हुआ है और यह भारत के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है।
वे शुक्रवार को रानियां क्षेत्र के गांव जीवनगर में स्थित डेरा मस्तानगढ़ में आयोजित होला-मोहल्ला पर्व में बताैर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने होली पर्व को वीरता, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बना कर होला-मोहल्ला के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि नामधारी समाज ने गोवध के विरोध, शिक्षा के प्रसार, नशा मुक्ति अभियान और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कोरोना महामारी, भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं में भी यह समाज आगे बढ़कर सेवा कार्य करता रहा।
नड्डा ने कहा कि भारत सरकार ने सिख इतिहास के वीर बालकों की स्मृति में हर साल वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है, ताकि उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देश में एकता, सद्भावना और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ाने का आह्वान किया। इस दाैरान हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली भी माैजूद रहे।
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गुरु और अवतार किसी एक समुदाय के नहीं
सतगुरु उदय सिंह ने कहा कि गुरु और अवतार किसी एक समुदाय के नहीं होते, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए होते हैं। उन्होंने सतगुरु राम सिंह के योगदान का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की। कन्या हत्या जैसी कुरीतियों और विधवाओं के अपमानजनक जीवन को समाप्त करने के लिए उन्होंने विधवा विवाह और समान धार्मिक अधिकारों की परंपरा शुरू की। यदि हम अपने अधिकारों का थोड़ा त्याग कर दूसरों के अधिकारों की रक्षा करें तो समाज के अधिकांश विवाद समाप्त हो सकते हैं।
संतों ने समाज को भाईचारे और एकता का मार्ग दिखाया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि नामधारी समुदाय और अन्य संतों ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आह्वान किया कि संतों के मार्गदर्शन पर चलकर समाज की बुराइयों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नशा और सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भारतीय आध्यात्मिकता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने बताया कि हमारे संत और फकीर निष्काम कर्म करते हुए समाज को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि संतों और फकीरों से प्रेरणा लेकर भारत फिर विश्व गुरु बनेगा। हम संतों और फकीरों की वाणी को अपने जीवन में अपनाएं और अपने तथा देश के लिए सुख-शांति के मार्ग को चुनें।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा सिरसा यतिंद्र सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष डबवाली रेणु शर्मा, फतेहाबाद जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, प्रदेश सचिव सुरेंद्र आर्य, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह राही आदि माैजूद रहे।
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वे शुक्रवार को रानियां क्षेत्र के गांव जीवनगर में स्थित डेरा मस्तानगढ़ में आयोजित होला-मोहल्ला पर्व में बताैर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने होली पर्व को वीरता, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बना कर होला-मोहल्ला के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि नामधारी समाज ने गोवध के विरोध, शिक्षा के प्रसार, नशा मुक्ति अभियान और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कोरोना महामारी, भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं में भी यह समाज आगे बढ़कर सेवा कार्य करता रहा।
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नड्डा ने कहा कि भारत सरकार ने सिख इतिहास के वीर बालकों की स्मृति में हर साल वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है, ताकि उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देश में एकता, सद्भावना और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ाने का आह्वान किया। इस दाैरान हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली भी माैजूद रहे।
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गुरु और अवतार किसी एक समुदाय के नहीं
सतगुरु उदय सिंह ने कहा कि गुरु और अवतार किसी एक समुदाय के नहीं होते, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए होते हैं। उन्होंने सतगुरु राम सिंह के योगदान का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की। कन्या हत्या जैसी कुरीतियों और विधवाओं के अपमानजनक जीवन को समाप्त करने के लिए उन्होंने विधवा विवाह और समान धार्मिक अधिकारों की परंपरा शुरू की। यदि हम अपने अधिकारों का थोड़ा त्याग कर दूसरों के अधिकारों की रक्षा करें तो समाज के अधिकांश विवाद समाप्त हो सकते हैं।
संतों ने समाज को भाईचारे और एकता का मार्ग दिखाया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि नामधारी समुदाय और अन्य संतों ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आह्वान किया कि संतों के मार्गदर्शन पर चलकर समाज की बुराइयों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नशा और सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भारतीय आध्यात्मिकता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने बताया कि हमारे संत और फकीर निष्काम कर्म करते हुए समाज को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि संतों और फकीरों से प्रेरणा लेकर भारत फिर विश्व गुरु बनेगा। हम संतों और फकीरों की वाणी को अपने जीवन में अपनाएं और अपने तथा देश के लिए सुख-शांति के मार्ग को चुनें।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा सिरसा यतिंद्र सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष डबवाली रेणु शर्मा, फतेहाबाद जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, प्रदेश सचिव सुरेंद्र आर्य, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह राही आदि माैजूद रहे।