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63 नकलचियों के सेमेस्टर के सभी पेपर रद्द, चार को मिला बेनिफिट ऑफ डाउट
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गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के विभागों और संबद्ध कॉलेजों के जो विद्यार्थी नकल करते हुए पकड़े गए थे, उन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। यूएमसी की सुनवाई कर रही विश्वविद्यालय की यूएमसी कमेटी ने नकल के 141 मामलों में से 63 नकलचियों के पूरे सेमेस्टर के सभी पेपर रद्द कर दिए हैं। अब इन विद्यार्थियों को अपने उस सेमेस्टर की सभी परीक्षाएं दोबारा देनी होंगी।
विश्वविद्यालय की एग्जाम ब्रांच द्वारा बनाई गई यूएमसी कमेटी ने विश्वविद्यालय के विभागों और कॉलेजों में बीटेक और बीएड की परीक्षा में नकल करने वाले विद्यार्थियों की सुनवाई की थी। 26 और 27 अगस्त को हुई इस सुनवाई में विद्यार्थियों ने कमेटी के सामने पेश होकर अपनी सफाई दी थी, जिसके बाद कमेटी ने उनका पक्ष सुनते हुए रिपोर्ट बनाई है। इसके तहत सिर्फ चार विद्यार्थियों को नकल के मामले में बेनिफिट ऑफ डाउट दिया गया है। बाकी सभी विद्यार्थियों पर कोई न कोई कार्रवाई की गई है।
चार विद्यार्थी अगले साल भी नहीं दे सकेंगे परीक्षा
यूएमसी कमेटी ने नकल के साथ नियम और अनुशासन तोड़ने जैसे गंभीर अपराध करने वाले विद्यार्थियों पर आगामी वर्षों में परीक्षा देने पर भी बैन लगा दिया है। तीन विद्यार्थियों पर एक साल का बैन लगाया गया है, जबकि एक विद्यार्थी पर दो वर्षों तक परीक्षाएं देने पर बैन लगाया है। जिस विद्यार्थी पर दो वर्ष का बैन लगा है, उसने कॉपी में अपने सहपाठियों के लिए अश्लील बातें लिखी थी।
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हम नकल रोकने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा के प्रति गंभीर होना होगा। नकल करके पास होने से विद्यार्थी डिग्री तो हासिल कर लेता है, लेकिन उसके पास वो ज्ञान नहीं होता जो डिग्री के अनुरूप उसके पास होना चाहिए। शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए नकल पर रोक लगाना जरूरी है। इसलिए नकल व परीक्षा में अनुशासन के मामलों में इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी
प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, गुजवि।
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विश्वविद्यालय की एग्जाम ब्रांच द्वारा बनाई गई यूएमसी कमेटी ने विश्वविद्यालय के विभागों और कॉलेजों में बीटेक और बीएड की परीक्षा में नकल करने वाले विद्यार्थियों की सुनवाई की थी। 26 और 27 अगस्त को हुई इस सुनवाई में विद्यार्थियों ने कमेटी के सामने पेश होकर अपनी सफाई दी थी, जिसके बाद कमेटी ने उनका पक्ष सुनते हुए रिपोर्ट बनाई है। इसके तहत सिर्फ चार विद्यार्थियों को नकल के मामले में बेनिफिट ऑफ डाउट दिया गया है। बाकी सभी विद्यार्थियों पर कोई न कोई कार्रवाई की गई है।
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चार विद्यार्थी अगले साल भी नहीं दे सकेंगे परीक्षा
यूएमसी कमेटी ने नकल के साथ नियम और अनुशासन तोड़ने जैसे गंभीर अपराध करने वाले विद्यार्थियों पर आगामी वर्षों में परीक्षा देने पर भी बैन लगा दिया है। तीन विद्यार्थियों पर एक साल का बैन लगाया गया है, जबकि एक विद्यार्थी पर दो वर्षों तक परीक्षाएं देने पर बैन लगाया है। जिस विद्यार्थी पर दो वर्ष का बैन लगा है, उसने कॉपी में अपने सहपाठियों के लिए अश्लील बातें लिखी थी।
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हम नकल रोकने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा के प्रति गंभीर होना होगा। नकल करके पास होने से विद्यार्थी डिग्री तो हासिल कर लेता है, लेकिन उसके पास वो ज्ञान नहीं होता जो डिग्री के अनुरूप उसके पास होना चाहिए। शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए नकल पर रोक लगाना जरूरी है। इसलिए नकल व परीक्षा में अनुशासन के मामलों में इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी
प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, गुजवि।