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तिहरा हत्याकांड : दोस्त की कार में फरार हुआ आरोपी राकेश पंडित, बेटे नहीं दे सके मां की चिता को मुखाग्नि
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हिसार। कृष्णा नगर में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी राकेश पंडित ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है। गंगवा के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी अपने दोस्त के साथ उसकी कार में बैठकर राजगढ़ की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि गांव गंगवा के पास राकेश को छोड़कर उसका दोस्त वापस हिसार आ गया।
पुलिस ने आरोपी की बहन और जीजा को थाने बुलाकर पूछताछ की है। आरोपी के घर पर ताला लटका है। रविवार देर रात 11.30 बजे धनाना गांव में तीनों भाई-बहन के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। रात को हुए अंतिम संस्कार के कारण दोनों बेटे अपनी मां की चिता को मुखाग्नि नहीं दे पाए। आरोपी राकेश पंडित की पत्नी को उसके चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी। वहीं, पुलिस की पांच टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं।
पत्नी व दोनों सालों को मारी गईं दो-दो गोलियां
नागरिक अस्पताल के शवगृह में सुमन, मंजीत और जितेश के शवों के पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि सुमन को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली बाएं गाल को चीरते हुए पार हो गई, जबकि दूसरी गोली लिवर को पंक्चर करती हुई पासू में अटकी मिली। वहीं एक गोली जितेश के सिर के आर-पार निकल गई, जबकि दूसरी गोली दोनों फेफड़ों को चीरते हुए दाएं हाथ के नीचे जाकर अटक गई। मंजीत के शरीर से दोनों गोलियां आर-पार हो गई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एक ही पिस्टल से तीनों को गोलियां मारी गईं हैं। तीनों के शरीर पर एक ही साइज के निशान मिले हैं। बाकी चिकित्सकों ने शरीर के अंदर मिले बारूद के कणों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि गोली एक ही पिस्टल से चली हैं या अलग-अलग से।
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बेटे बोले- माता-पिता के बीच झगड़ा होता था पर कभी नहीं हुई मारपीट
मम्मी-पापा के बीच झगड़ा होता था लेकिन कभी मारपीट नहीं हुई। स्कूल की छुट्टियां होने के बाद बहन बुआ के घर चली गई थी। हम दोनों घर पर थे। शनिवार रात को सब कुछ ठीक चल रहा था। सुबह खाना खाने के बाद दोनों भाई खेलने लगे। घर पर दादा-दादी और माता-पिता थे। सुबह दस बजे दोनों मामा मंजीत और जितेश आए। वे मम्मी-पापा के साथ आंगन में बैठ कर बात कर रहे थे। अचानक मामा तेज आवाज में बोलने लगे। पापा ने हम दोनों को कमरे में जाने को कहा। हम दोनों भाई कमरे में चले गए। दादी रसोई के सामने बैठी थीं। आधा घंटे तक चारों में बातचीत चलती रही। बीच-बीच में चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। दोनों मामा पापा को उकसा रहे थे। कुछ देर बाद गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। कमरे से बाहर आंगन में आकर देखा तो मां और दोनों मामा के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे। इसके बाद पापा हम दोनों को दिल्ली रोड पर लेकर गए और कहा बुआ के पास सातरोड़ खुर्द चले जाओ और वहीं रहना। इसके बाद पापा से कोई बात नहीं हुई।
- जैसा आरोपी राकेश के बेटों ने संवाददाता सुरेश सहारण को बताया)
वारदात के बाद नाना ने नहीं किया कोई संपर्क
रविवार सुबह तीनों शवों का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। जितेश के शरीर में गोली न मिलने के कारण दो बार एक्सरे हुआ। चिकित्सकों की टीम ने रात करीब 9 बजे तक पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिजन तीनों शवों को लेकर धनाना गांव पहुंचे। वहां पर देर रात 11.30 बजे तीनों शवों का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया। वहीं आरोपी के दोनों बेटों का कहना है कि हमें काफी दुख है कि मां की चिता को मुखाग्नि नहीं दे पाए। वारदात के बाद नाना ने भी हमसे कोई संपर्क नहीं किया और न अपने साथ ले गए।
घर पर पसरा सन्नाटा
वारदात से पहले आरोपी राकेश पंडित के घर पर जहां चहल-पहल रहती थी। आसपास के लोगों का घर पर आना-जाना था। आज वहां सन्नाटा पसरा है। घर के प्रवेश द्वार पर ताला लटका है। आरोपी के माता-पिता भी घर पर नहीं हैं। शाम को ही दोनों घर पर ताला लगा कर चले गए। कृष्णा नगर में वारदात के दूसरे दिन भी घटना की चर्चा हो रही थी।
बयान-- -- -
तिहरे हत्याकांड में आरोपी की स्कूटी बरामद कर ली गई है। आरोपी की तलाश में पुलिस की पांच टीमें जुटी हैं। जांच के दौरान एक डीवीआर मिली है, उसको चेक कर रहे हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, हिसार
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पुलिस ने आरोपी की बहन और जीजा को थाने बुलाकर पूछताछ की है। आरोपी के घर पर ताला लटका है। रविवार देर रात 11.30 बजे धनाना गांव में तीनों भाई-बहन के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। रात को हुए अंतिम संस्कार के कारण दोनों बेटे अपनी मां की चिता को मुखाग्नि नहीं दे पाए। आरोपी राकेश पंडित की पत्नी को उसके चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी। वहीं, पुलिस की पांच टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं।
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पत्नी व दोनों सालों को मारी गईं दो-दो गोलियां
नागरिक अस्पताल के शवगृह में सुमन, मंजीत और जितेश के शवों के पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि सुमन को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली बाएं गाल को चीरते हुए पार हो गई, जबकि दूसरी गोली लिवर को पंक्चर करती हुई पासू में अटकी मिली। वहीं एक गोली जितेश के सिर के आर-पार निकल गई, जबकि दूसरी गोली दोनों फेफड़ों को चीरते हुए दाएं हाथ के नीचे जाकर अटक गई। मंजीत के शरीर से दोनों गोलियां आर-पार हो गई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एक ही पिस्टल से तीनों को गोलियां मारी गईं हैं। तीनों के शरीर पर एक ही साइज के निशान मिले हैं। बाकी चिकित्सकों ने शरीर के अंदर मिले बारूद के कणों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि गोली एक ही पिस्टल से चली हैं या अलग-अलग से।
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बेटे बोले- माता-पिता के बीच झगड़ा होता था पर कभी नहीं हुई मारपीट
मम्मी-पापा के बीच झगड़ा होता था लेकिन कभी मारपीट नहीं हुई। स्कूल की छुट्टियां होने के बाद बहन बुआ के घर चली गई थी। हम दोनों घर पर थे। शनिवार रात को सब कुछ ठीक चल रहा था। सुबह खाना खाने के बाद दोनों भाई खेलने लगे। घर पर दादा-दादी और माता-पिता थे। सुबह दस बजे दोनों मामा मंजीत और जितेश आए। वे मम्मी-पापा के साथ आंगन में बैठ कर बात कर रहे थे। अचानक मामा तेज आवाज में बोलने लगे। पापा ने हम दोनों को कमरे में जाने को कहा। हम दोनों भाई कमरे में चले गए। दादी रसोई के सामने बैठी थीं। आधा घंटे तक चारों में बातचीत चलती रही। बीच-बीच में चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। दोनों मामा पापा को उकसा रहे थे। कुछ देर बाद गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। कमरे से बाहर आंगन में आकर देखा तो मां और दोनों मामा के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे। इसके बाद पापा हम दोनों को दिल्ली रोड पर लेकर गए और कहा बुआ के पास सातरोड़ खुर्द चले जाओ और वहीं रहना। इसके बाद पापा से कोई बात नहीं हुई।
- जैसा आरोपी राकेश के बेटों ने संवाददाता सुरेश सहारण को बताया)
वारदात के बाद नाना ने नहीं किया कोई संपर्क
रविवार सुबह तीनों शवों का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। जितेश के शरीर में गोली न मिलने के कारण दो बार एक्सरे हुआ। चिकित्सकों की टीम ने रात करीब 9 बजे तक पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिजन तीनों शवों को लेकर धनाना गांव पहुंचे। वहां पर देर रात 11.30 बजे तीनों शवों का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया। वहीं आरोपी के दोनों बेटों का कहना है कि हमें काफी दुख है कि मां की चिता को मुखाग्नि नहीं दे पाए। वारदात के बाद नाना ने भी हमसे कोई संपर्क नहीं किया और न अपने साथ ले गए।
घर पर पसरा सन्नाटा
वारदात से पहले आरोपी राकेश पंडित के घर पर जहां चहल-पहल रहती थी। आसपास के लोगों का घर पर आना-जाना था। आज वहां सन्नाटा पसरा है। घर के प्रवेश द्वार पर ताला लटका है। आरोपी के माता-पिता भी घर पर नहीं हैं। शाम को ही दोनों घर पर ताला लगा कर चले गए। कृष्णा नगर में वारदात के दूसरे दिन भी घटना की चर्चा हो रही थी।
बयान
तिहरे हत्याकांड में आरोपी की स्कूटी बरामद कर ली गई है। आरोपी की तलाश में पुलिस की पांच टीमें जुटी हैं। जांच के दौरान एक डीवीआर मिली है, उसको चेक कर रहे हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, हिसार