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Hisar: सातरोड़ स्कूल में लंच कर रहीं छात्राओं पर गिरा पेड़, सात छात्राएं घायल; एक की हालत गंभीर
Sun, 02 Feb 2025 03:10 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 02 Feb 2025 03:10 PM IST
सार
हिसार जिले के सातरोड़ गांव में स्कूल में लंच रहीं पर सफेदे का पेड़ गिर गया। इस दौरान सात छात्राएं घायल हो गईं, जिनमें से एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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सफेदा का पेड़ गिरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग कितना सतर्क है, इस बात का अंदाजा शनिवार दोपहर डेढ़ बजे शहर से सटे सातरोड़ गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में देखने को मिला। आधी छुट्टी के दौरान कक्षा से बाहर धूप में बैठकर खाना खा रही छात्राओं पर सफेदे का पेड़ गिर गया, जिस कारण पेड़ की शाखाओं के नीचे दबने से सात छात्राएं चोटिल हो गई। इनमें से एक छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है।
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घायल छात्राओं को स्कूल स्टाफ ने पेड़ की शाखाओं के नीचे से निकाला और उपचार के लिए जिंदल अस्पताल लेकर पहुंचे। घायल छात्रा का आपातकालीन कक्ष में उपचार चल रहा है बाकी छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। वहीं, छात्राओं के अभिभावकों की कहना है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण हादसा हुआ है। वहीं, स्कूल प्रशासन का कहना है कि 2022 में पेड़ काटने को लेकर बीईओ को लिखा था। वहीं, बीईओ का कहना है कि उनकी तरफ से वन विभाग को पत्र लिखा गया था।
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मेट पर बैठकर खाना खा रहे थे
सातरोड़ खास गांव की रहने वाली मोनिका और पुष्पा ने बताया कि वह गांव के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती हैं। सुबह पढ़ने के लिए स्कूल गए थे। रोजाना की तरह आधी छुट्टी में छात्राएं कक्षा के बाहर मैदान में बैठकर खाना खा रही थी। उसी समय धूप निकली थी, इसलिए छात्राएं मैदान में आ गईं।
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छात्राओं ने बताया कि अचानक पास में खड़ा सफेदे का पेड़ टूटकर हमारे ऊपर आ गिरा, जिस कारण करीब सात छात्राएं चोटिल हो गईं। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर शिक्षक और शिक्षकाएं मौके पर पहुंचे और हमें उपचार के लिए शहर के निजी अस्पताल में लेकर आए। पेड़ गिरने से 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा गीता, पुष्पा, योगिता, नितिका, मोनिका, वर्षा और नौंवी कक्षा की रजिया घायल हो गईं। गीता की गर्दन और सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी है, जिस कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मौसम ने बचाया
जानकारी के अनुसार मौसम साफ होने पर छात्राएं कक्षाओं से बाहर बैठती हैं। शनिवार को मौसम खराब होने के चलते धूप नहीं खिली। इस कारण बहुत कम छात्राएं बाहर थी। अधिकतर छात्राएं कक्षाओं के अंदर ही थी।
स्कूल प्रशासन की लापरवाही
गीता गांव के सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती है। स्कूल गांव और आसपास के गांवों की 400 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं। स्कूल में जाने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेवारी स्कूल प्रशासन की होती है। स्कूल प्रशासन को पता था कि काफी साल पुराने वृक्ष स्कूल परिसर में खड़े है वे कभी भी गिर सकते हैं। उनको काटने के लिए स्कूल प्रशासन की तरफ से व्यवस्था करनी चाहिए थी। पेड़ की शाखाओं के नीचे दबने से गीता की गर्दन और सिर के पीछे चोट लगी है।
2022 में पेड़ काटने के लिए लिखा था पत्र मगर नहीं दी अनुमति
स्कूल प्राचार्य ताराचंद ने कहा कि 2022 में तरफ से बीईओ को पत्र लिखा गया था, जिसमें सफेदे के पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी। लेकिन उन्होंने कोई अनुमति नहीं दी, जिस कारण यह हादसा हुआ है। अगर बीईओ यह परमिशन देते तो अप्रिय घटना नहीं होती। छात्राएं खेल रही थी, लेकिन पता नहीं कैसे पेड़ उन पर गिर गया। पांच से छह छात्राओं को चोटें आई है, जिनका निजी अस्पताल में इलाज चलने के बाद छुट्टी भी दे दी गई है। मेरी तरफ से कोई प्राथमिक जांच नहीं की जाएगी।
'पेड़ काटने की अनुमति हम नहीं दे सकते है। यह वन विभाग का काम है। हमारी तरफ से फाइल भेजी हुई है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है। हालांकि प्राचार्य अपने स्तर पर थोड़ा-थोड़ा पेड़ की छंटनी कर सकते थे।' - विजेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, हिसार प्रथम ब्लॉक