{"_id":"6051084f8ebc3e8ccd2e2ba3","slug":"three-died-in-road-accident-hisar-news-rtk600235041","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म बहन की बेटी का भात भरने परिजनों को साथ लेकर गया था सुभाष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म बहन की बेटी का भात भरने परिजनों को साथ लेकर गया था सुभाष
विज्ञापन
वह डंफर जिसके कारण हादसा हुआ।
- फोटो : Hisar
मीरकां निवासी सुभाष अपनी खैरमपुर निवासी धर्म बहन की बेटी की शादी में भात भरने के लिए वह रिश्तेदारों को लेकर गया था। इसके लिए उसने गांव के ही मैक्सिमो (पिकअप) मालिक राजेंद्र की गाड़ी बुक की। सुभाष अपने 12 अन्य रिश्तेदारों को लेकर इस गाड़ी में गया, जिसे राजेंद्र स्वयं चला रहा था। वापसी में यह हादसा हो गया।
लांधड़ी टोल के नजदीक सोमवार रात करीब 10 बजे डंपर चालक की लापरवाही से दो महिलाओं और गाड़ी चालक की मौत हो गई। दरअसल मैक्सिमो चालक परिवार के 13 सदस्यों को लेकर खैरमपुर से वापस गांव मीरंका जा रहा था। लांधड़ी टोल के समीप एक ढाबे के बाहर सड़क पर डंपर खड़ा था। सामने से आ रही पिकअप सीधे इस डंपर से टकरा गई। अंधेरे के कारण डंपर दिखाई नहीं दे रहा था और चालक द्वारा उसके इंडिकेटर या पार्किंग लाइट नहीं जलाई गई थी। नियमानुसार गाड़ी खड़ी करने की स्थिति में दिन में भी उसके इंडिकेटर जलाने होते हैं। रात के समय पार्किंग लाइट जलाने का भी प्रावधान है, लेकिन इन दोनों ही नियमों का पालन नहीं हुआ, जिससे हादसा हुआ।
पिकअप भी हो सकता है नियमों के विरुद्ध
हो सकता है चालक ने भी नियमों का उल्लंघन किया हो, लेकिन यह पुलिस जांच का विषय है। जिस तरह पिकअप के कैबिन के पीछे का हिस्सा खुला है, उससे जान पड़ता है कि यह गाड़ी सामान ढुलाई के लिए पास होगी, लेकिन उसमें सवारियां बैठाई गई थीं। सवारियां भी 13 बैठी थीं। अब यह पुलिस जांच का विषय रहेगा कि यह वाहन सामान ढुलाई के लिए पास था या इसको सवारियों के लिए पास कराया गया था।
विज्ञापन
राहगीरों ने की मदद
हादसा देख मौके पर वहां से गुजर रहे लोग मदद के लिए रुके। उन्होंने अपनी-अपनी गाड़ियों से कुछ घायलों को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा पहुंचाया तो कुछ को नागरिक अस्पताल हिसार पहुंचाया। इस बीच कुछ घायलों को निजी अस्पताल में भी दाखिल करवाया गया। अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद राजेंद्र और शांति देवी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज में दाखिल मंगाली सुरतिया निवासी लक्ष्मी देवी ने भी दम तोड़ दिया, जो राजेंद्र के साथ गाड़ी में सवार थी।
इसलिए किया पोस्टमार्टम अलग-अलग
मृतकों में राजेंद्र और शांति देवी के शव का नागरिक अस्पताल हिसार, जबकि लक्ष्मी देवी के शव का पोस्टमार्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेेेज में करवाया गया था। इसका कारण यह रहा कि हादसे के बाद वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को आननफानन अस्पताल पहुंचाने के लिए जो सूझा वही किया। इस कारण कोई अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो कोई हिसार नागरिक अस्पताल और कोई प्राइवेट अस्पताल में। इनमें राजेंद्र और शांति देवी को हिसार लाया गया था, इसलिए उनके शवों का पोस्टमार्टम हिसार में हुआ, जबकि लक्ष्मी को अग्रोहा ले जाया गया था, इसलिए उसके शव का पोस्टमार्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ही किया गया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों के बयान पर डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंदरूनी चोट के कारण हुई मौत
चिकित्सकों के अनुसार तीनों शवों के पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि तीनों को हादसे के समय अंदरूनी चोटें अधिक लगी थीं, जिस कारण उनकी मौत हुई। हादसे में घायल हुए बाकी 11 लोगों कों भी गंभीर चोटें आई हैं। कुछ घायलों को सिर में चोटें लगी हैं। इनमें से कुछ की हालत तो गंभीर बताई गई है और उनका शहर के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
प्रथम दृष्टया डंपर चालक की गलती सामने आई है। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर डंपर चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। डंपर को कब्जे में ले लिया गया है। -जांचकर्ता महेंद्र सिंह, एएसआई, अग्रोहा थाना पुलिस, हिसार।
विज्ञापन
लांधड़ी टोल के नजदीक सोमवार रात करीब 10 बजे डंपर चालक की लापरवाही से दो महिलाओं और गाड़ी चालक की मौत हो गई। दरअसल मैक्सिमो चालक परिवार के 13 सदस्यों को लेकर खैरमपुर से वापस गांव मीरंका जा रहा था। लांधड़ी टोल के समीप एक ढाबे के बाहर सड़क पर डंपर खड़ा था। सामने से आ रही पिकअप सीधे इस डंपर से टकरा गई। अंधेरे के कारण डंपर दिखाई नहीं दे रहा था और चालक द्वारा उसके इंडिकेटर या पार्किंग लाइट नहीं जलाई गई थी। नियमानुसार गाड़ी खड़ी करने की स्थिति में दिन में भी उसके इंडिकेटर जलाने होते हैं। रात के समय पार्किंग लाइट जलाने का भी प्रावधान है, लेकिन इन दोनों ही नियमों का पालन नहीं हुआ, जिससे हादसा हुआ।
विज्ञापन
पिकअप भी हो सकता है नियमों के विरुद्ध
हो सकता है चालक ने भी नियमों का उल्लंघन किया हो, लेकिन यह पुलिस जांच का विषय है। जिस तरह पिकअप के कैबिन के पीछे का हिस्सा खुला है, उससे जान पड़ता है कि यह गाड़ी सामान ढुलाई के लिए पास होगी, लेकिन उसमें सवारियां बैठाई गई थीं। सवारियां भी 13 बैठी थीं। अब यह पुलिस जांच का विषय रहेगा कि यह वाहन सामान ढुलाई के लिए पास था या इसको सवारियों के लिए पास कराया गया था।
विज्ञापन
राहगीरों ने की मदद
हादसा देख मौके पर वहां से गुजर रहे लोग मदद के लिए रुके। उन्होंने अपनी-अपनी गाड़ियों से कुछ घायलों को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा पहुंचाया तो कुछ को नागरिक अस्पताल हिसार पहुंचाया। इस बीच कुछ घायलों को निजी अस्पताल में भी दाखिल करवाया गया। अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद राजेंद्र और शांति देवी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज में दाखिल मंगाली सुरतिया निवासी लक्ष्मी देवी ने भी दम तोड़ दिया, जो राजेंद्र के साथ गाड़ी में सवार थी।
इसलिए किया पोस्टमार्टम अलग-अलग
मृतकों में राजेंद्र और शांति देवी के शव का नागरिक अस्पताल हिसार, जबकि लक्ष्मी देवी के शव का पोस्टमार्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेेेज में करवाया गया था। इसका कारण यह रहा कि हादसे के बाद वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को आननफानन अस्पताल पहुंचाने के लिए जो सूझा वही किया। इस कारण कोई अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो कोई हिसार नागरिक अस्पताल और कोई प्राइवेट अस्पताल में। इनमें राजेंद्र और शांति देवी को हिसार लाया गया था, इसलिए उनके शवों का पोस्टमार्टम हिसार में हुआ, जबकि लक्ष्मी को अग्रोहा ले जाया गया था, इसलिए उसके शव का पोस्टमार्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ही किया गया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों के बयान पर डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंदरूनी चोट के कारण हुई मौत
चिकित्सकों के अनुसार तीनों शवों के पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि तीनों को हादसे के समय अंदरूनी चोटें अधिक लगी थीं, जिस कारण उनकी मौत हुई। हादसे में घायल हुए बाकी 11 लोगों कों भी गंभीर चोटें आई हैं। कुछ घायलों को सिर में चोटें लगी हैं। इनमें से कुछ की हालत तो गंभीर बताई गई है और उनका शहर के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
प्रथम दृष्टया डंपर चालक की गलती सामने आई है। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर डंपर चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। डंपर को कब्जे में ले लिया गया है। -जांचकर्ता महेंद्र सिंह, एएसआई, अग्रोहा थाना पुलिस, हिसार।