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हत्या प्रयास मामले में तीन दोषियों को सुनाई छह-छह साल की सजा
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हिसार। अदालत ने हत्या प्रयास के मामले में दोषी करार नारनौंद के राजपाल, जोगेंद्र और श्यामलाल को छह-छह साल की कैद की सजा सुनाई है। सजा के अलावा तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक गोयल की अदालत ने 28 मई को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इस संबंध में नारनौंद थाना में 22 अक्टूबर 2013 को केस दर्ज हुआ था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार नारनौंद के वार्ड-3 के प्रवीण उर्फ सोनू ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि उसकी जींद रोड पर पंक्चर की दुकान है। रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी दुकान पर था। मेरा छोटा भाई देवेंद्र खाना देने आ रहा था। जब वह दुकान के पास पहुंचा तो राजपाल, राजेश, जोगेंद्र, सुभाष, श्यामलाल, उसका बेटा व संतोष लाठरी, डंडे व तेज धारदार हथियार लेकर आए। उन्होंने हम दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। मैं डरकर पिता को बुलाने चला गया। जब लौटा तो हमलावरों ने मेरे भाई को बैठक में बंधक बना रखा था और उस पर हमला कर रहे थे। लोग जमा हुए तो हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे। इस संबंध में नारनौंद थाना पुलिस ने इस संबंध में हत्या प्रयास का केस दर्ज किया था। अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए बाकी आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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अदालत में चले अभियोग के अनुसार नारनौंद के वार्ड-3 के प्रवीण उर्फ सोनू ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि उसकी जींद रोड पर पंक्चर की दुकान है। रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी दुकान पर था। मेरा छोटा भाई देवेंद्र खाना देने आ रहा था। जब वह दुकान के पास पहुंचा तो राजपाल, राजेश, जोगेंद्र, सुभाष, श्यामलाल, उसका बेटा व संतोष लाठरी, डंडे व तेज धारदार हथियार लेकर आए। उन्होंने हम दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। मैं डरकर पिता को बुलाने चला गया। जब लौटा तो हमलावरों ने मेरे भाई को बैठक में बंधक बना रखा था और उस पर हमला कर रहे थे। लोग जमा हुए तो हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे। इस संबंध में नारनौंद थाना पुलिस ने इस संबंध में हत्या प्रयास का केस दर्ज किया था। अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए बाकी आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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