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चेक बाउंस होने पर तीन दोषियों को 2-2 व एक को एक साल की कैद
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सिरसा। चेक बाउंस के मामले में न्यायालय ने आरोपी महेंद्र कुमार को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद सजा सुनाई है। साथ ही दोषी महेंद्र कुमार को जुर्माना लगाते हुए शिकायतकर्ता को 9 लाख 20 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। उक्त राशि 30 दिनों के अंदर देनी होनी नहीं तो एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
इस मामले में रानियां गेट निवासी विनोद कुमार ने 12 जुलाई 2016 को न्यायालय में केस फाइल किया था। मामले के अनुसार विनोद कुमार का बेगू रोड निवासी महेंद्र कुमार के साथ लेनदेन था। 2016 में महेंद्र कुमार ने विनोद से कहा कि अगर वह जमीन के सौदे में पैसा निवेश करता है तो बहुत लाभ होगा। विनोद कुमार ने महेंद्र पर विश्वास कर प्लॉट खरीदने के लिए तैयार हो गया। महेंद्र कुमार ने विनोद को कांडा कॉलोनी में 200 वर्ग मीटर का प्लॉट दिखाया। उसने कहा कि इसका सौदा आठ लाख में हो रहा है। कुल कीमत की आधी से अधिक राशि देकर कब्जा मिल जाएगा। महेंद्र पर भरोसा करके विनोद ने 4 लाख 60 हजार रुपये उसे दे दिए। कुछ दिनों बाद महेंद्र का झूठ सामने आ गया। इसके बाद विनोद कुमार ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने 4 लाख 60 हजार रुपये का चेक उसे दे दिया। विनोद ने अपने बैंक अकाउंट में चेक लगाया तो ये बाउंस हो गया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विशाल शोकंद ने महेंद्र को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद की सजा सुनाई है।
वहीं एक अन्य मामले में न्यायालय ने गांधी कॉलोनी निवासी सुरजीत कुमार अरोड़ा को दो साल कैद की सजा सुनाते हुए 6 लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है। इस मामले में पुरानी सब्जी मंडी निवासी रतन सिंह मक्कड़ ने न्यायालय में 24 मई 2017 को मामला दायर किया था। मामले के अनुसार सुरजीत सिंह को 3 लाख रुपये की जरूरत थी। उसने रतन सिंह से 3 लाख रुपये 22 जून 2016 को उधार पर लिए और कम अवधि के भीतर वापस करने का वादा किया। 12 अप्रैल 2017 को सुरजीत सिंह ने रतन सिंह को 3 लाख रुपये का चेक दिया जो बैंक में लगाने के बाद बाउंस हो गया।
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एक अन्य मामले में न्यायालय ने हिसार के कबीर चौक निवासी अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद सजा सुनाते हुए 90 हजार रुपये मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है। इस मामले में गांव ढांबा निवासी कपिल कुमार ने न्यायालय में 28 अप्रैल 2017 को केस दायर किया था। वहीं चौथे मामले में न्यायालय ने गांव नेजाडेला कलां निवासी सुबेग सिंह को दोषी करार देते हुए एक साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी सुबेग सिंह को पीड़ित शिकायकर्ता मुख्तयार कंबोज को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। मुख्तयार सिंह ने सुबेग सिंह के खिलाफ 15 जनवरी 2021 में केस फाइल किया था। दोनों में रिश्तेदारी थी। इसलिए सुबेग सिंह ने मुख्तयार से एक लाख रुपये उधार मांगे थे। 9 जून 2020 को मुख्तयार सिंह ने सुबेग सिंह को एक लाख रुपये उधार दे दिए। 24 नवंबर 2020 को मुख्तयार सिंह ने सुबेग को एक लाख रुपये का जो चेक दिया तो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया।
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इस मामले में रानियां गेट निवासी विनोद कुमार ने 12 जुलाई 2016 को न्यायालय में केस फाइल किया था। मामले के अनुसार विनोद कुमार का बेगू रोड निवासी महेंद्र कुमार के साथ लेनदेन था। 2016 में महेंद्र कुमार ने विनोद से कहा कि अगर वह जमीन के सौदे में पैसा निवेश करता है तो बहुत लाभ होगा। विनोद कुमार ने महेंद्र पर विश्वास कर प्लॉट खरीदने के लिए तैयार हो गया। महेंद्र कुमार ने विनोद को कांडा कॉलोनी में 200 वर्ग मीटर का प्लॉट दिखाया। उसने कहा कि इसका सौदा आठ लाख में हो रहा है। कुल कीमत की आधी से अधिक राशि देकर कब्जा मिल जाएगा। महेंद्र पर भरोसा करके विनोद ने 4 लाख 60 हजार रुपये उसे दे दिए। कुछ दिनों बाद महेंद्र का झूठ सामने आ गया। इसके बाद विनोद कुमार ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने 4 लाख 60 हजार रुपये का चेक उसे दे दिया। विनोद ने अपने बैंक अकाउंट में चेक लगाया तो ये बाउंस हो गया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विशाल शोकंद ने महेंद्र को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद की सजा सुनाई है।
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वहीं एक अन्य मामले में न्यायालय ने गांधी कॉलोनी निवासी सुरजीत कुमार अरोड़ा को दो साल कैद की सजा सुनाते हुए 6 लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है। इस मामले में पुरानी सब्जी मंडी निवासी रतन सिंह मक्कड़ ने न्यायालय में 24 मई 2017 को मामला दायर किया था। मामले के अनुसार सुरजीत सिंह को 3 लाख रुपये की जरूरत थी। उसने रतन सिंह से 3 लाख रुपये 22 जून 2016 को उधार पर लिए और कम अवधि के भीतर वापस करने का वादा किया। 12 अप्रैल 2017 को सुरजीत सिंह ने रतन सिंह को 3 लाख रुपये का चेक दिया जो बैंक में लगाने के बाद बाउंस हो गया।
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एक अन्य मामले में न्यायालय ने हिसार के कबीर चौक निवासी अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए 2 साल कैद सजा सुनाते हुए 90 हजार रुपये मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है। इस मामले में गांव ढांबा निवासी कपिल कुमार ने न्यायालय में 28 अप्रैल 2017 को केस दायर किया था। वहीं चौथे मामले में न्यायालय ने गांव नेजाडेला कलां निवासी सुबेग सिंह को दोषी करार देते हुए एक साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी सुबेग सिंह को पीड़ित शिकायकर्ता मुख्तयार कंबोज को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। मुख्तयार सिंह ने सुबेग सिंह के खिलाफ 15 जनवरी 2021 में केस फाइल किया था। दोनों में रिश्तेदारी थी। इसलिए सुबेग सिंह ने मुख्तयार से एक लाख रुपये उधार मांगे थे। 9 जून 2020 को मुख्तयार सिंह ने सुबेग सिंह को एक लाख रुपये उधार दे दिए। 24 नवंबर 2020 को मुख्तयार सिंह ने सुबेग को एक लाख रुपये का जो चेक दिया तो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया।