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Hisar News: नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर मचेगा घमासान
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हिसार में नगर निगम में ईवीएम की चेकिंग के लिए रखी गईं मेजें।
हिसार। नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण के बाद वीरवार को पंचकूला में मेयर पद के लिए ड्रॉ निकाला गया, जिसमें हिसार सीट फिर से सामान्य श्रेणी में ही रही। पिछले चुनाव में भी यह सीट आरक्षित नहीं थी। सामान्य होने से अब हर जाति के महिला व पुरुष चुनाव में मेयर के लिए दावेदारी कर सकेंगे।
पिछली बार भी मेयर का पद ओपन था। चूंकि ड्राॅ रोटेशन के आधार पर निकाला जाना था तो संभावना जताई जा रही थी कि इस बार आरक्षित हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होने से आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के मंसूबे पाले दावदारों को जहां झटका लगा है, वहीं सामान्य सीट आने पर मैदान में उतरने का मन बना चुके दावेदारों की बांछें खिल गई हैं।
यूं निकाला गया ड्रॉ
स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय में प्रदेश के 8 नगर निगमों के मेयर पद का ड्रा निकाला जाना था। सबसे पहले एससी सीट के लिए ड्रॉ निकाला गया। ड्रॉ से पहले पिछली बार जिन निगमों में मेयर का पद एससी आरक्षित था, उन दो को सूची से बाहर निकाल दिया। इसके बाद बाकी बचे छह निगमों में सबसे ज्यादा एससी जनसंख्या वाले दो निगमों का चुनाव किया गया, जिसमें रोहतक व यमुनानगर का नाम आया। इनमें से एससी महिला के लिए ड्रॉ निकाला गया, जिसमें यमुनानगर का नाम आया। इसके बाद बीसी ए के लिए ड्रॉ निकाला गया। पहले सूची से रोहतक व यमुनानगर को निकाल दिया गया, क्योंकि ये एससी आरक्षित हो चुके थे। इसके अलावा पानीपत को भी निकाल दिया, क्योंकि यह सीट भी पहले बीसी महिला आरक्षित थी। इसके बाद बीसी-ए की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले तीन निगमों का चुनाव किया गया, जिसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम व करनाल का नाम आया। ड्रॉ निकाला गया तो गुरुग्राम में मेयर का पद बीसी-ए के लिए आरक्षित किया गया। इसके बाद महिला आरक्षण का ड्रॉ निकाला गया। इससे पहले करनाल को निकाल दिया, क्योंकि यहां पिछली बार मेयर का पद महिला आरक्षित था। इसके बाद मानेसर, हिसार, फरीदाबाद व पानीपत में से ड्रॉ निकाला गया, जिसमें फरीदाबाद की सीट महिला आरक्षित की गई। आखिर में बची हिसार, मानेसर, करनाल व पानीपत मेयर पद सामान्य घोषित किया गया। यानी यहां से किसी भी जाति की महिला व पुरुष चुनाव लड़ सकेंगे।
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कई दिग्गज कर रहे हैं तैयारी
हिसार नगर निगम का मेयर पद ओपन होने पर कड़ा मुकाबला होगा। कई दिग्गज चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। अभी तक सभी ड्रॉ का इंतजार कर रहे थे कि कहीं इस बार यह पद आरक्षित न हो जाए। मगर ड्रॉ के बाद चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इन दिग्गजों में कई सत्ताधारी पार्टी से हैं। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक कोई संकेत नहीं दिया गया है कि मेयर पद की टिकट किसे मिलेगी। संभावना है कि टिकट न मिलने पर इनमें से कुछ निर्दलीय भी ताल ठोक सकते हैं।
ईवीएम जांचने पहुंचे कर्मचारी
उधर निगम निगम चुनाव को लेकर निगम कार्यालय में रखी गईं ईवीएम को जांचने के लिए वीरवार दोपहर बाद एक टीम पहुंची, जिसमें 10 कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी सभी 1500 ईवीएम की जांच करेंगे कि कहीं किसी में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं है। किसी मशीन में खराबी है तो उसे ठीक किया जाएगा। साथ ही इन मशीनों में फीड पुराने डाटा को भी डिलीट करेंगे। यह काम 4 से 5 दिन तक चलेगा। मशीनों की जांच करने के बाद फिर से स्ट्रॉन्ग रूम में रखवा दिया जाएगा।
मतदाता सूची पर जताई आपत्ति
कुछ निवर्तमान पार्षदों ने मतदाता सूची पर आपत्ति जताई है। वार्ड 15 से निवर्तमान पार्षद प्रीतम सैनी का कहना है कि उनके वार्ड में बैंक कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी, निरंकारी भवन का एरिया है। मगर इस एरिया के मतदाता वार्ड 13 में शामिल कर दिए हैं। ये बूथ नंबर 105 व 106 के नाम से है। बूथ नंबर 86 व 89 के बूथ वार्ड 15 में जोड दिए। लोगों को जानकारी ही नहीं है कि उनके वार्ड में ये बूथ कहां हैं।
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पिछली बार भी मेयर का पद ओपन था। चूंकि ड्राॅ रोटेशन के आधार पर निकाला जाना था तो संभावना जताई जा रही थी कि इस बार आरक्षित हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होने से आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के मंसूबे पाले दावदारों को जहां झटका लगा है, वहीं सामान्य सीट आने पर मैदान में उतरने का मन बना चुके दावेदारों की बांछें खिल गई हैं।
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यूं निकाला गया ड्रॉ
स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय में प्रदेश के 8 नगर निगमों के मेयर पद का ड्रा निकाला जाना था। सबसे पहले एससी सीट के लिए ड्रॉ निकाला गया। ड्रॉ से पहले पिछली बार जिन निगमों में मेयर का पद एससी आरक्षित था, उन दो को सूची से बाहर निकाल दिया। इसके बाद बाकी बचे छह निगमों में सबसे ज्यादा एससी जनसंख्या वाले दो निगमों का चुनाव किया गया, जिसमें रोहतक व यमुनानगर का नाम आया। इनमें से एससी महिला के लिए ड्रॉ निकाला गया, जिसमें यमुनानगर का नाम आया। इसके बाद बीसी ए के लिए ड्रॉ निकाला गया। पहले सूची से रोहतक व यमुनानगर को निकाल दिया गया, क्योंकि ये एससी आरक्षित हो चुके थे। इसके अलावा पानीपत को भी निकाल दिया, क्योंकि यह सीट भी पहले बीसी महिला आरक्षित थी। इसके बाद बीसी-ए की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले तीन निगमों का चुनाव किया गया, जिसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम व करनाल का नाम आया। ड्रॉ निकाला गया तो गुरुग्राम में मेयर का पद बीसी-ए के लिए आरक्षित किया गया। इसके बाद महिला आरक्षण का ड्रॉ निकाला गया। इससे पहले करनाल को निकाल दिया, क्योंकि यहां पिछली बार मेयर का पद महिला आरक्षित था। इसके बाद मानेसर, हिसार, फरीदाबाद व पानीपत में से ड्रॉ निकाला गया, जिसमें फरीदाबाद की सीट महिला आरक्षित की गई। आखिर में बची हिसार, मानेसर, करनाल व पानीपत मेयर पद सामान्य घोषित किया गया। यानी यहां से किसी भी जाति की महिला व पुरुष चुनाव लड़ सकेंगे।
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कई दिग्गज कर रहे हैं तैयारी
हिसार नगर निगम का मेयर पद ओपन होने पर कड़ा मुकाबला होगा। कई दिग्गज चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। अभी तक सभी ड्रॉ का इंतजार कर रहे थे कि कहीं इस बार यह पद आरक्षित न हो जाए। मगर ड्रॉ के बाद चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इन दिग्गजों में कई सत्ताधारी पार्टी से हैं। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक कोई संकेत नहीं दिया गया है कि मेयर पद की टिकट किसे मिलेगी। संभावना है कि टिकट न मिलने पर इनमें से कुछ निर्दलीय भी ताल ठोक सकते हैं।
ईवीएम जांचने पहुंचे कर्मचारी
उधर निगम निगम चुनाव को लेकर निगम कार्यालय में रखी गईं ईवीएम को जांचने के लिए वीरवार दोपहर बाद एक टीम पहुंची, जिसमें 10 कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी सभी 1500 ईवीएम की जांच करेंगे कि कहीं किसी में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं है। किसी मशीन में खराबी है तो उसे ठीक किया जाएगा। साथ ही इन मशीनों में फीड पुराने डाटा को भी डिलीट करेंगे। यह काम 4 से 5 दिन तक चलेगा। मशीनों की जांच करने के बाद फिर से स्ट्रॉन्ग रूम में रखवा दिया जाएगा।
मतदाता सूची पर जताई आपत्ति
कुछ निवर्तमान पार्षदों ने मतदाता सूची पर आपत्ति जताई है। वार्ड 15 से निवर्तमान पार्षद प्रीतम सैनी का कहना है कि उनके वार्ड में बैंक कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी, निरंकारी भवन का एरिया है। मगर इस एरिया के मतदाता वार्ड 13 में शामिल कर दिए हैं। ये बूथ नंबर 105 व 106 के नाम से है। बूथ नंबर 86 व 89 के बूथ वार्ड 15 में जोड दिए। लोगों को जानकारी ही नहीं है कि उनके वार्ड में ये बूथ कहां हैं।