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Hisar News: बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी...नशे के जाल में फंसे बेटों को संभाल रहे

Sun, 01 Dec 2024 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 01 Dec 2024 01:52 AM IST
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There was hope of support in old age... taking care of sons trapped in drug addiction
हिसार। रगों में घुलता चिट्टा जिंदगियां लील रहा है। परिवार बर्बाद हो रहे हैं। हालत यह है कि बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद में जिंदगी काट देने वाले मां-बाप आज नशे में जान गंवा रहे औलादों की अर्थियों का बोझ अपने कंधों पर ढो रहे हैं। नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में आए दिन ऐसे लोग पहुंच रहे हैं, जिनके बेटे नशे से बर्बाद हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर चिट्टे और स्मैक के आदी हो चुके हैं। अस्पताल परिसर में चल रहे ओएसटी सेंटर में हर रोज करीब 217 युवक, युवतियां नशा छोड़ने की दवाई लेने आ रहे हैं। यहां अब तक 992 लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, जिनमें से कइयों की मौत हो चुकी है।
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डॉ. मोहित पाठक ने बताया कि नागरिक अस्पताल में 2014 में ओएसटी सेंटर की स्थापना की गई थी। फिलहाल 217 लोग रोजाना नशा छोड़ने की दवा लेने आते हैं। ये सभी चिट्टे का नशा करते हैं। इनमें चार-पांच युवतियां और महिलाएं भी हैं। अभी तीन लोगों का उपचार चल रहा है, जिनमें से एक भर्ती है।
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