फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   There is no place to set foot in the buses, the journey hanging on the window

बसों में पैर रखने की नहीं मिलती जगह, खिड़की पर लटक कर रहीं सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
There is no place to set foot in the buses, the journey hanging on the window
काजला बस स्टैंड पर रोडवेज की बस में भीड़ के चलते खिड़की पर लटके हुए यात्री। संवाद - फोटो : Hisar
हिसार। एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा दे रही है। वहीं, लाडवी रूट पर बेटियों को बस की सुविधा नहीं मिलने पर परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर छात्राएं जीएम सुखदेव सिंह से मिलीं। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि रोजाना पढ़ाई के लिए हिसार आना पड़ता है। इस दौरान गांव पहुंचने वाली बस में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। इस कारण उन्हें खिड़की पर लटक कर सफर करना पड़ता है। इस पर जीएम ने सोमवार से रूट पर बसें बढ़ाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

काजला निवासी छात्रा पूनम, कोमल, अंकुश, किरण, ममता ने बताया कि लाडवी रूट पर एक ही बस चलती है। जब बस लाडवी से होते हुए काजला पहुंचती है तो बस में पैर रखने के लिए जगह नहीं होती है। ऐसे में भीड़ के कारण उन्हें बस की खिड़की में लटककर या ऑटो से हिसार आना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि अब तो सभी स्कूल-कॉलेज खुल चुके हैं। बावजूद उन्हें बसों की सुविधा नहीं मिल रही है। उधर, बेटियों के लिए चलाई गई पिंक मिनी बसें भी रोडवेज वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed