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शटर सिक्योरिटी सिस्टम से रुकेंगी चोरी की वारदात
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हिसार। अब लोगों चोरी की वारदात से बच सकेंगे। शटर सिक्योरिटी सिस्टम नामक डिवाइस लगाने से चोरी की वारदात रुकेगी। यह दावा किया है न्यू जवाहर नगर निवासी इलेक्ट्रीशियन होशियार सिंह ने। उन्होंने एक साल की मेहनत से ऐसी सिक्योरिटी सिस्टम डिवाइस तैयार की है। जो न केवल चोरी की वारदात को रोकेगी, बल्कि आग लगने जैसी घटनाओं पर भी काबू पाया जा सकेगा। इस डिवाइस के लगाने पर जब कोई दुकान के शटर को छूएगा तो मालिक के पास तुरंत अलर्ट संदेश पहुंचेगा।
इस सिस्टम से अटैच डिवाइस/ अलार्म न केवल शोर मचाएगी, बल्कि इससे जुड़े पांच फोन नंबरों पर इसकी सूचना भेजेगी। फोन बंद होने की स्थिति में भी यह तकनीक कार्य करेगी। साथ ही कार्यालय व फैक्टरी के खुलने व बंद होने का समय भी अपने आप दर्ज हो जाएगा। इलेक्ट्रीशियन होशियार सिंह के अनुसार इस शटर सिक्योरिटी सिस्टम में डोर और विंडो सेंसर एवं डोर सेंसर नामक के दो पार्ट होते हैं, जो एक दूसरे के समांतर इंस्टॉल किये जाते हैं।
सेंसर के दोनों पार्ट जुड़कर करेंगे सर्किट पैदा
सेंसर का एक पार्ट दरवाजे व विंडो में लगाया जाता है और दूसरा पार्ट उसके फ्रेम पर लगाया जाता है। जब दरवाजा व विंडो बंद होते हैं, तो सेंसर के दोनों पार्ट जुड़कर एक सिक्योरिटी सर्किट का निर्माण करते हैं। जब सिक्योरिटी सिस्टम आर्म या एक्टिवेट होता है तब ये सेंसर पैनल से कम्यूनिकेट करके यह तय करते हैं कि एंट्री प्वाइंट सुरक्षित है और उस परिस्थिति में अगर दरवाजा व विंडो खुलती है तो सिक्योरिटी सर्किट टूट जाएगा। उसके तुरंत बाद कंट्रोल पैनल अलार्म बजाने लगता है और अलार्म पैनल इसकी जानकारी मोनिटरिंग स्टेशन तक भेज देगा।
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ज्वेलर्स शॉप का अलार्म देख आया था आइडिया
इलेक्ट्रीशियन होशियार सिंह कोरोना काल से पहले एक नामी ज्वेलर्स शॉप में बतौर इलेक्ट्रीशियन जॉब करते थे। उस शॉप में लगे सेंसर और अलार्म सिस्टम को देखकर उन्होंने सामान्य दुकानों के लिए ऐसा ही सिस्टम बनाने की ठानी। साथ ही वह ऐसा सिस्टम बनाना चाहते थे कि वह तकनीक सस्ती हो। उनके अनुसार जरूरत पड़ने पर इस शटर सिक्योरिटी सिस्टम अलार्म से संबंधित अथॉरिटी को भी सूचित करेगा। इसके लिए पुलिस, फायर-ब्रिगेड या दूसरे प्रकार की संबंधित विभागों को भी जोड़ा जा सकेगा। इसके साथ ही हाई-डेसिबल अलार्म ट्रिगर को जोड़ा गया है। अलार्म का टेक्स्ट मैसेज भी होम ऑनर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आयेगा।
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इस सिस्टम से अटैच डिवाइस/ अलार्म न केवल शोर मचाएगी, बल्कि इससे जुड़े पांच फोन नंबरों पर इसकी सूचना भेजेगी। फोन बंद होने की स्थिति में भी यह तकनीक कार्य करेगी। साथ ही कार्यालय व फैक्टरी के खुलने व बंद होने का समय भी अपने आप दर्ज हो जाएगा। इलेक्ट्रीशियन होशियार सिंह के अनुसार इस शटर सिक्योरिटी सिस्टम में डोर और विंडो सेंसर एवं डोर सेंसर नामक के दो पार्ट होते हैं, जो एक दूसरे के समांतर इंस्टॉल किये जाते हैं।
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सेंसर के दोनों पार्ट जुड़कर करेंगे सर्किट पैदा
सेंसर का एक पार्ट दरवाजे व विंडो में लगाया जाता है और दूसरा पार्ट उसके फ्रेम पर लगाया जाता है। जब दरवाजा व विंडो बंद होते हैं, तो सेंसर के दोनों पार्ट जुड़कर एक सिक्योरिटी सर्किट का निर्माण करते हैं। जब सिक्योरिटी सिस्टम आर्म या एक्टिवेट होता है तब ये सेंसर पैनल से कम्यूनिकेट करके यह तय करते हैं कि एंट्री प्वाइंट सुरक्षित है और उस परिस्थिति में अगर दरवाजा व विंडो खुलती है तो सिक्योरिटी सर्किट टूट जाएगा। उसके तुरंत बाद कंट्रोल पैनल अलार्म बजाने लगता है और अलार्म पैनल इसकी जानकारी मोनिटरिंग स्टेशन तक भेज देगा।
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ज्वेलर्स शॉप का अलार्म देख आया था आइडिया
इलेक्ट्रीशियन होशियार सिंह कोरोना काल से पहले एक नामी ज्वेलर्स शॉप में बतौर इलेक्ट्रीशियन जॉब करते थे। उस शॉप में लगे सेंसर और अलार्म सिस्टम को देखकर उन्होंने सामान्य दुकानों के लिए ऐसा ही सिस्टम बनाने की ठानी। साथ ही वह ऐसा सिस्टम बनाना चाहते थे कि वह तकनीक सस्ती हो। उनके अनुसार जरूरत पड़ने पर इस शटर सिक्योरिटी सिस्टम अलार्म से संबंधित अथॉरिटी को भी सूचित करेगा। इसके लिए पुलिस, फायर-ब्रिगेड या दूसरे प्रकार की संबंधित विभागों को भी जोड़ा जा सकेगा। इसके साथ ही हाई-डेसिबल अलार्म ट्रिगर को जोड़ा गया है। अलार्म का टेक्स्ट मैसेज भी होम ऑनर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आयेगा।