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Hisar News: एयरपोर्ट से युवाओं के सपनों को मिलेगी उड़ान, 1.25 लाख से ज्यादा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
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हिसार। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से दिल्ली-अयोध्या व चंडीगढ़ की हवाई यात्रा सुलभ होने के साथ अब युवाओं के सपनों को भी उड़ान मिलेगी। प्रदेश सरकार ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एकेआईसी) के तहत एयरपोर्ट के पास एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) के लिए नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। सैनी ने वीरवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में विश्व उद्यमिता दिवस पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
सीएम सैनी ने कहा कि 2998 एकड़ में 4,680 करोड़ रुपये की लागत और 32,417 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता वाले इस क्लस्टर से 1.25 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने बताया कि एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप बनेगा। ईस्टर्न एंड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित यह परियोजना एनएच-52, एनएच-9, रेल नेटवर्क और प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य साबित होगी। जो समझौता किया गया है, उन पर एनआईसीडीआईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक रजत कुमार सैनी, प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार और हरियाणा एयरपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नरहरि सिंह बांगड़ ने हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट भी होगा स्थापित
सीएम ने बताया कि 2988 एकड़ जमीन में से 1300 एकड़ पर वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट स्थापित किया जाएगा। यह क्लस्टर डिफेंस और एयरोस्पेस केंद्रित होगा। इसमें विश्व की बड़ी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
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जापान की कंपनी करेगी निवेश तो अमेरिकी एजेंसी देगी तकनीकी सहायता
एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर में जापान की एक कंपनी ने निवेश करने में रुचि दिखाई थी। इस कंपनी के पदाधिकारी हिसार आकर परियोजना का निरीक्षण कर चुके हैं। यह कंपनी में 200 से 300 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहती है। इसके अलावा अमेरिका की ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी इंटीग्रेटेड एविएशन हब बनाने के लिए तकनीकी और आर्थिक सहायता देगी।
औद्योगिक विकास व निवेश को मिलेगी गति
एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर औद्योगिक विकास और निवेश प्रवाह को गति देने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे उत्तर भारत में हरियाणा की पहचान एक अग्रणी औद्योगिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। व्यवसाय-अनुकूल वातावरण के माध्यम से यह परियोजना घरेलू एवं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करेगी और मेक इन इंडिया पहल को बल देगी।
प्रदेश में 10 एमआईटी विकसित की जाएंगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 आईएमटी विकसित की जाएंगी। इसके लिए करीब 35 हजार एकड़ जमीन की खरीद की जा रही है। इसके अलावा 100 और नमो दीदी को निशुल्क ड्रोन देकर उद्यमी बनाया जाएगा।
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सीएम सैनी ने कहा कि 2998 एकड़ में 4,680 करोड़ रुपये की लागत और 32,417 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता वाले इस क्लस्टर से 1.25 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने बताया कि एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप बनेगा। ईस्टर्न एंड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित यह परियोजना एनएच-52, एनएच-9, रेल नेटवर्क और प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य साबित होगी। जो समझौता किया गया है, उन पर एनआईसीडीआईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक रजत कुमार सैनी, प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार और हरियाणा एयरपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नरहरि सिंह बांगड़ ने हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट भी होगा स्थापित
सीएम ने बताया कि 2988 एकड़ जमीन में से 1300 एकड़ पर वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट स्थापित किया जाएगा। यह क्लस्टर डिफेंस और एयरोस्पेस केंद्रित होगा। इसमें विश्व की बड़ी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
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जापान की कंपनी करेगी निवेश तो अमेरिकी एजेंसी देगी तकनीकी सहायता
एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर में जापान की एक कंपनी ने निवेश करने में रुचि दिखाई थी। इस कंपनी के पदाधिकारी हिसार आकर परियोजना का निरीक्षण कर चुके हैं। यह कंपनी में 200 से 300 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहती है। इसके अलावा अमेरिका की ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी इंटीग्रेटेड एविएशन हब बनाने के लिए तकनीकी और आर्थिक सहायता देगी।
औद्योगिक विकास व निवेश को मिलेगी गति
एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर औद्योगिक विकास और निवेश प्रवाह को गति देने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे उत्तर भारत में हरियाणा की पहचान एक अग्रणी औद्योगिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। व्यवसाय-अनुकूल वातावरण के माध्यम से यह परियोजना घरेलू एवं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करेगी और मेक इन इंडिया पहल को बल देगी।
प्रदेश में 10 एमआईटी विकसित की जाएंगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 आईएमटी विकसित की जाएंगी। इसके लिए करीब 35 हजार एकड़ जमीन की खरीद की जा रही है। इसके अलावा 100 और नमो दीदी को निशुल्क ड्रोन देकर उद्यमी बनाया जाएगा।