{"_id":"fbd9a720e8d55267bfed6ac50989863c","slug":"the-villagers-lock-the-waterworks","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने जलघर पर ताला जड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने जलघर पर ताला जड़ा
बवानी खेड़ा (भिवानी)/ब्यूरो।
Updated Thu, 28 Nov 2013 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के भिवानी में गांव बलियाली में दूषित पानी की आपूर्ति होने पर भड़के ग्रामीणों ने जलघर पर ताला जड़ दिया।
मौके पर पहुंचे कनिष्ठ अभियंता के आश्वासन पर ग्रामीणों ने ताला खोला।
गांव के सामान्य बस स्टैंड मोहल्लावासियों समेत वार्ड 6, 8, 11 जैमलपुरा के वार्ड 6 निवासियों में भतेरी, पनमेश्वरी, पिंकी, गीता, नीतू, मीरा, मीनू, आशा, गुलाबो, सुनीता, ज्योति, सचिन सरदाना ने बताया कि छह माह से क्षेत्र में दूषित पानी आ रहा है।
समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें ये कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि सप्लाई किया जा रहा पानी बदबूदार है।
उन्होंने बताया कि गांव में करीब 43 मेन होल है जिसमें 10 मेनहोलों पर ही ढक्कन लगे हुए हैं बाकी के 33 मेनहोलों पर असल में तो ढक्कन ही नहीं है यदि हैं तो वह जर्जर हालत में है।
इससे कभी भी हादसा हो सकता है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता मुकेश जांगड़ा के 10 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे कनिष्ठ अभियंता के आश्वासन पर ग्रामीणों ने ताला खोला।
गांव के सामान्य बस स्टैंड मोहल्लावासियों समेत वार्ड 6, 8, 11 जैमलपुरा के वार्ड 6 निवासियों में भतेरी, पनमेश्वरी, पिंकी, गीता, नीतू, मीरा, मीनू, आशा, गुलाबो, सुनीता, ज्योति, सचिन सरदाना ने बताया कि छह माह से क्षेत्र में दूषित पानी आ रहा है।
समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें ये कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि सप्लाई किया जा रहा पानी बदबूदार है।
उन्होंने बताया कि गांव में करीब 43 मेन होल है जिसमें 10 मेनहोलों पर ही ढक्कन लगे हुए हैं बाकी के 33 मेनहोलों पर असल में तो ढक्कन ही नहीं है यदि हैं तो वह जर्जर हालत में है।
विज्ञापन
इससे कभी भी हादसा हो सकता है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता मुकेश जांगड़ा के 10 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।