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छह बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 11:42 PM IST
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The shadow of the father lifted from the heads of six children
उकलाना मंडी। गांव बुढ़ाखेड़ा के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर जहरीली गैस चढ़ने से चार युवकों की मौत से माहौल गमगीन है। हादसे से छह बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। एसटीपी में ऑपरेटर के पद कार्य करने वाले सुरेंद्र के दो भाई हैं। तीन भाइयों में सुरेंद्र दूसरे नंबर का था। सुरेंद्र के तीन बच्चे हैं, जिसमें बड़ी लड़की 8 वर्ष, दूसरी 6 वर्ष और लड़का 4 वर्ष का है। ऑपरेटर राहुल का बेटा केवल 45 दिन का है। दो भाइयों में राहुल बड़ा था। वहीं, राजेश का डेढ़ वर्ष का बेटा है, जो उन्होंने गोद लिया था। महेंद्र बिजली मैकेनिक का कार्य करता था। उसकी एक वर्ष की बेटी है।
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हादसे का शिकार हुए तीन मृतकों का बुधवार को बुढ़ाखेड़ा गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर राज्य मंत्री अनूप सिंह, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल, जजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेंद्र लितानी, निगरानी समिति के चेयरमैन रामफल नैन, पूर्व चेयरमेन बृजलाल बहबलपुरिया, पूर्व सरपंच केला राम, मिया सिंह, दयानंद ढुकिया, मक्खन लाल आदि उपस्थित रहे। गोस्वामी परिवार से जुड़े सुरेंद्र के शव को असनगढ़ गांव में दफनाया गया।
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एसटपी की सुरक्षा पर उठे सवाल, छह सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
गांव बुढाखेड़ा में मंगलवार को जहरील गैस चढ़ने से चार युवकों की मौत ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में उपलब्ध सुरक्षा के इंतजाम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा के संसाधन उपलब्ध न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। इस मामले में डीसी ने एडीसी स्वप्निल रविंद्रा पाटिल की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि एडीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी सभी पहलुओं की जांच करेगी। किस स्तर पर कमी रही इसकी रिपोर्ट तैयार होगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कमेटी में एसडीएम बरवाला, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग, कार्यकारी अभियंता पब्लिक हेल्थ, डीएसपी बरवाला को शामिल किया गया है।ग्रामीणों ग्रामीण बलबीर, महाबीर, रमेश कुमार, रामकिशन, सुभाष दहिया, सतबीर, महाबीर, रामकैलाश का आरोप है कि एसटीपी के गेट पर न कोई चौकीदार नहीं होता। यहां पर एक टैंक खुला है, जिसमें कई लावारिस पशु गिर चुके हैं। करीब दो एकड़ में बने एसटीपी में बुढाखेड़ा का सीवरेज का पानी एकत्रित आता है। ठेकेदार राजेश ने दोनों प्लांट पर 11 कर्मचारी रखने का टेंडर लिया हुआ है। इसमें 7 स्थायी और 4 अस्थायी कर्मचारी रखने का प्रावधान है। इसमें सुरेंद्र व राहुल को ऑपरेटर के तौर पर रखा हुआ था। जिन्हें 10 और 11 हजार के बीच वेतन दिया जाता था।

11 सदस्यीय कमेटी ने कराया समझौता
हादसे के बाद ग्रामीणों ने शवों को पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया था। रात करीब डेढ़ बजे राज्यमंत्री अनूप धानक के साथ 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसने मृतकों के परिवार को 17-17 लाख रुपये देने पर सहमति जताई। कमेटी में पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, राजेंद्र लितानी, सुरेंद्र लितानी, नरेंद्र घनघस, राकेश मंडा, धूप सिंह थाकन, का. मिया सिंह, पूर्व सरपंच केलाराम ,तुलसी राम वर्मा शामिल किए गए। परिवारों को एक-एक सरकारी नौकरी देने पर सहमति बनी।
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