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एनीमिया के मरीजों की संख्या घटने की बजाय बढ़ी
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हिसार। प्रदेश में पांच साल पहले 55 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में एनीमिया ( खून की कमी ) थी। इस दर को घटाने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया गया। हैरान करने वाली बात ये है कि दर घटने की बजाय डेढ़ प्रतिशत बढ़ गई। पांच साल के बाद हुए सर्वे में 56.5 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में खून की कमी पाई गई। 15 से 19 साल के लड़कों में भी खून की कमी के आंकड़े बढ़े हैं। अब एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बढ़े हुए आंकड़ों में हर साल तीन प्रतिशत की कमी आने के लिए एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान का आगाज किया जा रहा है। हिसार जिले में एक मई को आजाद नगर में अर्बन स्वास्थ्य केंद्र से अभियान का आगाज किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. रतना भारती ने बताया कि हर आयुवर्ग में एनीमिया की दर में कमी लाने के लिए एक मई से एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान चलाया जा रहा है। आजाद नगर के अर्बन स्वास्थ्य केंद्र से इसकी शुरूआत की जाएगी। जिले में 47 सरकारी केंद्रों पर यह अभियान चलाया जाएगा। एक से सात मई तक यह अभियान चलेगा। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के खून की जांच की जाएगी। उनका अलग से पोर्टल पर नाम और मोबाइल नंबर चढ़ाया जाएगा। दो माह के बाद मरीज को फालो करेंगे की अब उसके शरीर में खून की मात्रा कितनी है। पोर्टल पर मरीज का नाम डालने से उसकी पूरी जानकारी आ जाएगी।
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. तरुण ने बताया कि मरीज में खून की कमी पाए जाने के बाद दो माह तक उसका उपचार चलेगा। इसके बाद फिर से उनके स्वास्थ्य की जांच होगी। उन्होंने बताया कि छह माह से पांच साल तक का बच्चा जांच में नार्मल मिलता है, तो बचाव के तौर पर सप्ताह में एक बार आयरन सीरप दी जाएगी। 5 से 9 साल तक के नार्मल बच्चे को सप्ताह में एक बार गुलाबी रंग की गोली दी जाएगी। 10 से 19 साल तक के नार्मल बच्चे को नीले रंग की गोली सप्ताह में एक बार दी जाएगी। 20 से 49 साल की गर्भवती महिला में खून की कमी नहीं ह,ै तो उसे लाल रंग की गोली दी जाएगी। सभी का डाटा एनीमिया पोर्टल पर होगा। उन्होंने बताया कि 2015-2016 में नेशनल हेल्थ फैमिली सर्वे हुआ था। इसके बाद 2020-2021 में सर्वे हुआ। इस सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एनीमिया के मरीजों की संख्या घटने की बजाय बढ़ गई। एनीमिया मुक्त अभियान के तहत प्रदेश में एक साल में तीन प्रतिशत मरीजों की कमी लाना लक्ष्य है।
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इन आंकड़ों पर डालें नजर
2015-2016 2020-2021 टारगेट था
6 से 59 माह तक के बच्चे 71.7 प्रतिशत 70.4 54
15 से 19 साल तक की लड़कियां 62.7 62.3 45
15 से 19 साल तक के लड़के 29.7 29.9 12
15 से 49 साल तक की महिलाएं 63.1 60.6 45
15 से 49 साल तक की गर्भवती महिलाएं 55 56.5 37
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सीएमओ डॉ. रतना भारती ने बताया कि हर आयुवर्ग में एनीमिया की दर में कमी लाने के लिए एक मई से एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान चलाया जा रहा है। आजाद नगर के अर्बन स्वास्थ्य केंद्र से इसकी शुरूआत की जाएगी। जिले में 47 सरकारी केंद्रों पर यह अभियान चलाया जाएगा। एक से सात मई तक यह अभियान चलेगा। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के खून की जांच की जाएगी। उनका अलग से पोर्टल पर नाम और मोबाइल नंबर चढ़ाया जाएगा। दो माह के बाद मरीज को फालो करेंगे की अब उसके शरीर में खून की मात्रा कितनी है। पोर्टल पर मरीज का नाम डालने से उसकी पूरी जानकारी आ जाएगी।
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नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. तरुण ने बताया कि मरीज में खून की कमी पाए जाने के बाद दो माह तक उसका उपचार चलेगा। इसके बाद फिर से उनके स्वास्थ्य की जांच होगी। उन्होंने बताया कि छह माह से पांच साल तक का बच्चा जांच में नार्मल मिलता है, तो बचाव के तौर पर सप्ताह में एक बार आयरन सीरप दी जाएगी। 5 से 9 साल तक के नार्मल बच्चे को सप्ताह में एक बार गुलाबी रंग की गोली दी जाएगी। 10 से 19 साल तक के नार्मल बच्चे को नीले रंग की गोली सप्ताह में एक बार दी जाएगी। 20 से 49 साल की गर्भवती महिला में खून की कमी नहीं ह,ै तो उसे लाल रंग की गोली दी जाएगी। सभी का डाटा एनीमिया पोर्टल पर होगा। उन्होंने बताया कि 2015-2016 में नेशनल हेल्थ फैमिली सर्वे हुआ था। इसके बाद 2020-2021 में सर्वे हुआ। इस सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एनीमिया के मरीजों की संख्या घटने की बजाय बढ़ गई। एनीमिया मुक्त अभियान के तहत प्रदेश में एक साल में तीन प्रतिशत मरीजों की कमी लाना लक्ष्य है।
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इन आंकड़ों पर डालें नजर
2015-2016 2020-2021 टारगेट था
6 से 59 माह तक के बच्चे 71.7 प्रतिशत 70.4 54
15 से 19 साल तक की लड़कियां 62.7 62.3 45
15 से 19 साल तक के लड़के 29.7 29.9 12
15 से 49 साल तक की महिलाएं 63.1 60.6 45
15 से 49 साल तक की गर्भवती महिलाएं 55 56.5 37