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साउथ अफ्रीका में दिखेगा हिसार की दीपिका के ड्रैग फ्लिक का जादू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:36 AM IST
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The magic of Deepika's drag flick from Hisar will be seen in South Africa
सीनियर हॉकी कोच आजाद मलिक के साथ खिलाड़ी दीपिका। संवाद - फोटो : Hisar
हिसार। प्रतिभा के आगे उम्र कोई मायने नहीं रखती। ऐसा ही कर दिखाया है हिसार की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दीपिका ने। दीपिका ने मात्र चार साल की उम्र में हॉकी थाम करिअर बनाने की शुरुआत की। अब वह साउथ अफ्रीका में 5 दिसंबर से 16 दिसंबर तक होने वाले जूनियर वर्ल्ड कप में स्टिक से ड्रैग फ्लिक तकनीक का जादू दिखाएगी।
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हिसार के एचएयू के कैंपस की रहने वाली दीपिका फिलहाल बेंगलुरु में प्रशिक्षण ले रही है। दीपिका राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी है। दीपिका एचएयू कैंपस स्कूल में बारहवीं कक्षा की छात्रा है। दीपिका यूथ ओलंपिक में रजत पदक के अलावा सीनियर नेशनल में तीन पदक जीत चुकी है। इनमें एक गोल्ड और दो कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं पिता जगदीश सिंह एचएयू के ब्याय हॉस्टल में कार्यरत है। दीपिका ड्रैग फ्लिक तकनीक से खेलने वाली खिलाड़ी हैं। दीपिका के चयन होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
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यह होता है ड्रैग फ्लिक
हॉकी में गोल करने की तकनीक है। इसे सबसे मुश्किल माना जाता है। इस तकनीक में बॉल को स्टिक से हिट करने की बजाय बॉल को स्टिक के साथ शरीर का पूरा जोर लगाते हुए उसे पूरी गति से गोल पोस्ट की ओर ले जाया जाता है। इस दौरान गोल करने में शरीर की सबसे अधिक ताकत का प्रयोग होता है।
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दो दिन खेलते देखा, तीसरे दिन खुद थामी हॉकी
सीनियर हॉकी कोच आजाद मलिक के अनुसार दीपिका के पिता जगदीश सिंह अपनी बेटी और बेटे प्रवेश सहरावत को कुश्ती सीखाने के लिए साई में लेकर आए थे मगर दीपिका हॉल से बाहर आकर हॉकी देखने लग जाती थी। उस समय वह मात्र चार साल की थी। दो दिन उसने हॉकी खेलते दूसरे खिलाड़ियों को देखा। तीसरे दिन उसके हाथ में हॉकी थमा दी और मैदान पर अभ्यास करवाना शुरू कर दिया। उसके बाद दीपिका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। परिवार का सहयोग मिला तो वह आगे बढ़ती चल गई।

चार साल की उम्र में दीपिका को हॉकी की शुरुआत करवाई थी। काफी खुशी की बात है कि अब दीपिका जूनियर वर्ल्ड कप में खेलेंगी। दीपिका से अन्य बेटियों को भी प्रेरणा मिलेगी। - आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच
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