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रिंग में उतरी तो कम हाइट के कारण मजाक उड़ाने लगे लोग, अब मेडल लाने पर वहीं दे रहे सम्मान
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हिसार। छह साल पहले रोहतक के धामण की रहने वाली बॉक्सर अनामिका हुड्डा बॉक्सिंग में करिअर बनाने के लिए रिंग में उतरी तो कम कद काठी होने पर लोगों ने मजाक उड़ाया। रिंग में अपने मुक्के का जोर दिखाया तो आज वहीं लोग पदक जीतने पर उसे सम्मान दे रहे हैं। अनामिका ने हिसार में चल रही 5वीं एलीट राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अपने पंच का दम दिखाते हुए 48 से 50 किलोग्राम भारवर्ग में राजस्थान की पूजा को हराकर फाइनल में पहुंच गई है।
कुश्ती से की थी शुरुआत, एक माह बाद ही बदल लिया गेम
अनामिका बताती हैं कि उसने कुश्ती से खेल की शुरुआत की थी मगर वजन बढ़ने के कारण उसने एक माह बाद ही कुश्ती छोड़ दी। उसके बाद उसने बॉक्सिंग में अपना करिअर बनाने की ठानी। फिलहाल अनामिका गुवाहाटी कैंप में प्रशिक्षण ले रही थी। अनामिका ने बताया कि यहां तक उसे पहुंचाने में माता-पिता का काफी सहयोग रहा है। वह कोच मोहम्मद अली और नवीन कुमार से प्रशिक्षण ले रही है।
अनामिका की उपलब्धि
2018 में रोहतक में हुई यूथ नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
2018 में हंगरी में हुई यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक
गांव में लड़कियों को खेलती देख बॉक्सर बनने की मिली प्रेरणा
रोहतक के गांव रूढ़की की रहने वाली मीनाक्षी ने बताया कि वह अपने गांव से एक किलोमीटर बॉक्सिंग देखने जाती थी। यहां लड़कियों को खेलता देख बॉक्सर बनने की प्रेरणा मिली। उसके बाद वर्ष 2014 में मीनाक्षी ने बॉक्सिंग खेलना शुरू कर दिया। मंगलवार को हरियाणा की टीम में खेल रही मीनाक्षी ने 50 से 52 किलोग्राम भारवर्ग में रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड की ज्योति को 3-2 से हरा दिया।
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हर मुकाबले के बाद बढ़ाया अभ्यास का समय तो मिली जीत : जैसमीन
हरियाणा टीम की ओर से खेलने वाली जैसमीन ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उसने अच्छी प्रैक्टिस की। उसने हर मुकाबले के बाद अपने अभ्यास का समय बढ़ाया। जैसमीन ने बताया कि चाचा परविंद्र और संदीप लंबोरिया उन्हें प्रशिक्षण देते हैं। जैसमीन ने 57 से 60 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में सिमरनजीत कौर को पराजित किया।
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कुश्ती से की थी शुरुआत, एक माह बाद ही बदल लिया गेम
अनामिका बताती हैं कि उसने कुश्ती से खेल की शुरुआत की थी मगर वजन बढ़ने के कारण उसने एक माह बाद ही कुश्ती छोड़ दी। उसके बाद उसने बॉक्सिंग में अपना करिअर बनाने की ठानी। फिलहाल अनामिका गुवाहाटी कैंप में प्रशिक्षण ले रही थी। अनामिका ने बताया कि यहां तक उसे पहुंचाने में माता-पिता का काफी सहयोग रहा है। वह कोच मोहम्मद अली और नवीन कुमार से प्रशिक्षण ले रही है।
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अनामिका की उपलब्धि
2018 में रोहतक में हुई यूथ नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
2018 में हंगरी में हुई यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक
गांव में लड़कियों को खेलती देख बॉक्सर बनने की मिली प्रेरणा
रोहतक के गांव रूढ़की की रहने वाली मीनाक्षी ने बताया कि वह अपने गांव से एक किलोमीटर बॉक्सिंग देखने जाती थी। यहां लड़कियों को खेलता देख बॉक्सर बनने की प्रेरणा मिली। उसके बाद वर्ष 2014 में मीनाक्षी ने बॉक्सिंग खेलना शुरू कर दिया। मंगलवार को हरियाणा की टीम में खेल रही मीनाक्षी ने 50 से 52 किलोग्राम भारवर्ग में रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड की ज्योति को 3-2 से हरा दिया।
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हर मुकाबले के बाद बढ़ाया अभ्यास का समय तो मिली जीत : जैसमीन
हरियाणा टीम की ओर से खेलने वाली जैसमीन ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उसने अच्छी प्रैक्टिस की। उसने हर मुकाबले के बाद अपने अभ्यास का समय बढ़ाया। जैसमीन ने बताया कि चाचा परविंद्र और संदीप लंबोरिया उन्हें प्रशिक्षण देते हैं। जैसमीन ने 57 से 60 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में सिमरनजीत कौर को पराजित किया।