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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The industrial area which generates a revenue of Rs 600 crore annually does not have even the barest of facilities

Hisar News: सालान 600 करोड़ का राजस्व देने वाले औद्योगिक क्षेत्र में कौड़ी की सुविधाएं भी नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:29 AM IST
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The industrial area which generates a revenue of Rs 600 crore annually does not have even the barest of facilities
पुराने औद्योगिक एरिया में भरा पड़ा पानी।

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हिसार। जीएसटी के रूप में सरकार को हर साल 600 करोड़ का राजस्व देने वाला पुराना औद्योगिक क्षेत्र तमाम बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। करीब 65 साल पहले विकसित किए गए इस औद्योगिक क्षेत्र में कई वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। उद्यमी नगर निगम व शहरी विकास प्राधिकरण को समस्याओं से कई बार अवगत करवा चुके हैं, बावजूद इसकी स्थिति ज्यों की त्यों बनी है।

उद्योगपतियों का कहना है कि बारिश के पूरे सीजन में मुख्य सड़क पर जलभराव रहता है। इस कारण से क्षेत्र की सड़कें जल्द टूट जाती हैं। गड्ढे होने से वाहनों को नुकसान पहुंचता है। भारी वाहनों को औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने में दिक्कत होती है। उद्योग विभाग ने दिल्ली रोड पर पुराना औद्योगिक क्षेत्र वर्ष 1960 में विकसित किया था। इसे दो पार्ट में विकसित किया गया। एक पार्ट में 4, 2 व 1 कनाल के 49 प्लॉट आवंटित किए गए, जिसे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉलोनी नाम दिया गया। वहीं दूसरे पार्ट में ए व बी टाइप के 44 शेड बनाकर दिए गए थे, जिसे इंडस्ट्रियल एस्टेट कहा जाता है। यह शहर का पहला नक्शे के अनुसार बसाया औद्योगिक क्षेत्र है।
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इन वस्तुओं का होता है उत्पादन

पुराने औद्योगिक क्षेत्र में संचालित इकाइयों में स्टेनलेस स्टील पाइप, लोहे की जाली, लोहे की तार, स्टील स्ट्रक्चर आदि का उत्पादन होता है।

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इस मांग को भी पूरा करे सरकार



हिसार स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार अब शहर में नए उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए जगह उपलब्ध नहीं है। सरकार की तरफ से सेक्टर 27-28 के बाद कोई नया औद्योगिक सेक्टर विकसित नहीं किया गया। एसोसिएशन की मांग है कि नए औद्योगिक सेक्टर विकसित किए जाएं ताकि नए उद्योग धंधे स्थापित हो सकें।
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यह कहना है उद्योपतियों का



औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की लंबे समय से समस्या है। सीवर ओवरफ्लो रहते हैं। मेन रोड पर बरसाती नाला बनाया गया है, लेकिन उसमें बारिश का पानी जाने के बजाय उससे पानी निकलकर औद्योगिक क्षेत्र में भर जाता है। नाले में कई औद्योगिक इकाइयों का पानी भी जाता है। बारिश के पानी की कई दिनों तक निकासी नहीं होती।

- मदनलाल, प्रधान, हिसार स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।



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मेन रोड का लेवल ऊंचा होने के कारण बाहर का पानी औद्योगिक क्षेत्र में आता है। नाले में कुछ बड़ी इंडस्ट्रीज अपना वेस्ट पानी भी डालती है, जिस वजह से यह ओवरफ्लो हो जाता है और वह पानी सड़कों पर भर जाता है। सड़कों पर ही ट्रक व ट्राॅले खड़े हो जाते हैं। इससे आवागमन में भी काफी परेशानी होती है।



- कृष्ण लोहिया, पूर्व प्रधान, हिसार स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

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औद्योगिक क्षेत्र में ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। इससे दिन ढलते ही अंधेरा छा जाता है। स्ट्रीट लाइट न होने के कारण कई इंडस्ट्रीज ने अपने स्तर पर ही प्रबंध किया हुआ है। यहां कभी सफाई भी नहीं होती और न ही कचरे का उठान होता है जबकि नगर निगम इंडस्ट्रीज से कचरा शुल्क वसूलता है।


- दिनेश बिंदल, उद्योगपति।



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इंडस्ट्रियल एस्टेट एक नंबर के पास दो साल से सीवर ओवरफ्लो की समस्या है, जिस कारण यहां हर समय गंदा पानी जमा रहता है। सड़क निर्माण किया गया लेकिन तोड़ी गई सड़कों का मलबा यहीं छोड़ दिया गया। कुछ ट्रांसपोर्ट्स अपने ट्रकों व ट्राॅलों को सड़कों पर ही इधर-उधर खड़ा कर देते हैं, जिससे उद्यमियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।



- मुरारीलाल, उद्योगपति
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