फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The houses of the sarpanch and his favourites are illuminated, while the streets of the village are in darkness.

Hisar News: सरपंच और चहेतों के घर रोशन, अंधेरे में गांव की गलियां

Sat, 14 Feb 2026 03:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sat, 14 Feb 2026 03:43 AM IST
विज्ञापन
The houses of the sarpanch and his favourites are illuminated, while the streets of the village are in darkness.
बालसमंद। गांव किरतान में पंचायत फंड के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकार की योजना के तहत मुख्य फिरनी और सार्वजनिक स्थलों पर लगाने के लिए भेजी गई 60 स्ट्रीट लाइटों में से 35 लाइटें सरपंच और उनके चहेतों के घरों में लगाई गईं। गांव की कई गलियों और सार्वजनिक रास्तों पर अंधेरा पसरा है जबकि पहुंच वाले लोगों के घरों की राह रोशन हो गई। ब्लॉक पंचायत अधिकारी ने सरपंच को नोटिस जारी कर 19 फरवरी को पंचायत का पूरा रिकॉर्ड कार्यालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम मुख्यमंत्री कार्यालय के विंडो पर करीब एक साल से लंबित शिकायतों की जांच के बाद उठाया गया।
विज्ञापन


गांव निवासी रमनदीप और विकास ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि सरकार की योजना के तहत मुख्य फिरनी पर लगाई जाने वाली स्ट्रीट लाइटें निजी घरों और खेतों के रास्तों पर लगा दी गईं। योजना में स्पष्ट रूप से फिरनी शब्द का उल्लेख था क्योंकि अधिकतर आबादी उसी मार्ग के आसपास रहती है। इसके बजाय 16 फीट चौड़े खेतों के रास्तों पर लाइटें लगाई गईं जिससे लगभग 6 हजार की आबादी को मिलने वाला लाभ केवल 20 लोगों तक सीमित हो गया।
विज्ञापन




सरपंच का तर्क- सभी की सहमति से लगाईं लाइटें
दूसरी शिकायत में आरोप लगाया गया कि पार्क, चौक-चौराहों, मंदिर और स्टेडियम में लगाई जाने वाली स्ट्रीट लाइटे सरपंच और पंचों ने अपने घरों में लगा दीं। पंचायत की ओर से कहा गया था कि लाइटें सभी की सहमति से लगाई गई हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने फंड दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजनीतिक प्रभाव हावी, सीमित लोग पा रहे लाभ :
ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण पंचायतें पूरे गांव के विकास की बजाय ढाणियों में सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं पर अधिक बजट खर्च कर रही हैं। इसका लाभ सीमित लोगों को मिलता है जबकि बड़ी आबादी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह जाती है।
--
::::::::::::
गांव के लोग सीएम विंडो पर शिकायत कर देते हैं। शिकायत की सुनवाई 19 फरवरी को है। पंचायत अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
- प्रमोद सरपंच किरतान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed