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Hisar News: पांच साल में गेहूं की पैदावार में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का लक्ष्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:53 AM IST
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The goal is to make the state number one in the country in wheat production within five years.
सुरेंद्र दलाल
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हिसार। कृषि विभाग ने अगले पांच साल में हरियाणा में गेहूं की औसत पैदावार 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल यह 53.4 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि विभाग ने विस्तृत योजना तैयार की है। इसके तहत किसानों को नई और अधिक पैदावार देने वाली किस्मों को लगाने के लिए प्रेरित करना, गेहूं की फसल में बीमारियों की रोकथाम और खेती में आधुनिक तकनीकों के समावेश पर जोर रहेगा।
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय कृषि अधिकारी कार्यशाला में रबी के लिए नए लक्ष्य तय किए गए। साथ ही कृषि अधिकारियों ने अगले 5 साल की कार्ययोजना को साझा किया। इस दौरान तय किया गया कि हरियाणा को गेहूं पैदावार में देश में पहले स्थान पर जाना है। इसके लिए 2030 तक औसतन पैदावार 53.4 क्विंटल से बढ़ाकर 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक ले जाना तय किया गया। इस हिसाह से हर साल औसतन एक क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाने का लक्ष्य है।
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कैसे तय करेंगे लक्ष्य : सबसे पहले किसानों को नई व अत्यधिक पैदावार देने वाली किस्मों की बिजाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। काफी संख्या में किसान पुरानी और कम पैदावार देने वाली किस्मों की बिजाई कर रहे हैं। नई व अधिक उत्पादन वाली किस्मों का बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग, एचएयू, बीज निगम सक्रिय भूमिका निभाएंगे। दूसरे स्तर पर गेहूं की फसल को रोगों से बचाया जाएगा। जीटी बेल्ट में तथा हिमाचल से सटे जिलों में गेहूं में पीला रतुआ का काफी प्रकोप होता है। इसकी रोकथाम पर व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा।

किसानों को प्रशिक्षण और समय पर दवाइयां उपलब्ध कराईं जाएंगी। पीला रतुआ रोधी किस्मों की बिजाई कराई जाएगी। तीसरे स्तर पर गेहूं की बिजाई से लेकर फसल निकालने तक की आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कराया जाएगा। किसानों को बताया जाएगा कि किस समय पानी लगाना है, कितनी खाद डालनी है।
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