फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The fly's attack will be ineffective, the fruit fly trap will become the guardian of the fruits, effective control will be achieved at a cost of just 1,500 to 2,000 rupees per acre.

Hisar News: बेअसर होगा मक्खी का वार, फ्रूट फ्लाई ट्रैप बनेगा फलों का पहरेदार, महज 1,500 से 2,000 रुपये प्रति एकड़ खर्च में मिलेगा प्रभावी नियंत्रण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
The fly's attack will be ineffective, the fruit fly trap will become the guardian of the fruits, effective control will be achieved at a cost of just 1,500 to 2,000 rupees per acre.
हिसार। वर्षा ऋतु में फल मक्खी का प्रकोप बढ़ने से फलदार फसलों और कद्दूवर्गीय सब्जियों को नुकसान होता है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान बिना अधिक कीटनाशक इस्तेमाल किए महज 1,500 से 2,000 रुपये प्रति एकड़ की लागत में इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण कर सकते हैं।
विज्ञापन

कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने बताया कि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग ने फ्रूट फ्लाई ट्रैप विकसित किया है जो फल मक्खी के प्रबंधन में कारगर साबित हुआ है। यह कीट अमरूद, किन्नू, नाशपाती, आड़ू, आलूबुखारा, आम तथा घीया, तोरी, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूजा और कद्दूवर्गीय सब्जियों में 70 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकता है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि मादा फल मक्खी फलों की ऊपरी सतह के नीचे अंडे देती है। कुछ दिनों बाद इनसे निकलने वाले सफेद लार्वा फल के अंदर ही गूदा खाकर उसे सड़ा देते हैं। चूंकि कीट का अधिकांश जीवन फल के भीतर ही बीतता है इसलिए केवल कीटनाशकों से इसका प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। ऐसे में एकीकृत कीट प्रबंधन और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना अधिक लाभकारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेत की गहरी जुताई से होगा लाभ
अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने किसानों को सलाह दी कि संक्रमित फलों को प्रतिदिन या एक दिन छोड़कर एकत्र कर कम से कम दो फीट गहरे गड्ढे में दबा दें। गर्मियों में खेत की गहरी जुताई करने से कीट की प्यूपा अवस्था नष्ट हो जाती है जिससे अगले मौसम में इसका प्रकोप कम रहता है। उन्होंने बताया कि फल बनने से पहले खेत में फ्रूट फ्लाई ट्रैप लगाने चाहिए। इन्हें पेड़ की ऐसी शाखा पर टांगें, जहां सीधी धूप कम पड़ती हो। इससे नर फल मक्खियां ट्रैप में फंस जाती हैं और प्रजनन कम होने से कीट की संख्या नियंत्रित रहती है।

प्रति एकड़ 12 से 14 ट्रैप लगाने की सलाह
कीट विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनीता यादव ने बताया कि एक ट्रैप की कीमत 130 रुपये है। प्रति एकड़ 12 से 14 ट्रैप लगाने की सिफारिश की गई है। ट्रैप में प्रयुक्त ल्योर (सैप्टा) लगभग 30 दिन तक प्रभावी रहता है इसलिए 30-35 दिन बाद इसे दोबारा चार्ज करना आवश्यक है। फ्रूट फ्लाई ट्रैप कीट विज्ञान विभाग, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में उपलब्ध हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-3001, फोन 01662-255289 या 9729300525 पर संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed