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पांच वर्षीय रेणु शर्मा ने दी एचबीटीएसई की परीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार,सिवानी मंडी
Updated Thu, 04 Sep 2014 11:56 PM IST
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राह ग्रुप की बहुप्रतिष्ठित प्रतियोगिता हरियाणा बिगेस्ट टैलेंट सर्च एग्जाम में जहां प्रदेश के आठ हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, वहीं सबसे कम उम्र की छात्रा गूगल गर्ल रेणु शर्मा (पांच वर्ष कक्षा एलकेजी) आकर्षण का केंद्र बनी रही।
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इस परीक्षा में मात्र पांच वर्ष की यह छात्रा थी, जिसने यह प्रतियोगिता दी। कक्षा एलकेजी की छात्रा रेणु शर्मा पुत्री ताराचंद स्कूल सीबीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोसली, रेवाड़ी को राह ग्र्रुप प्रबंधन को विशेष अनुमति लेनी पड़ी, छात्रा की प्रतिभा को देखते हुए दूसरे जिले में विशेष परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया, जबकि आमतौर पर क्षेत्र विशेष के स्कूलों में ही ऐसी प्रतियोगिताएं होती हैं।
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यह जानकारी राह ग्रुप के चेयरमैन नरेश कुमार ने दी। प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों की कड़ी में टॉपर गूगल ब्वाय कौटिल्य ने राह ग्रुप की एचबीटीएसई प्रतियोगिता में भाग लिया है। यह छोटी बच्ची महेंद्रगढ़ जिले के गांव बाघोत की रहने वाली है।
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पहले ना, फिर वीआईपी ट्रीटमेंट
पहले जहां इस छात्रा को पेपर देने की अनुमति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, पहले जहां कम उम्र होने के कारण इस छात्रा की प्रतिभागिता को बार रद किया गया, मगर बाद में छात्रा के अभिभावकों और अध्यापकाें के अनुरोध पर छात्रा को कक्षा पांच और छह के लिए तय दक्षता वाले प्रतिभागियों वाली श्रेणी में बैठाया गया। उसकी दक्षता और लगन को देखते हुए छात्रा को परीक्षा के दौरान अलग से वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया।
राह ग्रुप की इस प्रतियोगिता में जहां आमतौर पर एक परीक्षा पर 40 छात्रों के अनुपात में एक अध्यापक ड्यूटी देता है, वहीं इस छात्रा के लिए बाकायदा तीन-तीन अध्यापक तैनात किए गए। साथ ही उसकी मदद के कक्षा पांच की छात्रा को भी सहायक के तौर पर उपलब्ध करवाया गया, मगर छात्रा ने उसकी उसकी मदद लेने से साफ इंकार कर दिया। छात्रा का दावा है कि यदि उसे कक्षा दस जमा वाले वर्ग में भी रखा जाता, तब भी वह यह परीक्षा अवश्य देती और वह प्रदेश स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाती।
प्रदेश स्तर पर यह छात्रा कौन सा स्थान हासिल करती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। मगर इस छात्रा की मेहनत और क्षमता को देखते हुए बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड मिलना तय है। राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश कुमार ने कहा है कि इस छात्रा ने इस प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र के प्रतिभागी के तौर पर भाग लिया है, इसलिए इसे विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। चूंकि यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड भी है, जिसमें इतनी कम उम्र की छात्रा ने भाग लिया है।
राह ग्रुप की एचबीटीएसई परीक्षा देने के बाद जब छात्रा रेणु शर्मा परीक्षा केंद्र से बाहर निकली तो उसने अपने अनुभव अपने अभिभावकाें और अध्यापकों से सांझा किए। छात्रा रेणु की पहली प्रतिक्रिया थी कि एचबीटीएसई की परीक्षा देने में उसे खूब आनंद आया। उसके अनुसार यह ऐसी प्रतियोगिता है, जिसमें प्रत्येक वर्ग के प्रश्नों का चयन किया गया था।