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रामायण-महाभारत देख भावना ने थामा धनुष-बाण, अब जीता सोना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 12:21 AM IST
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The feeling of watching Ramayana-Mahabharata held the bow and arrow, now won gold
उमरा में तीरंदाजी का अभ्यास करती भावना। साथ खड़ी कोच ज्योति। संवाद - फोटो : Hisar
अश्वनी कुमार
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हिसार। रामायण-महाभारत में धनुष-बाण देख खुद चलाने की चाह ने उमरा की रहने वाली भावना को राष्ट्रीय स्तर का तीरंदाज बना दिया। भावना छह साल से तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही है। हाल ही में उसने महाराष्ट्र के अमरावती में हुई सेकंड खेलो इंडिया नेशनल रैंकिंग वुमन आर्चरी टूर्नामेंट के सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है।
भावना बताती है कि बचपन में उसने रामायण-महाभारत टीवी सीरियल में धनुष-बाण चलाते देखा था। मगर उसका सपना भी कुछ अलग गेम करने का था कि वह भी धनुष-बाण से निशाना लगाए। भावना बताती है कि छह साल पहले नौंवी कक्षा में पढ़ती थी। स्कूल के साथ ही तीरंदाजी का ग्राउंड है। जब स्कूल की छुट्टी होती थी तो वह मैदान में लड़कियों को निशाना लगाते देखती। इतना ही नहीं, रविवार को वह स्पेशल लड़कियों का खेल देखने पहुंचती थी। इसके बाद भावना ने परिवार के लोगों से तीरंदाजी खेलने की इच्छा जाहिर की तो उन्होंने हामी भर दी।। भावना ने बताया कि ताऊ विरेंद्र का काफी सहयोग मिला। उन्होंने मुझे खेल के लिए प्रेरित किया। संवाद
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पिछले साल पिता ने रुपये उधार लेकर दिलाया था धनुष
भावना के पिता जयवीर मजदूरी करते है। माता सुमन गृहिणी है। भावना का एक छोटा भाई है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद पिता ने खेल में बेटी को आगे बढ़ाया। पिछले साल रुपये उधार लेकर बेटी को धनुष खरीदकर दिलाया। धनुष पर साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हुए। भावना बताती है कि तीरंदाजी टेक्निकल गेम है। अन्य गेम से काफी अलग और महंगा है।
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सात से आठ घंटे मैदान में बहाती है पसीना
भावना बताती है कि वह रोजाना सात से आठ घंटे तीरंदाजी का अभ्यास करती है। अब वह नेशनल प्रतियोगिता की तैयारी शुरू करेगी। जोकि गुजरात में 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक होगी। कोच मंजीत मलिक ने बताया कि भावना काफी अच्छा खेलती है। अब तक वह कई पदक जीतकर नाम रोशन कर चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी भावना ने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष करते हुए खेल जारी रखा है।
भावना की उपलब्धियां
- वर्ष 2020 में स्कूली सीनियर स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2021 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पदक।
- वर्ष 2022 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में रजत पदक।
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