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हरि विहार के लोगों की मुश्किल डगर
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हिसार। शहर के बालसमंद रोड स्थित कई कॉलोनी के लोग नगर निगम में होने के बावजूद गांवों से बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि इन कॉलोनियों में न सीवर और पेयजल लाइन बिछी हैं। हरि विहार के लोगों की डगर इतनी मुश्किल है कि इस एरिया की मुख्य सड़क भी कच्ची पड़ी है।
बता दें कि नगर निगम के गठन के समय शहर का दायरा बढ़ाया गया था। उस समय इन एरिया में कई कॉलोनियां बसी हुई थी। मगर आज तक कई कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, जिस कारण से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2006 से यहां सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में कीचड़ न हो, इसके लिए रोड़ा भी अपने खर्च पर डलवाए हैं। यहां पानी की लाइन भी नहीं बिछी हुई। खरीदकर ही पानी पीना पड़ रहा है। - सुल्तान सिंह, हरि विहार
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नगर निगम में होने के बावजूद गावों से बदतर हालात हैं। यहां मकान इसलिए बनाया कि यह एरिया निगम में आता है तो जल्द ही सीवर, सड़क व पानी की सुविधाएं मिल जाएंगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। - कांता, हरि विहार
यहां हालात बुरे हैं। पेयजल लाइन नहीं है। जमीन का पानी खारा है। पीने के लिए पानी भी करीब एक किलोमीटर दूर स्थित चंदन नगर से लाना पड़ता है। - फूलमति, हरि विहार
यहां सीवर भी नहीं है। खाली प्लॉट में ही गंदा पानी छोड़ना पड़ रहा है। सड़क भी नहीं है। बारिश के दिनों में काफी दिक्कत होती है। - चिंता, हरि विहार
मकान इस उम्मीद से बनाया था कि जल्द ही सड़क व सीवर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। मगर आज तक सुविधा से वंचित हैं। - शुक्रमणि, हरि विहार
मैंने इस बार एजेंडे में कच्ची गलियों को पक्का करवाने मांग उठाई थी। सरकार को निगम एरिया में बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करना चाहिए और उनमें रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। - अंबिका शर्मा, पार्षद, वार्ड-20
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बता दें कि नगर निगम के गठन के समय शहर का दायरा बढ़ाया गया था। उस समय इन एरिया में कई कॉलोनियां बसी हुई थी। मगर आज तक कई कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, जिस कारण से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्ष 2006 से यहां सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में कीचड़ न हो, इसके लिए रोड़ा भी अपने खर्च पर डलवाए हैं। यहां पानी की लाइन भी नहीं बिछी हुई। खरीदकर ही पानी पीना पड़ रहा है। - सुल्तान सिंह, हरि विहार
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नगर निगम में होने के बावजूद गावों से बदतर हालात हैं। यहां मकान इसलिए बनाया कि यह एरिया निगम में आता है तो जल्द ही सीवर, सड़क व पानी की सुविधाएं मिल जाएंगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। - कांता, हरि विहार
यहां हालात बुरे हैं। पेयजल लाइन नहीं है। जमीन का पानी खारा है। पीने के लिए पानी भी करीब एक किलोमीटर दूर स्थित चंदन नगर से लाना पड़ता है। - फूलमति, हरि विहार
यहां सीवर भी नहीं है। खाली प्लॉट में ही गंदा पानी छोड़ना पड़ रहा है। सड़क भी नहीं है। बारिश के दिनों में काफी दिक्कत होती है। - चिंता, हरि विहार
मकान इस उम्मीद से बनाया था कि जल्द ही सड़क व सीवर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। मगर आज तक सुविधा से वंचित हैं। - शुक्रमणि, हरि विहार
मैंने इस बार एजेंडे में कच्ची गलियों को पक्का करवाने मांग उठाई थी। सरकार को निगम एरिया में बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करना चाहिए और उनमें रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। - अंबिका शर्मा, पार्षद, वार्ड-20