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Hisar News: राहगीरों को दर्द दे रहीं सड़कों के जख्म होंगे दुरुस्त
Mon, 23 Dec 2024 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:45 AM IST
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हिसार के सेक्टर 4 की जर्जर हालत सड़क।
हिसार। सेक्टर 1-4, 3-5 और हाउसिंग बोर्ड में वर्षों से जर्जरहाल सड़कों की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है। राहगीरों और सेक्टरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनीं सड़कों को दुरुस्त करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने पहले एस्टीमेट तैयार करवाया था, लेकिन लंबे समय से कागजों में प्रक्रिया चल रही है। अब एचएसवीपी ने नए सिरे से एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजे हैं। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इतना ही नहीं पहले भेज गए प्रस्तावित खर्च की तुलना में नए एस्टीमेट में राशि बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई है। एचएसवीपी के अधिकारियों के मुताबिक इस बार प्री मिक्स कारपेट की जगह बिटुमिन कंक्रीट का मिक्सचर लिया जाएगा, जिस कारण से खर्च राशि में बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल ये एस्टीमेट मंजूरी के लिए एसई के पास भेजे हैं। यहां से ये चीफ इंजीनियर के माध्यम से मुख्य प्रशासक के पास भेजे जाएंगे। बता दें कि एचएसवीपी ने पहले सेक्टर 1-4 व 3-5 में सड़कें बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजे थे। इन्हें अभी मुख्य प्रशासक की अनुमति मिलनी बाकी थी। इसी बीच अधिकारियों ने फैसला किया कि ये एस्टीमेट पुराने हो गए हैं और जिस हिसाब से इन सेक्टरों में सड़कों की हालत है, पहले से अनुमानित खर्च राशि से बनवाना मुश्किल है। इसे देखते हुए नए सिरे से एस्टीमेट तैयार करने का फैसला लिया।
क्या आया अंतर
सेक्टर पुराना एस्टीमेट (लाख रुपये में) नया एस्टीमेट (लाख रुपये में)
4 पार्ट टू 133.65 495.99
4 पार्ट वन 598.73 999.97
3 व 5 पार्ट वन व टू 579.32 978.19
जिंदल हाउसिंग बोर्ड 00000 175.46
सेक्टर 1-4 टी प्वाइंट से रायुपर रोड फाटक 00000 621.86
यूं आया खर्च आकलन में अंतर
एचएसवीपी के अधिकारियों की मानें तो पहले एस्टीमेट में 50 एमएम डीबीएम के साथ 20 एमएम का प्रीमिक्स कारपेट लिया हुआ है। वहीं नए एस्टीमेट में 50 एमएम डीबीएम के साथ 30 एमएम का बिटुमिन कंक्रीट लिया है। आमतौर पर बिटुमिन कंक्रीट वहां लिया जाता है, जिन सड़कों पर भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा होता है। चूंकि यहां सड़कें ज्यादा जर्जर हो चुकी हैं। इस कारण प्रीमिक्स कारपेट की जगह बिटुमिट कंक्रीट लिया गया है। यह प्रीमिक्स कारपेट के मुकाबले महंगा होता है। सड़क निर्माण में प्रीमिक्स कारपेट (पीएमसी) एक खुला ग्रेडेड बिटुमिनस मिश्रण होता है। प्रीमिक्स कारपेट बनाने के लिए 12.5 मिमी और 10 मिमी व्यास वाले मोटे समुच्चयों को बिटुमिनस या टार बाइंडर के साथ पहले से मिश्रित किया जाता है। वहीं बिटुमिन कंक्रीट (बीसी) एक सघन ग्रेडेड बिटुमिनस मिश्रण है, जिसका उपयोग भारी यातायात वाली सड़कों के लिए वेयरिंग कोर्स के रूप में किया जाता है।
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जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करें अफसर
सेक्टर की सड़कों की हालत काफी दयनीय हो चुकी है। अधिकारियों को जल्द से जल्द एस्टीमेट मंजूर करवाकर टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए ताकि सेक्टरवासियों को कुछ राहत मिले। - दीपक सूरा, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 1-4
सेक्टर में कई सड़कें तो गायब ही चुकी हैं, उनकी जगह मिट्टी व पत्थर का कच्चा रास्ता बचा है। फरवरी तक अधिकारी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि ठंड का मौसम खत्म होते ही सड़क का निर्माण करवाया जा सके। - होशियार खान, निवासी, सेक्टर 1-4
टूटी सड़कों के कारण सेक्टरवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गाड़ियों को नुकसान हो रहा है। साथ ही सड़कों पर गड्ढे होने के कारण बीमार व बुजुर्ग लोगों को आवागमन में समस्या होती है। -धर्मपाल ढुल, मीडिया प्रभारी, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 1-4
सेक्टरवासी लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठा रहे हैं। अधिकारियों को भी लोगों की तकलीफों का समझना चाहिए। जल्द से जल्द सभी औपचारिकताओं को पूरा कर सड़क निर्माण शुरू करवाया जाए। - कर्नल चंद्र रेड्ढू, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 3-5
एस्टीमेट तैयार कर भिजवाया
सड़कों के लिए नए सिरे से एस्टीमेट तैयार कर एसई के पास भेज दिया है। अनुमति मिलने के बाद टेंडर लगा दिए जाएंगे। उम्मीद है कि नए साल में सेक्टरवासियों को जर्जर सड़कों से राहत मिल जाएगी। - भूपेंद्र, एक्सईएन, एचएसवीपी
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इतना ही नहीं पहले भेज गए प्रस्तावित खर्च की तुलना में नए एस्टीमेट में राशि बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई है। एचएसवीपी के अधिकारियों के मुताबिक इस बार प्री मिक्स कारपेट की जगह बिटुमिन कंक्रीट का मिक्सचर लिया जाएगा, जिस कारण से खर्च राशि में बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल ये एस्टीमेट मंजूरी के लिए एसई के पास भेजे हैं। यहां से ये चीफ इंजीनियर के माध्यम से मुख्य प्रशासक के पास भेजे जाएंगे। बता दें कि एचएसवीपी ने पहले सेक्टर 1-4 व 3-5 में सड़कें बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजे थे। इन्हें अभी मुख्य प्रशासक की अनुमति मिलनी बाकी थी। इसी बीच अधिकारियों ने फैसला किया कि ये एस्टीमेट पुराने हो गए हैं और जिस हिसाब से इन सेक्टरों में सड़कों की हालत है, पहले से अनुमानित खर्च राशि से बनवाना मुश्किल है। इसे देखते हुए नए सिरे से एस्टीमेट तैयार करने का फैसला लिया।
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क्या आया अंतर
सेक्टर पुराना एस्टीमेट (लाख रुपये में) नया एस्टीमेट (लाख रुपये में)
4 पार्ट टू 133.65 495.99
4 पार्ट वन 598.73 999.97
3 व 5 पार्ट वन व टू 579.32 978.19
जिंदल हाउसिंग बोर्ड 00000 175.46
सेक्टर 1-4 टी प्वाइंट से रायुपर रोड फाटक 00000 621.86
यूं आया खर्च आकलन में अंतर
एचएसवीपी के अधिकारियों की मानें तो पहले एस्टीमेट में 50 एमएम डीबीएम के साथ 20 एमएम का प्रीमिक्स कारपेट लिया हुआ है। वहीं नए एस्टीमेट में 50 एमएम डीबीएम के साथ 30 एमएम का बिटुमिन कंक्रीट लिया है। आमतौर पर बिटुमिन कंक्रीट वहां लिया जाता है, जिन सड़कों पर भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा होता है। चूंकि यहां सड़कें ज्यादा जर्जर हो चुकी हैं। इस कारण प्रीमिक्स कारपेट की जगह बिटुमिट कंक्रीट लिया गया है। यह प्रीमिक्स कारपेट के मुकाबले महंगा होता है। सड़क निर्माण में प्रीमिक्स कारपेट (पीएमसी) एक खुला ग्रेडेड बिटुमिनस मिश्रण होता है। प्रीमिक्स कारपेट बनाने के लिए 12.5 मिमी और 10 मिमी व्यास वाले मोटे समुच्चयों को बिटुमिनस या टार बाइंडर के साथ पहले से मिश्रित किया जाता है। वहीं बिटुमिन कंक्रीट (बीसी) एक सघन ग्रेडेड बिटुमिनस मिश्रण है, जिसका उपयोग भारी यातायात वाली सड़कों के लिए वेयरिंग कोर्स के रूप में किया जाता है।
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जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करें अफसर
सेक्टर की सड़कों की हालत काफी दयनीय हो चुकी है। अधिकारियों को जल्द से जल्द एस्टीमेट मंजूर करवाकर टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए ताकि सेक्टरवासियों को कुछ राहत मिले। - दीपक सूरा, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 1-4
सेक्टर में कई सड़कें तो गायब ही चुकी हैं, उनकी जगह मिट्टी व पत्थर का कच्चा रास्ता बचा है। फरवरी तक अधिकारी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि ठंड का मौसम खत्म होते ही सड़क का निर्माण करवाया जा सके। - होशियार खान, निवासी, सेक्टर 1-4
टूटी सड़कों के कारण सेक्टरवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गाड़ियों को नुकसान हो रहा है। साथ ही सड़कों पर गड्ढे होने के कारण बीमार व बुजुर्ग लोगों को आवागमन में समस्या होती है। -धर्मपाल ढुल, मीडिया प्रभारी, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 1-4
सेक्टरवासी लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठा रहे हैं। अधिकारियों को भी लोगों की तकलीफों का समझना चाहिए। जल्द से जल्द सभी औपचारिकताओं को पूरा कर सड़क निर्माण शुरू करवाया जाए। - कर्नल चंद्र रेड्ढू, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 3-5
एस्टीमेट तैयार कर भिजवाया
सड़कों के लिए नए सिरे से एस्टीमेट तैयार कर एसई के पास भेज दिया है। अनुमति मिलने के बाद टेंडर लगा दिए जाएंगे। उम्मीद है कि नए साल में सेक्टरवासियों को जर्जर सड़कों से राहत मिल जाएगी। - भूपेंद्र, एक्सईएन, एचएसवीपी