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पशु पकड़ने वाली दोनों गाड़ियों में हाईड्रोलिक सिस्टम लगाने का टेंडर खुला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2022 12:24 AM IST
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Tender for installation of hydraulic system in both the vehicles catching animals opened
हिसार। वार्ड-6 में गाय की टक्कर से बुजुर्ग महिला की मौत के अगले ही दिन नगर निगम ने पशु पकड़ने वाली गाड़ियों में हाईड्रोलिक सिस्टम लगवाने के लिए लगाए टेंडर को खोलने का काम बड़ी तेजी से किया। एक ही दिन में निगम अधिकारियों ने आवेदन करने वाली एजेंसियों की टेक्निकल व फाइनेंशियल बोली खोल दी। उम्मीद है कि बुधवार को एजेंसी को वर्क भी अलॉट कर दिया जाए। हालांकि इन दोनों गाड़ियों को तैयार होने में कम से कम एक माह का समय लगेगा। वहीं दावा किया जा रहा है कि शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने में निगम प्रशासन को दो माह वक्त लग जाएगा। शहर की सड़कों पर करीब 4 हजार पशु घूम रहे हैं।
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5 एजेंसियों ने किया था आवेदन, कागजात पूरे न होने पर दो हो गई बाहर
निगम प्रशासन के अनुसार गाड़ियों में हाईड्रोलिक सिस्टम लगाने के लिए 5 एजेंसियों ने आवेदन किया था। मगर कागजात पूरे न होने पर दो एजेंसियां टेंडर की दौड़ से बाहर हो गई। अब तीन एजेंसियां ही बची हैं, जिनमें से सबसे कम रेट भरनी वाली एजेंसी को ही टेंडर अलॉट किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जो तीन एजेंसियां बची हैं, उनमें से गुरु तेग बहादुर ने 868626 रुपये, न्यू भारत इंजीनियर ने 1397854 व स्नेह हाइड्राटेक इंजीनियर्स ने 1178000 रुपये का रेट भरा है। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने टेंडर में शर्त रखी है कि पहली गाड़ी 15 दिनों के अंदर और दोनों गाड़ियां एक माह के अंदर तैयार करके देनी है।
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एक गाड़ी में एक बार में ले जा सकेंगे 15 पशु
निगम अधिकारियों ने बताया कि अगर सभी बड़े पशु हैं तो एक बार में एक गाड़ी में 15 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य में छोड़ा जा सकता है। दोनों गाड़ियों की मदद से वह एक दिन में करीब 70 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य में पहुंचा सकते हैं। शहर में करीब 4 हजार पशु सड़कों पर मौजूद हैं। इस हिसाब से करीब दो माह में इन सभी पशुओं को पकड़ा जा सकेगा।
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निगम 20 रुपये प्रति गाय के हिसाब से कर रहा भुगतान
नगर निगम ने गोअभयारण्य को एक संस्था को दिया हुआ है। यह संस्था गोअभयारण्य का संचालन कर रही है। निगम इस संस्था को 20 रुपये प्रति गाय के हिसाब से भुगतान कर रहा है। इस वक्त गोअभयारण्य में करीब 1250 गोवंश है। गोअभयारण्य 50 एकड़ जमीन पर बना हुआ है।

पांच साल पहले कागजों में शहर हो चुका पशु मुक्त
कागजों में शहर को वर्ष 2017 में बेसहारा पशु मुक्त घोषित किया जा चुका है। मगर हकीकत है कि सड़कों पर हजारों की संख्या में बेसहारा पशु घूम रहे हैं, जिनके कारण काफी लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं।
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