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Hisar News: डाइट डिंग में शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
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सिरसा।कला प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए डाइट प्रभारी सुरेंद्र नूनिया एवं स्टॉफ सदस्य। डिंग डाइट
सिरसा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) डिंग में आयोजित पीजीटी एवं टीजीटी ड्राइंग के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम व पीजीटी अंग्रेजी के लिए तीन दिवसीय लैंग्वेज स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक समापन हो गया। डाइट प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया ने कहा कि दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से शिक्षकों में सृजनात्मकता और भाषाई दक्षता में निखार आया है। कला और भाषाएं दोनों ही शिक्षा के ऐसे क्षेत्र हैं, जो विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को विकसित करते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से अध्यापकों ने न केवल नवीन तकनीकों और पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की, बल्कि शिक्षण में नवाचार लाने की प्रेरणा भी ली है।
ड्राइंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के कॉर्डिनेटर डाॅ. मनोज पुरी ने बताया कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अध्यापकों को कला शिक्षण की नवीनतम तकनीकों, पेंटिंग, रंग संयोजन, पोस्टर डिजाइनिंग, थ्री-डी आर्ट, एवं कला आधारित शिक्षण विधियों से परिचित करवाया गया एवं कला आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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वहीं, इंग्लिश लैंग्वेज स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डाॅ. राकेश मोहन ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों को लिसनिंग, स्पीकिंग, रीडिंग एवं राइटिंग स्किल्स को विकसित करने हेतु विविध गतिविधियां करवाई गईं। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने ग्रुप एक्टिविटीज, पोस्टर प्रेजेंटेशन और फीडबैक सेशन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
डाॅ. राजेश खुराना, पवन कनौजिया, सूरज दुग्गल, सुरेश करुणादीप, तृप्ता, नीतू, जितेंद्र गोस्वामी, संजय कुमार ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। इस अवसर पर नरेश नरूला, डाॅ. सतबीर न्योल, डाॅ. राजेश खुराना, डाॅ. अनिल बिश्नोई, डाॅ. अनिल चावला, दलीप गोदारा, सतपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से शिक्षकों में सृजनात्मकता और भाषाई दक्षता में निखार आया है। कला और भाषाएं दोनों ही शिक्षा के ऐसे क्षेत्र हैं, जो विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को विकसित करते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से अध्यापकों ने न केवल नवीन तकनीकों और पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की, बल्कि शिक्षण में नवाचार लाने की प्रेरणा भी ली है।
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ड्राइंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के कॉर्डिनेटर डाॅ. मनोज पुरी ने बताया कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अध्यापकों को कला शिक्षण की नवीनतम तकनीकों, पेंटिंग, रंग संयोजन, पोस्टर डिजाइनिंग, थ्री-डी आर्ट, एवं कला आधारित शिक्षण विधियों से परिचित करवाया गया एवं कला आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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वहीं, इंग्लिश लैंग्वेज स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डाॅ. राकेश मोहन ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों को लिसनिंग, स्पीकिंग, रीडिंग एवं राइटिंग स्किल्स को विकसित करने हेतु विविध गतिविधियां करवाई गईं। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने ग्रुप एक्टिविटीज, पोस्टर प्रेजेंटेशन और फीडबैक सेशन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
डाॅ. राजेश खुराना, पवन कनौजिया, सूरज दुग्गल, सुरेश करुणादीप, तृप्ता, नीतू, जितेंद्र गोस्वामी, संजय कुमार ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। इस अवसर पर नरेश नरूला, डाॅ. सतबीर न्योल, डाॅ. राजेश खुराना, डाॅ. अनिल बिश्नोई, डाॅ. अनिल चावला, दलीप गोदारा, सतपाल सिंह आदि मौजूद रहे।