फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Students studying in government schools will have different dress code

Hisar News: पीएमश्री-मॉडल संस्कृति व सामान्य श्रेणी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की होगी अलग-अलग ड्रेस

Fri, 11 Apr 2025 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Fri, 11 Apr 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
Students studying in government schools will have different dress code
हिसार। जिले के 18 पीएमश्री, 150 से अधिक मॉडल संस्कृति व सामान्य श्रेणी के 800 से अधिक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अलग-अलग ड्रेस होंगी। जिन्हें देखकर पता लग सकेगा कि विद्यार्थी किस कैटेगरी के सरकारी स्कूल में पढ़ रहा है। इतना ही नहीं, दस्तावेजों की कमी बताकर किसी भी विद्यार्थी को दाखिले से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
विज्ञापन

चाहे विद्यार्थी पर अपना आधार कार्ड-पहचान पत्र न हो तो भी उसे स्कूल में दाखिला देना होगा। इसके लिए विद्यार्थी के पिता से लिखित में एक शपथ पत्र लिया जाएगा, जिसमें वह तय समय-सीमा में दस्तावेज तैयार कर संबंधित स्कूल में जमा करने के लिए आश्वस्त करेगा। इसके अलावा शिक्षा विभाग के जिले स्तर के हर अधिकारी को सख्त आदेश दिए हैं कि वे सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए सख्त व तेजी से कदम उठाए। खास तौर पर ड्रापआउट व निजी स्कूलों की ओर रुख करने वाले विद्यार्थियों पर नजर रखकर उनके अभिभावकों को सरकारी स्कूल के फायदे बताए।
विज्ञापन

बीते दिन शिक्षा निदेशालय के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने वर्चुअल मीटिंग कर डीईओ-डीईओ व बीईओ की हिदायतें जारी की हैं। इस दौरान मौलिक शिक्षा निदेशक व सीनियर सेकेंडरी निदेशक सहित अन्य आला कमान भी मौजूद रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


निजी स्कूलों पर नजर रखें, पुस्तकें-ड्रेस के बारे में बाध्य करें तो सख्त कदम उठाएं
वर्चुअल मीटिंग में प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने डीईओ-डीईईओ व बीईओ को सख्त आदेश दिए हैं कि वे नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों पर खास नजर रखें। समय-समय पर हेड क्लस्टर सहित विशेष टीम बनाकर निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण करें, जिसमें पुस्तकों से लेकर ड्रेस के लिए विद्यार्थियों, एसएमसी व अभिभावकों के बयान दर्ज करें। देखें कि निजी स्कूल अपने स्तर पर पुस्तकें-ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य तो नहीं कर रहा। अगर ऐसा है तो संबंधित निजी स्कूल के मुखिया को जवाब-तलब करें। साथ ही रिपोर्ट मुख्यालय भेजे। जिसके बाद संबंधित स्कूल से सख्ती से निपटा जाएगा।
बीते साल से इस बार अप्रैल माह में 35,000 कम विद्यार्थियों के हुए दाखिले
वर्चुअल मीटिंग में जिले स्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने डाटा आला कमान को बताया, जिसमें बताया कि बीते साल से इस बार अप्रैल माह में पहली से 12वीं कक्षा में 35,000 कम विद्यार्थियों के दाखिले हुए हैं। पहली से 12वीं कक्षा में बीते साल अप्रैल माह में 1,27,814 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। जबकि इस साल उपरोक्त माह व उपरोक्त स्कूलों में 92,067 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। सबसे कम 11वीं कक्षा के विद्यार्थी, जिनमें बीते साल से इस बार 11,213 कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।


प्रधान सचिव ने मीटिंग ली है। जिसमें कुछ बिंदुओं पर चर्चा कर विशेष हिदायतें जारी की हैं। नामांकन बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा निजी स्कूल पुस्तकें, ड्रेस व फीस को लेकर मनमानी नहीं कर सकेंगे। अगर ऐसा करते हैं तो संबंधित स्कूल को जवाब-तलब कर लिया जाएगा। - वेद सिंह दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed