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ग्रामीण सीमाओं में खुले महंगे और बड़े स्कूलों के विद्यार्थी मार रहे जरूरतमंदों का हक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 12:29 AM IST
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Students of expensive and big schools open in rural borders, killing the rights of the needy
हिसार। जिले के कॉलेजों में चल रही दाखिला प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हुई अनियमितताएं विद्यार्थियों को परेशान कर रही हैं। एक तरफ 100 प्रतिशत से अधिक अंकों के बाद भी विद्यार्थियों के पसंद के कॉलेजों में दाखिले नहीं हो रहे तो दूसरी तरफ सरकार के नियमों का जंजाल ग्रामीण विद्यार्थियों का हक मार रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले महंगे एवं बड़े स्कूलों के विद्यार्थियों को भी ग्रामीण विद्यार्थियों की तरह ही 5 प्रतिशत अंक मिल रहे हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले शहरी विद्यार्थियों को भी 5 प्रतिशत अंक मिल रहे हैं, जिससे मेरिट में ग्रामीण विद्यार्थी पिछड़ रहे हैं।
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ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलते हैं 5 प्रतिशत अंक
ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले सामान्य विद्यार्थियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत अंकों की वेटेज दी जाती है, ताकि वे शहर में बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों के समकक्ष हो सकें और उन्हें दाखिले में आसानी हो। लेकिन यह वेटेज ग्रामीण विद्यार्थियों की बजाए ग्रामीण सीमाओं में स्थित स्कूलों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को मिल रही है। अब ग्रामीण विद्यार्थियों के सामने समस्या यह है कि शहर के चारों और ग्रामीण क्षेत्रों में कई बड़े और महंगी फीस हासिल करने वाले स्कूल हैं। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी ये वेटेज के अंक मिलने से गांव के सरकारी या सामान्य स्कूलों में पढ़ने वाले औसत विद्यार्थियों के लिए दाखिले की होड़ और मुश्किल हो जाती है।
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प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट-पीएसएफ ने डीएन कॉलेज में प्रथम वर्ष के दाखिले को लेकर लगातार दूसरे दिन भी हेल्प डेस्क लगाया। हेल्प डेस्क लगा रही प्रभारी सोनिया ने बताया कि विद्यार्थियों और अभिभावकों में उच्चतर शिक्षा विभाग की ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया और ऑनलाइन पोर्टल काम न करना पर रोष देखने को मिल रहा है। सैकड़ों विद्यार्थी मनपसंद कॉलेज और विषय नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। विद्यार्थी व अभिभावक सेल्फ-फाइनेंस स्कीम (एसएफएस) के कोर्सों में एडिड कोर्स से कई गुणा अधिक फीस होने के कारण भी परेशान हैं। विद्यार्थियों ने इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।
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ओपन काउंसिलिंग में भी हिस्सा ले सकेंगे विद्यार्थी
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबंधित ओडीएम महाविद्यालय के निदेशक डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में ऑल इंडिया कैटेगरी की मेरिट लिस्ट में सामान्य वर्ग में बीए के लिए कट ऑफ प्रतिशत 88 प्रतिशत, बीकॉम में 87.4 प्रतिशत, बीएससी मेडिकल में 78.8 प्रतिशत, बीएससी नॉन मेडिकल में 93.6 प्रतिशत रही है। वहीं, हरियाणा ओपन वर्ग की मेरिट लिस्ट में सामान्य वर्ग में बीए के लिए कट ऑफ प्रतिशत 59.4 प्रतिशत, बीकॉम में 72.8 प्रतिशत, बीएससी मेडिकल में 77.6 प्रतिशत, बीएससी नॉन मेडिकल में 68.6 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी पहली व दूसरी काउंसिलिंग के बाद ओपन काउंसिलिंग में भी हिस्सा ले सकेंगे।
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