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सिम बंद कराकर चिकित्सक के खाते से 7.80 लाख उड़ाए
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Sat, 20 May 2017 01:28 AM IST
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साइबर हैकर्स ने नया तरीका अपनाकर हिसार के चिकित्सक डॉ. एनके खन्ना का मोबाइल सिम फर्जी डाक्यूमेंट के आधार पर बंद करा कर डुप्लीकेट सिम निकाल लिया। इस डुप्लीकेट सिम से नेट बैंकिंग के जरिये डॉ. खन्ना के बैंक खाते से पांच अलग-अलग खातों में 7.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऋषि नगर के खन्ना मेडिकल सेंटर के संचालक डॉ. एनके खन्ना हफ्ते पहले साइबर हैकर के जाल में फंसने से बच गए थे। उन्होंने सिम बंद होने पर आइडिया के कस्टमर केयर सेंटर से संपर्क कर कोलकाता के हैकर विप्लव को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। फिर भी डॉक्टर साइबर क्रिमिनल के शिकार होने से बच नहीं पाए। किसी ने मंगलवार रात नेट बैंकिंग के जरिये उनके खाते से 7.80 लाख रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने अब दूसरा केस दर्ज किया है। डॉ. एनके खन्ना ने पुलिस को शिकायत दी कि उनका आइडिया कंपनी का मोबाइल नंबर है। किसी ने कंपनी ऑफिस में फर्जी आईडी देकर उनका मोबाइल बंद करा दिया था। सिम 16 मई की शाम को बंद हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना केयर सेंटर में दी थी।
कर्मियों ने बताया था कि हमने आपका सिम बंद कर दिया है। उन्होंने बताया था कि आपका नया सिम रोहतक कार्यालय से जारी हुआ है। कर्मियों ने उनको आश्वासन दिया था कि नया सिम बंद करा दिया है। वह एक्टिवेट नहीं होगा। डॉ. एनके खन्ना ने बाद में कस्टमर केयर सेंटर में भी फोन पर सूचना दी। उनको बताया गया कि नए सिम को बंद कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि 16 मई की रात और 17 मई की सुबह यूको बैंक के उनके अकाउंट से 7.80 लाख रुपये नेट बैंकिंग के जरिये किसी दूसरी शाखा में स्थानांतरित कर दिए गए। सिम साढे़ दस से साढे़ बारह बजे तक एक्टिवेट रहा। उसी दौरान 7.80 लाख की नकदी अलग-अलग पांच खातों में ट्रांसफर करा ली गई।
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डुप्लीकेट सिम एक्टिव न करने की रिक्वेस्ट की थी डॉ. खन्ना ने
डॉ. एनके खन्ना ने कंपनी कार्यालय में फोन कर साजिश होने की जानकारी दी थी, लेकिन उनका सिम एक्टिवेट नहीं किया गया। किसी और दूसरे की रिक्वेस्ट करने पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर दिया गया। कंपनी वाले उनको सिम डी एक्टिवेट की जानकारी देते रहे और फर्जी आईडी वालों की रिक्वेस्ट पर सिम शुरू कर दिया। इसमें यूको बैंक के कर्मचारियों का षड्यंत्र में शामिल होने का शक है। सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में यूको बैंक, आईडिया कस्टमर केयर सेंटर के कुछ कर्मियों, अज्ञात पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
आठ दिन पहले पकड़वाया था हैकर
डॉ. एनके खन्ना का फोन आठ मई को अचानक बंद हो गया था। कंपनी कार्यालय में गए तो वहां कोलकाता के विप्लव ने डॉ. खन्ना के नाम के फर्जी कागजात पर अपनी फोटो लगाकर सिम बंद करने का आवेदन किया था। फिर डुप्लीकेट सिम निकलवा लिया था। मौके पर आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया था। विप्लव कोलकाता से दिल्ली होते हुए हिसार आया था। पुलिस ने उस आरोपी को नौ दिन के रिमांड पर ले रखा है।
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ऋषि नगर के खन्ना मेडिकल सेंटर के संचालक डॉ. एनके खन्ना हफ्ते पहले साइबर हैकर के जाल में फंसने से बच गए थे। उन्होंने सिम बंद होने पर आइडिया के कस्टमर केयर सेंटर से संपर्क कर कोलकाता के हैकर विप्लव को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। फिर भी डॉक्टर साइबर क्रिमिनल के शिकार होने से बच नहीं पाए। किसी ने मंगलवार रात नेट बैंकिंग के जरिये उनके खाते से 7.80 लाख रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने अब दूसरा केस दर्ज किया है। डॉ. एनके खन्ना ने पुलिस को शिकायत दी कि उनका आइडिया कंपनी का मोबाइल नंबर है। किसी ने कंपनी ऑफिस में फर्जी आईडी देकर उनका मोबाइल बंद करा दिया था। सिम 16 मई की शाम को बंद हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना केयर सेंटर में दी थी।
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कर्मियों ने बताया था कि हमने आपका सिम बंद कर दिया है। उन्होंने बताया था कि आपका नया सिम रोहतक कार्यालय से जारी हुआ है। कर्मियों ने उनको आश्वासन दिया था कि नया सिम बंद करा दिया है। वह एक्टिवेट नहीं होगा। डॉ. एनके खन्ना ने बाद में कस्टमर केयर सेंटर में भी फोन पर सूचना दी। उनको बताया गया कि नए सिम को बंद कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि 16 मई की रात और 17 मई की सुबह यूको बैंक के उनके अकाउंट से 7.80 लाख रुपये नेट बैंकिंग के जरिये किसी दूसरी शाखा में स्थानांतरित कर दिए गए। सिम साढे़ दस से साढे़ बारह बजे तक एक्टिवेट रहा। उसी दौरान 7.80 लाख की नकदी अलग-अलग पांच खातों में ट्रांसफर करा ली गई।
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डुप्लीकेट सिम एक्टिव न करने की रिक्वेस्ट की थी डॉ. खन्ना ने
डॉ. एनके खन्ना ने कंपनी कार्यालय में फोन कर साजिश होने की जानकारी दी थी, लेकिन उनका सिम एक्टिवेट नहीं किया गया। किसी और दूसरे की रिक्वेस्ट करने पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर दिया गया। कंपनी वाले उनको सिम डी एक्टिवेट की जानकारी देते रहे और फर्जी आईडी वालों की रिक्वेस्ट पर सिम शुरू कर दिया। इसमें यूको बैंक के कर्मचारियों का षड्यंत्र में शामिल होने का शक है। सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में यूको बैंक, आईडिया कस्टमर केयर सेंटर के कुछ कर्मियों, अज्ञात पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
आठ दिन पहले पकड़वाया था हैकर
डॉ. एनके खन्ना का फोन आठ मई को अचानक बंद हो गया था। कंपनी कार्यालय में गए तो वहां कोलकाता के विप्लव ने डॉ. खन्ना के नाम के फर्जी कागजात पर अपनी फोटो लगाकर सिम बंद करने का आवेदन किया था। फिर डुप्लीकेट सिम निकलवा लिया था। मौके पर आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया था। विप्लव कोलकाता से दिल्ली होते हुए हिसार आया था। पुलिस ने उस आरोपी को नौ दिन के रिमांड पर ले रखा है।