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Hisar News: लिंगानुपात में श्यामसुख जिले का सर्वश्रेष्ठ गांव
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हिसार। बेटा-बेटी एक समान का नारा जिले के गांव श्यामसुख में चरितार्थ हो रहा है। 5047 की आबादी वाले इस गांव में लिंगानुपात 1000 लड़काें पर 1593 दर्ज किया गया। इसलिए श्यामसुख गांव को लिंगानुपात में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले गांव के रूप में चुना गया है। मंगलवार को लघु सचिवालय के वीसी सभागार में जिलास्तरीय मासिक पीएनडीटी समीक्षा बैठक में लिंगानुपात से संबंधित आंकड़ा रखा गया।
सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि मार्च में 113 अल्ट्रासाउंड और 50 एमटीपी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। कम लिंगानुपात वाले गांवों में 21 जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। ऐसे गांवों में आशा व एएनएम कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जन्म पंजीकरण में देरी हो रही है, उन क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए। असामान्य लिंगानुपात वाले गांवों में की एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह खुद प्रत्येक सप्ताह में दो दिन कम लिंगानुपात वाले गांवों के सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।
सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि सभी अल्ट्रासाउंड और एमटीपी सेंटरों में सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करें। बैठक में बरवाला एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश बेनीवाल, हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, सीईओ जिला परिषद हरबीर सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डीआईओ दीपक भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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जिला प्रशासन लिंगानुपात में सुधार और पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आगामी महीनों में निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, ताकि समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिल सके। - सी. जयाश्रद्धा, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार
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सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि मार्च में 113 अल्ट्रासाउंड और 50 एमटीपी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। कम लिंगानुपात वाले गांवों में 21 जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। ऐसे गांवों में आशा व एएनएम कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जन्म पंजीकरण में देरी हो रही है, उन क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए। असामान्य लिंगानुपात वाले गांवों में की एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह खुद प्रत्येक सप्ताह में दो दिन कम लिंगानुपात वाले गांवों के सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।
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सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि सभी अल्ट्रासाउंड और एमटीपी सेंटरों में सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करें। बैठक में बरवाला एसडीएम डॉ. वेदप्रकाश बेनीवाल, हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, सीईओ जिला परिषद हरबीर सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डीआईओ दीपक भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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जिला प्रशासन लिंगानुपात में सुधार और पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आगामी महीनों में निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, ताकि समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिल सके। - सी. जयाश्रद्धा, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार