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सीवर हेल्पर्स को पांच साल से नहीं मिली किट, सुरक्षा रामभरोसे
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हिसार। जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सीवर हेल्पर्स को पांच साल से सुरक्षा किट तक नहीं मिली है। जान जोखिम में डालकर रोजाना काम कर रहे हैं। ऐसे में कभी भी उनके साथ हादसा हो सकता है। कई बार सीवर हेल्पर विभाग के आलाधिकारियों को सेफ्टी मुहैया करवाने की मांग कर चुके हैं, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालात यह है कि कई बार तो जेई सीवर में जाकर सफाई करने की बात तक कह देते हैं।
उन्होंने बताया कि हर दो साल में एक बार किट मिलती है। इस किट में बेल्ट, चश्मा, रस्सा, ऑक्सीजन टैंक सहित काफी चीजे होती हैं। मगर पिछले पांच साल में उन्हें एक भी किट नहीं मिली। काम करने के दौरान काफी परेशानी आती है। हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। उल्लेखनीय है कि बीते मंगलवार को गांव बुढ़ाखेड़ा में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के टैंक में उतरे चार युवकों की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई थी।
वर्ष 2017 में हमें किट मिली थी। इसके बाद अभी तक किट नहीं मिली है। काफी हादसे होते रहते हैं। बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। - सूरज, सीवर हेल्पर
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सुरक्षा को लेकर हमारे पास कोई इंतजाम नहीं है। करीब 10 दिन पहले जेई ने मुझे गवर्नमेंट कॉलेज में सीवर में जाकर सफाई करने की बात कही थी। मगर मैंने सीवर के अंदर जाने से मना कर दिया था। - विक्रम, सीवर हेल्पर
हमें सिर्फ फटी, चाबी और सूतली मिली हुई है। खुद की सेफ्टी की बात करें तो हमारे पास कुछ भी नहीं है। हमारी कोई सुनवाई भी नहीं हो रही। कभी भी हमारे साथ हादसा हो सकता है। - सोनू लोट, सीवर हेल्पर
कर्मचारियों को सुरक्षा किट नहीं मिलती। काम करते समय कभी भी हादसा हो सकता है। कई हादसे होने के बाद भी विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। - नरेश गौतम, जिला प्रधान, मेकैनिकल वर्कर यूनियन
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उन्होंने बताया कि हर दो साल में एक बार किट मिलती है। इस किट में बेल्ट, चश्मा, रस्सा, ऑक्सीजन टैंक सहित काफी चीजे होती हैं। मगर पिछले पांच साल में उन्हें एक भी किट नहीं मिली। काम करने के दौरान काफी परेशानी आती है। हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। उल्लेखनीय है कि बीते मंगलवार को गांव बुढ़ाखेड़ा में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के टैंक में उतरे चार युवकों की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई थी।
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वर्ष 2017 में हमें किट मिली थी। इसके बाद अभी तक किट नहीं मिली है। काफी हादसे होते रहते हैं। बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। - सूरज, सीवर हेल्पर
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सुरक्षा को लेकर हमारे पास कोई इंतजाम नहीं है। करीब 10 दिन पहले जेई ने मुझे गवर्नमेंट कॉलेज में सीवर में जाकर सफाई करने की बात कही थी। मगर मैंने सीवर के अंदर जाने से मना कर दिया था। - विक्रम, सीवर हेल्पर
हमें सिर्फ फटी, चाबी और सूतली मिली हुई है। खुद की सेफ्टी की बात करें तो हमारे पास कुछ भी नहीं है। हमारी कोई सुनवाई भी नहीं हो रही। कभी भी हमारे साथ हादसा हो सकता है। - सोनू लोट, सीवर हेल्पर
कर्मचारियों को सुरक्षा किट नहीं मिलती। काम करते समय कभी भी हादसा हो सकता है। कई हादसे होने के बाद भी विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। - नरेश गौतम, जिला प्रधान, मेकैनिकल वर्कर यूनियन