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बिना संबोधन ही वापस लौटे पूर्व मंत्री संपत सिंह, लोगों ने किया हुड़दंग

Sun, 26 Feb 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार Updated Sun, 26 Feb 2017 12:40 AM IST
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Sampat singh hisar, jaat Resevervation hisar, Hisar
Sampat singh - फोटो : Bureau

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के धरने पर पहुंचे पूर्व मंत्री संपत सिंह का धरना स्थल पर कुछ लोगों ने हुड़दंग करते हुए विरोध कर दिया। संपत सिंह बिना संबोधन के ही धरना स्थल से लौट गए। जिस समय संपत सिंह का विरोध हुआ उस समय समिति के प्रमुख पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। बाद में समिति के पदाधिकारियों ने संपत सिंह से उनके घर जाकर माफी मांगी।

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 अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के रामायण ट्रैक के पास धरने के 28वें दिन पूर्व मंत्री संपत सिंह समर्थन देने पहुंचे। प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक तथा जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा से बातचीत करने के बाद धरना स्थल पर पहुंचे थे। पूर्व मंत्री संपत सिंह के धरना स्थल पर पहुंचने पर मंच संचालन कर रहे ईश्वर मोर ने उनका औपचारिक तौर पर स्वागत किया। मंच पर उपस्थित लोगों ने भी संपत सिंह का वेलकम करते हुए मंच पर बैठाया। इस बीच मंच के सामने बैठे कुछ लोगों ने खडे़ होकर विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों ने कहा कि वर्ष 2010, वर्ष 2012 में कांग्रेस की सरकार के समय संपत सिंह ने जाट आरक्षण का विरोध किया था। संपत सिंह ने जाट आरक्षण की बजाए आर्थिक आधार पर आरक्षण का समर्थन किया था। उस समय मय्यड़ रेलवे ट्रैक पर संपत सिंह का हुक्का पानी बंद करने का प्रस्ताव पारित किया था। अब संपत सिंह समर्थन करने आए हैं। कुछ लोगों ने हुड़दंग शुरू कर दिया। विरोध देखते हुए प्रोफेसर संपत सिंह बिना संबोधन ही वहां से चले गए।
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 समिति के मुख्य पदाधिकारी शाम को धरना स्थल पहुंचे तो उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी मिली। जिसके बाद समिति सदस्यों ने मौके से ही संपत सिंह को फोन कर उनसे माफी मांगी। बाद में शाम के समय प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक और जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा संपत सिंह के घर पहुंचे। यहां शनिवार के घटनाक्रम के लिए माफी मांगी। संपत सिंह ने कहा कि उनका समाज के प्रति किसी तरह की नाराजगी नहीं है। हर जगह कुछ हुड़दंगी होते हैं। ऐसे लोगों पर समिति को प्रभावी तरीके से रोक लगानी चाहिए।
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यह बहुत गलत हुआ है। हमने सभी जनप्रतिनिधियों से समर्थन मांगा हुआ है। 36 बिरादरी के लोगों का धरना स्थल पर स्वागत कर रहे हैं। समिति के प्रमुख पदाधिकारी मौके पर न होने के कारण यह हुआ। इसके लिए हमने संपत सिंह से उनके घर जाकर माफी मांगी है।
-कृष्ण किरमारा, जिला अध्यक्ष, जाट आरक्षण संघर्ष समिति हिसार।


पूर्व मंत्री संपत सिंह धरना स्थल पर आए थे। कुछ लोगों ने विरोध किया। यह बेहद गलत हुआ। इसके लिए समिति ने खेद जताते हुए माफी मांगते हैं। इस तरह नहीं होना चाहिए। हमें हर एक व्यक्ति के समर्थन की जरूरत है। हमने सभी से समर्थन मांगा हुआ है।

-रामभगत मलिक, प्रदेश प्रवक्ता, जाट आरक्षण संघर्ष समिति, हरियाणा।


इनेलो से जुडे़ कुछ लोगों ने हुड़दंग का प्रयास किया। संघर्ष समिति को लगातार 28 दिन शांतिपूर्वक धरना चलाने पर धन्यवाद करने गया था। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने भी जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की हुई थी। जिसे पढ़कर समिति के स्थानीय पदाधिकारियों से बात के बाद मौके पर गया था। मेरे मन में जाट समाज के खिलाफ कोई शिकवा नहीं है। समिति के सदस्यों की गलती नहीं है। समिति के पदाधिकारियों ने माफी मांगी है।
- संपत सिंह, पूर्व मंत्री हरियाणा।

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