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116 किलोमीटर तक पैदल दौड़ रही आरपीएफ
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Mon, 23 Nov 2015 01:44 AM IST
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पेरिस की घटना के बाद देश भर के रेलवे स्टेशनों पर हाई अलर्ट घोषित किया हुआ है। इस अलर्ट के बावजूद आरपीएफ दिखावे के नाम पर प्रोटेक्शन में जुटी है।
आरपीएफ के पास रेवाड़ी से लेकर बठिंडा तक कहीं भी चौपहिया वाहन उपलब्ध नहीं है। हिसार व इसके आसपास सिरसा सहित कई जिलों में तो आरपीएफ के पास दोपहिया वाहन तक नहीं है। ऐसे में आरपीएफ से प्रोटेक्शन के लिए गश्त आदि की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है।
अक्सर देरी से पहुंचती आरपीएफ
आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) हिसार के अंडर करीब 116 किलोमीटर का दायरा आता है। बिना वाहन आखिर आरपीएफ कैसे इतनी लंबी दौड़ लगाए। रेलवे में अक्सर घटनाएं होती रहती हैं। बिना वाहन से हर घटना स्थल पर लगभग हरबार आरपीएफ देरी से ही पहुंचती है।
जीताखेड़ी में बाधित हुआ टेलीकॉम
जीताखेड़ी के पास शनिवार को ही एक जेसीबी संचालक ने टेलीकॉम की तार कट कर दी। इसके कारण रेलवे प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मामले के बारे में प्रशासन ने आरपीएफ को सूचना तक दे दी थी मगर आरपीएफ हर बार की तरह बड़ी देरी से मौके पर पहुंच पाई।
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रेलवे ने दूसरी विंग को हायर बेस पर दिए हैं व्हीकल
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि आरपीएफ को छोड़कर बाकी दूसरी विंग जैसे टेलीकॉम व सिग्नल विंग को व्हीकल उपलब्ध करवाए गए हैं। ये व्हीकल सब हायर बेस सिस्टम पर हैं।
रात को किराये पर भी नहीं मिलते वाहन
रेलवे में अगर रात को कहीं किसी तरह की घटना हो जाए तो आरपीएफ को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है। रात को उन्हें किराये के व्हीकल भी नहीं मिलते।
पूछा तो भड़के कमांडेंट
इस बारे में जब आरपीएफ कमांडेंट एसबी गोस्वामी से बात की गई तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह रेलवे की जिम्मेवारी है। हम किसी तरह से इंतजाम करें यह हम देखेंगे। इसके बाद उन्होंने फोन रख दिया।
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आरपीएफ के पास रेवाड़ी से लेकर बठिंडा तक कहीं भी चौपहिया वाहन उपलब्ध नहीं है। हिसार व इसके आसपास सिरसा सहित कई जिलों में तो आरपीएफ के पास दोपहिया वाहन तक नहीं है। ऐसे में आरपीएफ से प्रोटेक्शन के लिए गश्त आदि की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है।
अक्सर देरी से पहुंचती आरपीएफ
आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) हिसार के अंडर करीब 116 किलोमीटर का दायरा आता है। बिना वाहन आखिर आरपीएफ कैसे इतनी लंबी दौड़ लगाए। रेलवे में अक्सर घटनाएं होती रहती हैं। बिना वाहन से हर घटना स्थल पर लगभग हरबार आरपीएफ देरी से ही पहुंचती है।
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जीताखेड़ी में बाधित हुआ टेलीकॉम
जीताखेड़ी के पास शनिवार को ही एक जेसीबी संचालक ने टेलीकॉम की तार कट कर दी। इसके कारण रेलवे प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मामले के बारे में प्रशासन ने आरपीएफ को सूचना तक दे दी थी मगर आरपीएफ हर बार की तरह बड़ी देरी से मौके पर पहुंच पाई।
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रेलवे ने दूसरी विंग को हायर बेस पर दिए हैं व्हीकल
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि आरपीएफ को छोड़कर बाकी दूसरी विंग जैसे टेलीकॉम व सिग्नल विंग को व्हीकल उपलब्ध करवाए गए हैं। ये व्हीकल सब हायर बेस सिस्टम पर हैं।
रात को किराये पर भी नहीं मिलते वाहन
रेलवे में अगर रात को कहीं किसी तरह की घटना हो जाए तो आरपीएफ को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है। रात को उन्हें किराये के व्हीकल भी नहीं मिलते।
पूछा तो भड़के कमांडेंट
इस बारे में जब आरपीएफ कमांडेंट एसबी गोस्वामी से बात की गई तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह रेलवे की जिम्मेवारी है। हम किसी तरह से इंतजाम करें यह हम देखेंगे। इसके बाद उन्होंने फोन रख दिया।