{"_id":"58767da74f1c1b8327ba81a8","slug":"road-mobile-app-hisar-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल एप में हर सड़क की आईडी के साथ होगा कलर कोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल एप में हर सड़क की आईडी के साथ होगा कलर कोड
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
सड़क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़कों के लिए तैयार किए जा रहे मोबाइल एप में हर विभाग की सड़क को कलर कोड दिया जाएगा। हर सड़क का आईडी नंबर भी होगा। सड़क के कलर, आईडी नंबर से पूरी पहचान मिल जाएगी। हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, पीडब्ल्यूडी तथा एनआईसी मिलकर इस एप को तैयार करेंगे।
विज्ञापन
हिसार से शुरू होने वाले पायलेट प्रोजेक्ट के लिए मैप तैयार करने के लिए डीसी निखिल गजराज की अध्यक्षता में बैठक हुुई, जिसमें जिला राजस्व अधिकारी ब्रह्मजीत अहलावत, डिस्ट्रिक इंफोरमेशन ऑफिसर एमपी कुलश्रेष्ठ, पीडब्ल्यूडी एक्सईन राय सिंह के अलावा हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के साइंटिस्ट ने हिस्सा लिया। बैठक में शहर की सड़कों के डिजिटल मैप को लेकर मंथन हुआ। डीसी ने कहा कि सभी सड़कों की आईडी तैयार की जाए। यह तीनों विभाग मिलकर मैप तैयार करेंगे, जिसमें हरसेक की ओर से डिजिटल मैप दिया जाएगा। जियो मैपिंग के जरिए सड़कों को लोकेशन दी जाएगी। गूगल मैप के साथ इसे कनेक्ट किया जाएगा। सभी विभागों को 15 मार्च तक काम पूरा करने का टारगेट दिया गया है। 31 मार्च तक इस मैप को लॉन्च कराने की तैयारी है। हिसार में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर एक अप्रैल से यह मैप शुरू हो सकता है। यहां पायलेट प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी अपनाया जाएगा। डीसी ने कहा कि अधिकारी अपने काम में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। प्रदेश सरकार की ओर पिछले सप्ताह इस प्रोजेक्ट को लेकर क्लीयरेंस मिली थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के समय सीएम सेल ने इसे मंजूर किया था। आगे भी सीएम सेल इस प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा।
विज्ञापन
इन विभागों की सड़कें
नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, मार्केटिंग बोर्ड, नेशनल हाइवे अॅथारिटी ऑफ इंडिया, टोल रोड
ऐसे होगी पहचान
एक विभाग की सड़कों को एक कलर दिया जाएगा। आम आदमी रंग के हिसाब से भी सड़क की पहचान कर सकेगा। इसके अलावा विभाग की सड़कों के नंबर इस तरह दिए जाएंगे कि लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो। विभाग की ओर से तैयार किए गए मोबाइल मैप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद शहर के किसी एरिया में सड़क में गड्ढा दिखे तो उसकी मोबाइल पर फोटो क्लिक कर अपलोड कर दें। विभाग को इस एप के जरिए उस लोकेशन की जानकारी मिल जाएगी।
विज्ञापन