{"_id":"65258cef058467a627003a86","slug":"road-construction-stalled-due-to-non-receipt-of-noc-from-forest-department-hisar-news-c-21-hsr1005-236950-2023-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: वन विभाग से एनओसी न मिलने से लटका सड़क निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: वन विभाग से एनओसी न मिलने से लटका सड़क निर्माण
विज्ञापन
पीएलए सेक्टर से गुजर रही डाबड़ा माइनर, जिस पर सड़क का निर्माण किया जाना है।
हिसार।
शहर के तोशाम रोड से राजगढ़ रोड तक डाबड़ा माइनर पर सड़क निर्माण प्रोजेक्ट वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण लंबे समय से लटका हुआ है। यही नहीं पेड़ों की कटाई न होने के कारण बिजली लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा है, जबकि टेंडर अलॉट हुए 6 माह का समय बीत चुका है।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2016 में एक रैली के दौरान डाबड़ा माइनर पर रोड बनाने की घोषणा की थी। मगर बाद में अधिकारियों ने नॉट फिजिबल कहते हुए इस प्रोजेक्ट की फाइल को बंद कर दिया था। मगर समाजसेवी योगराज शर्मा के प्रयासों के कारण इस प्रोजेक्ट की फाइल फिर से खुली और अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की।
400 से ज्यादा पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी
इस रोड के निर्माण में करीब 400 से ज्यादा पेड़ बाधा बन रहे हैं, जिन्हें काटा जाना जरूरी है। इन्हें काटने से पहले वन विभाग से इनकी एनओसी लेनी जरूरी है। इसे लेकर बीएंडआर करीब एक साल से विभाग से पत्राचार कर रहा है, लेकिन आज तक विभाग को एनओसी नहीं मिली है।
विज्ञापन
100 से ज्यादा खंभे किए जाएंगे शिफ्ट
मौके से 11 केवी व 33 केवी की लाइन गुजर रही हैं, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। इनमें से 11 केवी लाइन के लिए टेंडर अलॉट हुए 6 माह का समय बीत चुका है, लेकिन पेड़ों की कटाई न होने के कारण यह काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है। इस लाइन में 100 से ज्यादा खंभे हैं, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। वहीं 33 केवी लाइन के लिए बीएंडआर की बिजली शाखा ने सिविल शाखा से बजट मांगा हुआ है। बजट मिलने के साथ ही इस लाइन की शिफ्टिंग के लिए भी टेंडर लगा दिया जाएगा।
3.4 किलोमीटर लंबी होगी रोड
इस रोड की कुल लंबाई 3.4 किलोमीटर होगी। तोशाम रोड से कैमरी रोड यह रोड फोरलेन बनेगा, जिसकी लंबाई 2900 मीटर व चौड़ाई 11 मीटर होगी। रोड के बीच में जर्सी बैरियर लगाए जाएंगे। यह हिस्सा तारकोल से बनेगा। इसके दोनों तरफ बरसाती नाला भी बनेगा। वहीं कैमरी रोड से राजगढ़ रोड के बीच का रोड टू लेन होगा, जिसकी लंबाई 600 मीटर व चौड़ाई साढ़े पांच मीटर होगी। इस हिस्से को इंटरलॉकिंग ब्लॉक से बनाया जाएगा। इसे लेकर करीब 17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली हुई है।
दिल्ली रोड की विकल्प हाेगी यह रोड
इस रोड को दिल्ली रोड के विकल्प के तौर पर बनाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में शहर के दिल्ली रोड पर वाहनों का काफी बोझ है। इससे रोड पर लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। इस रोड के बनने से सेक्टर 9-11, मॉडल टाउन, सेक्टर 13, 16-17, पीएलए, जवाहर नगर, हाउसिंग बोर्ड, डिफेंस कॉलोनी के लोगों को फायदा होगा।
इस फाइल पर नोडल अधिकारी की तरफ से आपत्ति लगाई गई थी। इसे ठीक करवाकर पिछले सप्ताह ही फाइल उन्हें भिजवाई गई है। यहां से फाइल एसीएस व फिर भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय में जाएगी, जहां से इसे अंतिम मंजूरी मिलेगी। - पवन ग्रोवर, जिला वन अधिकारी
वन विभाग की एनओसी के लिए लंबे समय से फाइल चली हुई है। विभाग की तरफ से कई बार आपत्तियां भी लगाई गईं, जिन्हें दूर करके फाइल को दोबारा से भेज दिया गया। एनओसी मिलने के बाद प्रोजेक्ट तेजी से सिरे चढ़ेगा।
- रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर
पहले पेड़ों की कटाई होती है। फिर लाइन शिफ्ट होती है। एक लाइन की शिफ्टिंग का टेंडर भी हो चुका है।
सुमेर सिंह, एसडीओ, बिजली शाखा, बीएंडआर
विज्ञापन
शहर के तोशाम रोड से राजगढ़ रोड तक डाबड़ा माइनर पर सड़क निर्माण प्रोजेक्ट वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण लंबे समय से लटका हुआ है। यही नहीं पेड़ों की कटाई न होने के कारण बिजली लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा है, जबकि टेंडर अलॉट हुए 6 माह का समय बीत चुका है।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2016 में एक रैली के दौरान डाबड़ा माइनर पर रोड बनाने की घोषणा की थी। मगर बाद में अधिकारियों ने नॉट फिजिबल कहते हुए इस प्रोजेक्ट की फाइल को बंद कर दिया था। मगर समाजसेवी योगराज शर्मा के प्रयासों के कारण इस प्रोजेक्ट की फाइल फिर से खुली और अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की।
विज्ञापन
400 से ज्यादा पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी
इस रोड के निर्माण में करीब 400 से ज्यादा पेड़ बाधा बन रहे हैं, जिन्हें काटा जाना जरूरी है। इन्हें काटने से पहले वन विभाग से इनकी एनओसी लेनी जरूरी है। इसे लेकर बीएंडआर करीब एक साल से विभाग से पत्राचार कर रहा है, लेकिन आज तक विभाग को एनओसी नहीं मिली है।
विज्ञापन
100 से ज्यादा खंभे किए जाएंगे शिफ्ट
मौके से 11 केवी व 33 केवी की लाइन गुजर रही हैं, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। इनमें से 11 केवी लाइन के लिए टेंडर अलॉट हुए 6 माह का समय बीत चुका है, लेकिन पेड़ों की कटाई न होने के कारण यह काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है। इस लाइन में 100 से ज्यादा खंभे हैं, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। वहीं 33 केवी लाइन के लिए बीएंडआर की बिजली शाखा ने सिविल शाखा से बजट मांगा हुआ है। बजट मिलने के साथ ही इस लाइन की शिफ्टिंग के लिए भी टेंडर लगा दिया जाएगा।
3.4 किलोमीटर लंबी होगी रोड
इस रोड की कुल लंबाई 3.4 किलोमीटर होगी। तोशाम रोड से कैमरी रोड यह रोड फोरलेन बनेगा, जिसकी लंबाई 2900 मीटर व चौड़ाई 11 मीटर होगी। रोड के बीच में जर्सी बैरियर लगाए जाएंगे। यह हिस्सा तारकोल से बनेगा। इसके दोनों तरफ बरसाती नाला भी बनेगा। वहीं कैमरी रोड से राजगढ़ रोड के बीच का रोड टू लेन होगा, जिसकी लंबाई 600 मीटर व चौड़ाई साढ़े पांच मीटर होगी। इस हिस्से को इंटरलॉकिंग ब्लॉक से बनाया जाएगा। इसे लेकर करीब 17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली हुई है।
दिल्ली रोड की विकल्प हाेगी यह रोड
इस रोड को दिल्ली रोड के विकल्प के तौर पर बनाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में शहर के दिल्ली रोड पर वाहनों का काफी बोझ है। इससे रोड पर लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। इस रोड के बनने से सेक्टर 9-11, मॉडल टाउन, सेक्टर 13, 16-17, पीएलए, जवाहर नगर, हाउसिंग बोर्ड, डिफेंस कॉलोनी के लोगों को फायदा होगा।
इस फाइल पर नोडल अधिकारी की तरफ से आपत्ति लगाई गई थी। इसे ठीक करवाकर पिछले सप्ताह ही फाइल उन्हें भिजवाई गई है। यहां से फाइल एसीएस व फिर भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय में जाएगी, जहां से इसे अंतिम मंजूरी मिलेगी। - पवन ग्रोवर, जिला वन अधिकारी
वन विभाग की एनओसी के लिए लंबे समय से फाइल चली हुई है। विभाग की तरफ से कई बार आपत्तियां भी लगाई गईं, जिन्हें दूर करके फाइल को दोबारा से भेज दिया गया। एनओसी मिलने के बाद प्रोजेक्ट तेजी से सिरे चढ़ेगा।
- रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर
पहले पेड़ों की कटाई होती है। फिर लाइन शिफ्ट होती है। एक लाइन की शिफ्टिंग का टेंडर भी हो चुका है।
सुमेर सिंह, एसडीओ, बिजली शाखा, बीएंडआर