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फीडबैक लेने पहुंचे राइट टू सर्विस एक्ट कमीशन के चेयरमैन
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Wed, 30 Mar 2016 01:20 AM IST
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फीडबैक लेने पहुंचे राइट टू सर्विस एक्ट कमीशन के चेयरमैन
- फोटो : bureau
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राइट टू सर्विस एक्ट कमीशन के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल वीएस टांक ने सरकार की ओर से सेवाओं का समय जानने के लिए सरकारी कार्यालयों में जाकर जनता से फीडबैक लिया। जनता से पूछा कि उन्हें कितने दिन में सेवा प्रदान की गई।
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प्रदेश सरकार की ओर से विभागों में दी जाने वाली सेवाओं की समयावधि निर्धारित कर रखी है।
अधिकारियों को 163 सेवाएं तय समय पर देने के लिए बाध्य हैं। तय समय वाली सेवाएं जनता को कितने समय में मिल रही हैं, यह जांचने के लिए राइट टू सर्विस एक्ट कमीशन के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल वीएस टांक मंगलवार को हिसार पहुंचे। उन्होंने ई-दिशा केंद्र में सीड फार्म निवासी अजीत, बगला निवासी दीपक, खुदा बख्श से सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया। इसके बाद समाज कल्याण विभाग में चंदन नगर निवासी अनिल, महताब सिंह, राममेहर सहित अन्य लोगों से पेंशन संबंधी कार्य में लगने वाले समय के बारे में पूछा। समाज कल्याण विभाग की ओर से दी सीनियर सिटीजन कार्ड के समय के बारे में जाना।
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पत्रकारों से बातचीत में रिटायर्ड जनरल वीएस टांक, आयोग के सदस्य सुनील कत्याल ने बताया सरकार ने इस अधिनियम के तहत अभी तक 163 सेवाओं को शामिल कर उन्हें ऑनलाइन किया है। लोगों में सेवा अधिकार अधिनियम बारे जागरूकता न होने से इस बारे जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस कारण जिला स्तर पर आयोग अधिकारियों के साथ समीक्षा एवं जागरूकता बैठक कर रहा है ।
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डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि तय समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों-कर्मचारियों का जिम्मा है। सेवा नियमानुसार नहीं मिले तो वह सेवा अधिकार अधिनियम के तहत आयोग को शिकायत कर सकता है। दोषी पाए जाने पर 45 हजार रुपये तक का जुर्माना और सजा का प्रावधान है।
आयोग के समक्ष मीडिया ने आयोग तक पहुंचने के लंबे तरीके पर सवाल उठाए तो चेयरमैन जवाब नहीं दे सके। दरअसल तय समय पर सेवा न मिलने पर नागरिक को तीन स्तर पर अपील करनी होती है। इसके बाद ही वह आयोग में शिकायत कर पाएगा। अब तक कितने अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिली। कितने लोगों पर कार्रवाई की गई, के सवाल पर आयोग के चेयरमैन बोले, अभी हमारे पास कोई आंकड़ा नहीं है।
मीडिया ने जनता को इस बारे में जानकारी न होने का सवाल पूछा तो चेयरमैन ने कहा जल्द ही वेबसाइट व टोल फ्री नंबर जारी किए जाएंगे। जिस पर कोई भी नागरिक सेवाओं के तय समय के बारे में जानकारी ले सकेगा। आम नागरिक इनके जरिये अपनी शिकायत भी भेज सकेंगे। विभाग की ओर से जल्द ही सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग्स लगाकर सेवाओं के लिए तय समय की लोगों को जानकारी दी जाएगी।
राइट टू सर्विस एक्ट पूर्व की कांग्रेस सरकार ने 7 जून 2011 को तैयार किया था, जिसमें 2014 में कुछ बदलाव किए गए। इसके बाद भाजपा की सरकार बनने के बाद मई 2015 में फिर से कुछ संशोधन किए गए। इनमें 163 सेवाओं को शामिल किया गया है, जिसमें अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए समय तय है। तय समय पर सेवा न मिले तो नागरिक उससे संबंधित उच्च अधिकारियों को तीन स्तर पर अपील कर सकता है। इन अपील के बाद भी सेवा न मिले तो नागरिक आयोग को शिकायत दे सकता है।