{"_id":"60e35a558ebc3eccc6199593","slug":"responsible-for-cleaning-the-rainy-drain-hisar-news-rtk616264540","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसाती नाले की सफाई पर जिम्मेदार झाड़ रहे पल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसाती नाले की सफाई पर जिम्मेदार झाड़ रहे पल्ला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। शहर के दिल्ली रोड बरसाती नाले की सफाई को लेकर सोमवार दोपहर बाद तीन बजे नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग व बीएंडआर के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि बीएंडआर व जनस्वास्थ्य विभाग मिलकर नाले की सफाई करवाएंगे। इसके तहत खुुुले प्वाइंटों से मलबा निकालने, जीटी ठीक करने व टूटी स्लैब की मरम्मत का काम बीएंडआर करवाएगा। इसके अलावा बाकी सफाई का काम जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से करवाया जाएगा। सफाई के बाद यह नाला जनस्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।
हालांकि बैठक में तीनों विभाग के अधिकारी नाले की सफाई की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थौंपते नजर आए। बीएंडआर का कहना था कि पहले रोड के एक तरफ बरसाती नाला बना था, जो एचएसवीपी के अधीन था। बाद में इसे नगर निगम को सौंप दिया गया। इस लिहाज से निगम ही इसका मालिक है। वहीं, बीएंडआर के पास नाले की सफाई को लेकर संसाधन नहीं हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह रोड बीएंडआर का है और यह नाला उसी रोड के लिए बनाया गया है तो सफाई की जिम्मेदारी उनकी बनती है। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बोले निगम अधिकारियों ने कहा कि इससे पहले बीएंडआर ने आजाद नगर नाले की सफाई करवाई है तो वह इसकी सफाई करवा सकता है। इस पर बीएंडआर ने कहा कि उसे आजाद नगर नाले की सफाई करवाने में ढाई महीने लग गए थे। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर निगम हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास करके दे दे तो वह एस्टीमेट बनाकर भेज देंगे। उसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग उसकी सफाई करवा देगा।
याद रहे कि निगम हाउस की समीक्षा बैठक में दिल्ली रोड बरसाती नाले की लेवलिंग का मुद्दा उठा था। इस दौरान फैसला किया गया था कि टैंकरों की मदद से पानी डालकर नाले का डेमो करवाया जाएगा। शनिवार को नाले के डेमो को लेकर निगम व बीएंडआर के अधिकारी व बीएंडआर सब कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नाले की सफाई न होने के कारण जगह-जगह रुकावट है। इसके बाद सोमवार को बैठक कर फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
नाले के डेमो पर नहीं हुई चर्चा
बैठक में नाले के डेमो को लेकर कोई फैसला ही नहीं हुआ। इस दौरान बीएंडआर के अधिकारी बार-बार यही दोहराते रहे कि नाले का लेवल एकदम सही है। नाले में सीवर कनेक्शन के कारण रुकावट आ रही है। डेमो को लेकर बीएंडआर के जेई राजकुमार का कहना था कि लेवल जांचने की मशीन से लेवलिंग की जांच करवाई जा सकती है। तीनों विभागों के तकनीकी अधिकारी मिलकर यह जांच करवा सकते हैं। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह कहते रहे कि पानी डलवाकर ही नाले के लेवल की जांच करवाई जानी चाहिए।
निगम सभी बरसाती नालों और डिस्पोजल सौंपेगा जनस्वास्थ्य विभाग को
निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि नगर निगम के पास बरसाती नाले सही मायने में होने ही नहीं चाहिए। जन स्वास्थ्य विभाग के पास शहर के सभी बरसाती नाले और डिस्पोजल होने चाहिए। बीएंडआर विभाग व नगर निगम दोनों बरसाती नालों की सालाना सफाई का कार्य नहीं कर सकते। गर्ग ने कहा कि नगर सुधार मंडल के अंतर्गत आने वाले बरसाती नाले, जिंदल चौक से तोशाम रोड डिस्पोजल लाइन व तोशाम रोड स्थित डिस्पोजल भी नगर निगम प्रशासन जन स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की दिशा में कार्य करेगा। बता दें कि ऑटो मार्केट बरसाती नाला व सभी सेक्टरों के बरसाती नालों के रखरखाव का जिम्मा नगर निगम के पास है।
नाले में सीवर कनेक्शन का मुद्दा भी उठा
बैठक में बरसाती नाले में लोगों द्वारा सीवर के कनेक्शन करने का मुद्दा भी उठा। हालांकि इस पर पार्षद उमेद खन्ना ने कहा कि अगर नाले में सीवर कनेक्शन होते तो नाले में बदबू भी आती, लेकिन कहीं भी बदबू नहीं आ रही है। इस पर बीएंडआर के अधिकारियों ने कहा कि जिंदल मोड़ से सेक्टर 9-11 तक सीवर लाइन नहीं है। इस कारण से लोगों ने नाले में सीवर के कनेक्शन किए हुए हैं। इस प्वाइंट पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यहां सीवर लाइन है, लेकिन वह सड़क के बीच में है। नाले में सीवर कनेक्शन की बात पर मेयर ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग सीवर लाइन बिछवाए और नाले में से कनेक्शन हटवाए।
बैठक में बीएंडआर सब कमेटी के चेयरमैन एवं वार्ड-6 के पार्षद उमेद खन्ना ने अपने वार्ड की गली नंबर छह का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस गली की सीवर लाइन ब्लॉक व ओवरफ्लो रहती है। इस कारण से गली की इंटरलॉकिंग सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। उनके पास डी प्लान के तहत मिली राशि में से पांच लाख रुपये की राशि बची हुई है, जिससे यह नई सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू करवाया जा सकता है। पार्षद के मुताबिक उन्होंने इस मुद्दे पर एडीसी स्वप्निल रविंद्रा पाटिल से बात की तो उन्होंने तुरंत इसकी अनुमति दे दी और इस कार्य के लिए और बजट भी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, बीएंडआर सब कमेटी के सदस्य प्रीतम सैनी, जगमोहन मितल व मनोहर लाल सहित जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन बलविंद्र नैन, एसडीओ गुरतेज व जेई मनजीत, नगर निगम के एक्सईएन संदीप सिहाग, एक्सईएन संदीप कुमार, बीएंडआर से जेई राजकुमार, जितेंद्र श्योराण, ठेकेदार राजकुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हालांकि बैठक में तीनों विभाग के अधिकारी नाले की सफाई की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थौंपते नजर आए। बीएंडआर का कहना था कि पहले रोड के एक तरफ बरसाती नाला बना था, जो एचएसवीपी के अधीन था। बाद में इसे नगर निगम को सौंप दिया गया। इस लिहाज से निगम ही इसका मालिक है। वहीं, बीएंडआर के पास नाले की सफाई को लेकर संसाधन नहीं हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह रोड बीएंडआर का है और यह नाला उसी रोड के लिए बनाया गया है तो सफाई की जिम्मेदारी उनकी बनती है। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बोले निगम अधिकारियों ने कहा कि इससे पहले बीएंडआर ने आजाद नगर नाले की सफाई करवाई है तो वह इसकी सफाई करवा सकता है। इस पर बीएंडआर ने कहा कि उसे आजाद नगर नाले की सफाई करवाने में ढाई महीने लग गए थे। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर निगम हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास करके दे दे तो वह एस्टीमेट बनाकर भेज देंगे। उसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग उसकी सफाई करवा देगा।
विज्ञापन
याद रहे कि निगम हाउस की समीक्षा बैठक में दिल्ली रोड बरसाती नाले की लेवलिंग का मुद्दा उठा था। इस दौरान फैसला किया गया था कि टैंकरों की मदद से पानी डालकर नाले का डेमो करवाया जाएगा। शनिवार को नाले के डेमो को लेकर निगम व बीएंडआर के अधिकारी व बीएंडआर सब कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नाले की सफाई न होने के कारण जगह-जगह रुकावट है। इसके बाद सोमवार को बैठक कर फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
नाले के डेमो पर नहीं हुई चर्चा
बैठक में नाले के डेमो को लेकर कोई फैसला ही नहीं हुआ। इस दौरान बीएंडआर के अधिकारी बार-बार यही दोहराते रहे कि नाले का लेवल एकदम सही है। नाले में सीवर कनेक्शन के कारण रुकावट आ रही है। डेमो को लेकर बीएंडआर के जेई राजकुमार का कहना था कि लेवल जांचने की मशीन से लेवलिंग की जांच करवाई जा सकती है। तीनों विभागों के तकनीकी अधिकारी मिलकर यह जांच करवा सकते हैं। उधर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह कहते रहे कि पानी डलवाकर ही नाले के लेवल की जांच करवाई जानी चाहिए।
निगम सभी बरसाती नालों और डिस्पोजल सौंपेगा जनस्वास्थ्य विभाग को
निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि नगर निगम के पास बरसाती नाले सही मायने में होने ही नहीं चाहिए। जन स्वास्थ्य विभाग के पास शहर के सभी बरसाती नाले और डिस्पोजल होने चाहिए। बीएंडआर विभाग व नगर निगम दोनों बरसाती नालों की सालाना सफाई का कार्य नहीं कर सकते। गर्ग ने कहा कि नगर सुधार मंडल के अंतर्गत आने वाले बरसाती नाले, जिंदल चौक से तोशाम रोड डिस्पोजल लाइन व तोशाम रोड स्थित डिस्पोजल भी नगर निगम प्रशासन जन स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की दिशा में कार्य करेगा। बता दें कि ऑटो मार्केट बरसाती नाला व सभी सेक्टरों के बरसाती नालों के रखरखाव का जिम्मा नगर निगम के पास है।
नाले में सीवर कनेक्शन का मुद्दा भी उठा
बैठक में बरसाती नाले में लोगों द्वारा सीवर के कनेक्शन करने का मुद्दा भी उठा। हालांकि इस पर पार्षद उमेद खन्ना ने कहा कि अगर नाले में सीवर कनेक्शन होते तो नाले में बदबू भी आती, लेकिन कहीं भी बदबू नहीं आ रही है। इस पर बीएंडआर के अधिकारियों ने कहा कि जिंदल मोड़ से सेक्टर 9-11 तक सीवर लाइन नहीं है। इस कारण से लोगों ने नाले में सीवर के कनेक्शन किए हुए हैं। इस प्वाइंट पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यहां सीवर लाइन है, लेकिन वह सड़क के बीच में है। नाले में सीवर कनेक्शन की बात पर मेयर ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग सीवर लाइन बिछवाए और नाले में से कनेक्शन हटवाए।
बैठक में बीएंडआर सब कमेटी के चेयरमैन एवं वार्ड-6 के पार्षद उमेद खन्ना ने अपने वार्ड की गली नंबर छह का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस गली की सीवर लाइन ब्लॉक व ओवरफ्लो रहती है। इस कारण से गली की इंटरलॉकिंग सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। उनके पास डी प्लान के तहत मिली राशि में से पांच लाख रुपये की राशि बची हुई है, जिससे यह नई सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू करवाया जा सकता है। पार्षद के मुताबिक उन्होंने इस मुद्दे पर एडीसी स्वप्निल रविंद्रा पाटिल से बात की तो उन्होंने तुरंत इसकी अनुमति दे दी और इस कार्य के लिए और बजट भी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, बीएंडआर सब कमेटी के सदस्य प्रीतम सैनी, जगमोहन मितल व मनोहर लाल सहित जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन बलविंद्र नैन, एसडीओ गुरतेज व जेई मनजीत, नगर निगम के एक्सईएन संदीप सिहाग, एक्सईएन संदीप कुमार, बीएंडआर से जेई राजकुमार, जितेंद्र श्योराण, ठेकेदार राजकुमार आदि मौजूद रहे।