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Hisar News: आईसीसीसी प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल को पहले स्तर पर मिली मंजूरी
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आईसीसीसी प्रोजेक्ट के संबंध में आयोजित सिटी कमेटी की बैठक में मौजूद अधिकारी।
हिसार। इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को पहले स्तर पर मंजूरी मिल गई है। सोमवार को नगर निगम कार्यालय में शहरी स्तर पर गठित कमेटी की बैठक में आरएफपी पर मुहर लगाई गई। अब इसे राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। इस कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 157 करोड़ रुपये है।
प्रदेश सरकार की तरफ से करनाल, फरीदाबाद व गुरुग्राम की तर्ज पर हिसार में आईसीसीसी प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से नियुक्त सलाहकार ने शहर का सर्वे किया था। इस प्रोजेक्ट में कई विभागों की सेवाओं को शामिल किया जाना है तो डीपीआर तैयार करते समय उन विभागों की भी मदद ली गई। सरकार की तरफ से इस डीपीआर को मंजूर किया जा चुका है और अब टेंडर लगाने से पहले इसकी आरएफपी को तैयार किया जा रहा है।
आरएफपी के सभी पहलुओं पर की चर्चा
निगम आयुक्त नीरज की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेते हुए परियोजना की प्रगति और आरएफपी के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी बिंदु स्पष्ट, पारदर्शी और व्यावहारिक हों ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। निगमायुक्त ने बताया कि सभी विभागों की सहमति के बाद आरएफपी के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त शालिनी चेतल, चीफ इंजीनियर बीके कर्दम, एसई सतीश गर्ग, एक्सईएन भूपेंद्र सिंह, रविंद्र जाखड़, एमई अमित बेरवाल आदि मौजूद रहे।
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अनुमान खर्च राशि (रुपये में)
निगरानी-1643.50 लाख
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम-743.50 लाख
स्मार्ट वाटर-259.35 लाख
स्मार्ट सीवरेज-49.14 लाख
सिटीजन इंग्जमेंट-1062.90 लाख
आईसीसीसी-1463.25 लाख रुपये
डाटा सेंटर-2295.25 लाख रुपये
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर-1407.37 लाख
एमपीएलएस नेटवर्क-1580.00 लाख
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटीजेंसी-983.24 लाख
डीआर ऑन क्लाउड-400.00 लाख
ओपेक्स-1436.58 लाख रुपये
कैमरों से होगी सीवर, पेयजल गुणवत्ता व आपूर्ति, और वायु गुणवत्ता की निगरानी
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम और ई-चालान व्यवस्था को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ा जाएगा। इसी सेंटर से सीवर, पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता की भी निगरानी की जाएगी। फ्लो मीटर के माध्यम से पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की स्वतः जानकारी मिलेगी, जिससे रखरखाव आसान होगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा प्वाइंट्स की निगरानी और नियम उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था होगी। नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के लिए मोबाइल एप तैयार किया जाएगा।
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प्रदेश सरकार की तरफ से करनाल, फरीदाबाद व गुरुग्राम की तर्ज पर हिसार में आईसीसीसी प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से नियुक्त सलाहकार ने शहर का सर्वे किया था। इस प्रोजेक्ट में कई विभागों की सेवाओं को शामिल किया जाना है तो डीपीआर तैयार करते समय उन विभागों की भी मदद ली गई। सरकार की तरफ से इस डीपीआर को मंजूर किया जा चुका है और अब टेंडर लगाने से पहले इसकी आरएफपी को तैयार किया जा रहा है।
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आरएफपी के सभी पहलुओं पर की चर्चा
निगम आयुक्त नीरज की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेते हुए परियोजना की प्रगति और आरएफपी के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी बिंदु स्पष्ट, पारदर्शी और व्यावहारिक हों ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। निगमायुक्त ने बताया कि सभी विभागों की सहमति के बाद आरएफपी के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त शालिनी चेतल, चीफ इंजीनियर बीके कर्दम, एसई सतीश गर्ग, एक्सईएन भूपेंद्र सिंह, रविंद्र जाखड़, एमई अमित बेरवाल आदि मौजूद रहे।
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अनुमान खर्च राशि (रुपये में)
निगरानी-1643.50 लाख
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम-743.50 लाख
स्मार्ट वाटर-259.35 लाख
स्मार्ट सीवरेज-49.14 लाख
सिटीजन इंग्जमेंट-1062.90 लाख
आईसीसीसी-1463.25 लाख रुपये
डाटा सेंटर-2295.25 लाख रुपये
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर-1407.37 लाख
एमपीएलएस नेटवर्क-1580.00 लाख
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटीजेंसी-983.24 लाख
डीआर ऑन क्लाउड-400.00 लाख
ओपेक्स-1436.58 लाख रुपये
कैमरों से होगी सीवर, पेयजल गुणवत्ता व आपूर्ति, और वायु गुणवत्ता की निगरानी
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम और ई-चालान व्यवस्था को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ा जाएगा। इसी सेंटर से सीवर, पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता की भी निगरानी की जाएगी। फ्लो मीटर के माध्यम से पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की स्वतः जानकारी मिलेगी, जिससे रखरखाव आसान होगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा प्वाइंट्स की निगरानी और नियम उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था होगी। नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के लिए मोबाइल एप तैयार किया जाएगा।