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Hisar News: 24.76 करोड़ के पेयजल प्रोजेक्ट का काम शुरू, अग्रोहा में ग्रामीणों की जीत
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धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ बैठक करते पूर्व मंत्री अनूप धानक, भाजपा नेत्री आशा खेदड़ और डीपी
अग्रोहा। मीठे और स्वच्छ पेयजल की मांग को लेकर महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर पांच दिन से चल रहा पक्का मोर्चा शनिवार को समाप्त हो गया। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की मांगें मानने और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करवाने के बाद धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। आंदोलन की सफलता पर ग्रामीणों ने लड्डू बांटे, पटाखे फोड़े और डीजे की धुन पर नाचकर जश्न मनाया।
अग्रोहा की 14 हजार से अधिक आबादी लंबे समय से मीठे पानी की समस्या से जूझ रही थी। इसके समाधान के लिए सरकार ने 24 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से किशनगढ़ ब्रांच नहर से अग्रोहा जलघर तक पाइपलाइन बिछाने और वाटर वर्क्स के नवीनीकरण की परियोजना मंजूर की थी। जनस्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू किया तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी जमीन का हवाला देकर इसे रुकवा दिया और पुलिस बुला ली। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने सरपंच आत्माराम भुक्कल के नेतृत्व में पक्का मोर्चा शुरू कर दिया। हलका विधायक नरेश सेलवाल, कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया और कई सामाजिक संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया। शुक्रवार को महिलाओं ने मटका फोड़कर प्रदर्शन किया।
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शुक्रवार देर रात भाजपा नेत्री आशा खेदड़ और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से डीपी वत्स ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। शनिवार सुबह भाजपा नेत्री आशा खेदड़, पूर्व मंत्री अनूप धानक और डीपी वत्स की ग्रामीणों के साथ करीब दो घंटे बैठक हुई। मांगों पर सहमति बनने के बाद मौके पर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया और धरना समाप्त हो गया।
सरपंच आत्माराम भुक्कल ने कहा कि यह पूरे अग्रोहा गांव की एकता और मातृशक्ति की जीत है। परियोजना का काम शुरू होने से ग्रामीणों को मीठे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस मौके पर शीता ढाका, गुड्डी देवी, सुमन, रामपाल ताखर, राजपाल ढाका, महेंद्र खिचड़, कालू शेखावत और प्रमजीत जाखड़ मौजूद रहे।
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अग्रोहा की 14 हजार से अधिक आबादी लंबे समय से मीठे पानी की समस्या से जूझ रही थी। इसके समाधान के लिए सरकार ने 24 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से किशनगढ़ ब्रांच नहर से अग्रोहा जलघर तक पाइपलाइन बिछाने और वाटर वर्क्स के नवीनीकरण की परियोजना मंजूर की थी। जनस्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू किया तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी जमीन का हवाला देकर इसे रुकवा दिया और पुलिस बुला ली। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया।
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इसके बाद ग्रामीणों ने सरपंच आत्माराम भुक्कल के नेतृत्व में पक्का मोर्चा शुरू कर दिया। हलका विधायक नरेश सेलवाल, कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया और कई सामाजिक संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया। शुक्रवार को महिलाओं ने मटका फोड़कर प्रदर्शन किया।
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शुक्रवार देर रात भाजपा नेत्री आशा खेदड़ और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से डीपी वत्स ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। शनिवार सुबह भाजपा नेत्री आशा खेदड़, पूर्व मंत्री अनूप धानक और डीपी वत्स की ग्रामीणों के साथ करीब दो घंटे बैठक हुई। मांगों पर सहमति बनने के बाद मौके पर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया और धरना समाप्त हो गया।
सरपंच आत्माराम भुक्कल ने कहा कि यह पूरे अग्रोहा गांव की एकता और मातृशक्ति की जीत है। परियोजना का काम शुरू होने से ग्रामीणों को मीठे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस मौके पर शीता ढाका, गुड्डी देवी, सुमन, रामपाल ताखर, राजपाल ढाका, महेंद्र खिचड़, कालू शेखावत और प्रमजीत जाखड़ मौजूद रहे।